विश्व लंग कैंसर दिवस : समय रहते जांच से संभव है लंग कैंसर का इलाज
फेलिक्स हॉस्पिटल के वरिष्ठ ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. हरिओम अग्रवाल ने लंग कैंसर के प्रति जागरूक रहने की अपील की
नोएडा। विश्व लंग कैंसर दिवस के अवसर पर फेलिक्स हॉस्पिटल में शनिवार को जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में चिकित्सकों ने लोगों को लंग कैंसर के बढ़ते मामलों, इसके कारणों, शुरुआती लक्षणों, बचाव के उपायों और समय पर जांच के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
कैंसर कॉरपोरेट ऑफिस सेक्टर 83 में आयोजित कार्यक्रम में स्पेस्लिस्ट एंड रेडिएशन ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ हरी मोहन अग्रवाल ने बताया कि लंग कैंसर केवल धूम्रपान करने वालों तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रदूषण, निष्क्रिय धूम्रपान (पैसिव स्मोकिंग), औद्योगिक रसायनों के संपर्क और कुछ आनुवंशिक कारणों से भी यह बीमारी हो सकती है। इसलिए किसी भी व्यक्ति को लंबे समय तक खांसी, सांस लेने में परेशानी या खून के साथ खांसी जैसी समस्याओं को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
सेक्टर 137 में आयोजित कार्यक्रम में कंसल्टेंट पल्मोनोलॉजी डॉ प्रियदर्शिनी जितेंद्र कुमार ने बताया कि भारत में फेफड़ों के कैंसर के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है। इसका प्रमुख कारण तंबाकू का सेवन और बढ़ता वायु प्रदूषण है। हालांकि, चिकित्सा विज्ञान में हुई प्रगति के कारण अब लंग कैंसर की पहचान शुरुआती अवस्था में होने पर इसका प्रभावी उपचार संभव है। आधुनिक तकनीकों और नई दवाओं के माध्यम से मरीजों के जीवन की गुणवत्ता बेहतर बनाई जा सकती है।
लगातार तीन सप्ताह से अधिक समय तक रहने वाली खांसी, आवाज में बदलाव, सीने में दर्द, सांस फूलना, अचानक वजन घटना, बार-बार फेफड़ों में संक्रमण होना और खून की खांसी जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। समय पर सीटी स्कैन, एक्स-रे और अन्य आवश्यक जांच के माध्यम से बीमारी का पता लगाकर उपचार शुरू किया जा सकता है।
कंसल्टेंट पल्मोनोलॉजी डॉ सपना दीक्षित ने बताया कि लंग कैंसर से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका तंबाकू और धूम्रपान से पूरी तरह दूरी बनाना है। इसके अलावा कार्यस्थल पर हानिकारक रसायनों और धूल से बचाव के लिए सुरक्षा उपाय अपनाना, प्रदूषण से बचने के लिए मास्क का उपयोग करना और स्वस्थ जीवनशैली अपनाना भी जरूरी है। नियमित व्यायाम, संतुलित आहार और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कराने से कई गंभीर बीमारियों के खतरे को कम किया जा सकता है।
कार्यक्रम में मौजूद लोगों को यह भी बताया गया कि जिन लोगों को लंबे समय से धूम्रपान की आदत है या जिनके परिवार में कैंसर का इतिहास रहा है, उन्हें नियमित रूप से स्क्रीनिंग करानी चाहिए। इससे बीमारी का पता शुरुआती चरण में लगाया जा सकता है, जब इलाज की सफलता की संभावना काफी अधिक होती है।
आज भी कई लोग लक्षण दिखाई देने के बावजूद अस्पताल पहुंचने में देर कर देते हैं, जिसके कारण बीमारी गंभीर अवस्था में पहुंच जाती है। जागरूकता बढ़ाकर और समय पर जांच कराकर इस स्थिति को काफी हद तक बदला जा सकता है।धूम्रपान करने वाले परिजनों और मित्रों को इसे छोड़ने के लिए प्रेरित करें तथा किसी भी संदिग्ध लक्षण को नजरअंदाज न करें।
विश्व लंग कैंसर दिवस का उद्देश्य केवल बीमारी के प्रति जागरूकता फैलाना नहीं, बल्कि लोगों को यह संदेश देना भी है कि समय पर पहचान और सही इलाज से लंग कैंसर पर काफी हद तक नियंत्रण पाया जा सकता है। अस्पताल समय-समय पर ऐसे जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित करता रहेगा, ताकि अधिक से अधिक लोग इस गंभीर बीमारी के प्रति सतर्क रहें और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर अपने फेफड़ों की सुरक्षा कर सकें।


