लॉर्ड्स की ऐतिहासिक जीत के बाद भारतीय दिव्यांग क्रिकेट टीम की अमित शाह से मुलाकात

लॉर्ड्स की ऐतिहासिक जीत के बाद भारतीय दिव्यांग क्रिकेट टीम की अमित शाह से मुलाकात

नई दिल्ली। इंग्लैंड के सफल दौरे पर शानदार प्रदर्शन करते हुए भारतीय दिव्यांग क्रिकेट टीम ने लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर इंग्लैंड को 118 रन से हराकर देश का गौरव बढ़ाया। इस यादगार जीत के बाद 23 अगस्त 2026 को भारतीय टीम ने नई दिल्ली स्थित गारवी गुजरात भवन में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। अमित शाह ने पूरी टीम से आत्मीयता से मुलाकात कर खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन, मेहनत और जज्बे की सराहना की तथा उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।

इस महत्वपूर्ण मुलाकात में दिव्यांग क्रिकेट को और मजबूत बनाने, खिलाड़ियों के लिए बेहतर प्रशिक्षण एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं उपलब्ध कराने, आर्थिक सहयोग तथा रोजगार के अवसरों को लेकर चर्चा हुई। 

मुलाकात को संभव बनाने में DCCI के चेयरमैन, कॉरपोरेट अफेयर्स एंड कम्युनिकेशन, राजेश भारद्वाज की भूमिका विशेष रूप से उल्लेखनीय रही वहीं राजेश भारद्वाज लगातार इस बात पर जोर देते रहे हैं कि दिव्यांग खिलाड़ियों को केवल प्रतियोगिताओं में खेलने का अवसर देना पर्याप्त नहीं है। उन्हें ऐसा मजबूत और व्यवस्थित वातावरण मिलना चाहिए, जिसमें वे अपने खेल के साथ साथ सम्मानजनक और आत्मनिर्भर जीवन भी जी सकें।

इस अवसर पर DCCI के जनरल सेक्रेटरी रवि चौहान तथा WCIA के अध्यक्ष एवं DCCI के जॉइंट सेक्रेटरी स्क्वाड्रन लीडर अभय प्रताप सिंह (सेनि.) भी उपस्थित रहे।

अमित शाह ने BCCI के प्रेसिडेंट मिथुन मिन्हास और सेक्रेटरी देवजीत सैकिया को भी विशेष रूप से आमंत्रित किया और दिव्यांग क्रिकेट तथा खिलाड़ियों के भविष्य से जुड़े विषयों पर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। BCCI के शीर्ष नेतृत्व के साथ हुई यह चर्चा दिव्यांग क्रिकेट के लिए महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। उनके प्रयासों से भारतीय दिव्यांग क्रिकेट टीम को  अमित शाह से मिलने का महत्वपूर्ण अवसर प्राप्त हुआ।

लॉर्ड्स पर भारत की शानदार जीत

इंग्लैंड दौरे की सात मैचों की भारत-इंग्लैंड मिश्रित दिव्यांगता टी20 सीरीज के अंतिम मुकाबले में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 206 रन बनाए। अर्जुन गावरे ने 44 गेंदों पर 68 रन, जबकि कप्तान माजिद मग्रे ने सिर्फ 19 गेंदों पर नाबाद 63 रन की तेजतर्रार पारी खेली।

207 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की टीम भारतीय गेंदबाजों के सामने टिक नहीं सकी और 13.4 ओवर में 88 रन पर ऑलआउट हो गई। भारत की ओर से हिलाल अहमद वानी ने चार विकेट और जयेश परमार ने तीन विकेट हासिल किए। भारत ने मुकाबला 118 रन से जीत लिया। हालांकि सात मैचों की सीरीज इंग्लैंड ने 4-3 से जीती, लेकिन लॉर्ड्स की यह जीत भारतीय टीम के दौरे का सबसे गौरवपूर्ण क्षण रही।

जीत के बाद भारतीय खिलाड़ियों ने लॉर्ड्स की ऐतिहासिक बालकनी में तिरंगे के साथ जश्न मनाया। यह दृश्य वर्ष 2002 में सौरव गांगुली के ऐतिहासिक लॉर्ड्स जश्न की याद दिलाने वाला रहा और भारतीय क्रिकेट के इतिहास से एक भावनात्मक जुड़ाव भी बना।

दिव्यांग क्रिकेट के लिए नई उम्मीद

लॉर्ड्स की जीत ने भारतीय दिव्यांग क्रिकेटरों की प्रतिभा और क्षमता को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शित किया है। वहीं, श्री अमित शाह के साथ हुई मुलाकात ने खिलाड़ियों के बेहतर भविष्य को लेकर नई उम्मीद जगाई है।

राजेश भारद्वाज, रवि चौहान और स्क्वाड्रन लीडर अभय प्रताप सिंह (सेनि.) सहित DCCI के पदाधिकारी दिव्यांग क्रिकेट को मजबूत मंच देने और खिलाड़ियों के लिए बेहतर अवसर सुनिश्चित करने की दिशा में लगातार प्रयासरत हैं।