संगीत जगत में सफर केवल सफलता की कहानी नहीं , बल्कि संघर्ष, समर्पण और विश्वास की मिसाल एक कलाकार है - विकास  जैन

संगीत जगत में सफर केवल सफलता की कहानी नहीं , बल्कि संघर्ष, समर्पण और विश्वास की मिसाल एक कलाकार है - विकास  जैन

हाल ही में फिल्म इंडस्ट्री के वरिष्ठ निर्माता-निर्देशक पहलाज़ नीलहानी के निधन की खबर ने पूरे मनोरंजन जगत को शोक में डाल दिया। पहलाज़ निहालनी के निधन पर विकास भी हुए दुखी, जानें क्या कहा :- यह एक भावनात्मक क्षण था। उनका मानना है कि आगे बढ़ने की प्रेरणा और आशीर्वाद उन्हें ऐसे ही अनुभवी लोगों से मिली है उनके जाने के बाद एक खालीपन जरूर महसूस होता है!

भक्ति गीत लिखने व बनाने और गाने की महत्त्वकांक्षा निरंतर विकास के मन मे चलती रहती है इसी क्रम में उन्होंने एक जैन भजन भी तैयार किया, जिसकी सबसे बड़ी विशेषता इसकी मौलिकता है। इस भजन के शब्द, धुन और भाव पूरी तरह नए हैं। आज के दौर में जहां अक्सर पुराने गीतों को नए रूप में प्रस्तुत किया जाता है, वहां एक पूर्णतः मौलिक रचना तैयार करना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। यही कारण है कि सीमित प्रचार के बावजूद यह रचना श्रोताओं के बीच सराही गई। शव्द है  "जिन को मेरा शत शत प्रणाम, जिन दर्शन के शुभ परिणाम 
वो है बीर, वो है बीर वो महावीर"

विकास की गायकी का एक महत्वपूर्ण पक्ष यह भी है कि वे गीतों को केवल गाते नहीं, बल्कि उन्हें जीते हैं। संगीत की बारीकियों को समझना, भावों को सही तरीके से अभिव्यक्त करना और मंच पर प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करना उनकी विशेषता है। यही वजह है कि जिन्होंने भी उन्हें सुना है, वे उनकी कला की प्रशंसा किए बिना नहीं रहते। भक्ति संगीत में उनकी यात्रा यहीं नहीं रुकती। बालाजी महाराज पर आधारित भजन  "हनुमान जी बहुत ही पवित्र दिन है मंगलवार, महावीर जी की ही सृष्टि मे सरकार"

एक माता रानी की भेंट भी उनकी रचनात्मकता का हिस्सा हैं। उनकी एक लोकप्रिय माता भेंट के शब्द हैं—"माँ, द्वार तेरे तज संसार मैं आया,
मेरे मन-मंदिर को मैया, तूने ही महकाया।"

इन शब्दों में भक्ति, समर्पण और भावनाओं की गहराई स्पष्ट दिखाई देती है। विकास ने इसे जिस भावपूर्ण अंदाज में प्रस्तुत किया है, वह श्रोताओं को सीधे माता के चरणों तक पहुंचाने का अनुभव देता है।

 आध्यात्मिक संगीत में भी उनकी एक अलग छाप देखने को मिलती है। उनके द्वारा गाया गया "शिव रुद्राष्टकम् स्तोत्र" विशेष रूप से उल्लेखनीय है। भक्ति धारा चैनल से प्रस्तुत इस स्तोत्र को उन्होंने पहाड़ी राग के भावों में गाया है, गौस्वामी तुलसीदास जी महाराज दुवारा संस्कृत मे रचित यह स्तोत्र भगवान शिव को समर्पित है। प्रस्तुति में ऐसा भाव है जो श्रोताओं के मन में ऊर्जा और श्रद्धा का संचार करता है।

विकास की पहचान रोमांटिक गीतों से भी है। विकास जी नें अपने गीतों में स्वयं अभिनय किया, जिससे उनकी प्रस्तुतियां अधिक प्रभावशाली बन जाती हैं। हाल के वर्षों में उन्होंने कई रोमांटिक गीत रिलीज़ किए, जिन्हें अच्छे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और ऐसे यूट्यूब चैनलों पर स्थान मिला जिनके लाखों सब्सक्राइबर हैं। इन गीतों ने उन्हें पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके अतिरिक्त पार्टी सॉन्ग्स में भी उन्होंने अपनी प्रतिभा दिखाई है। युवा श्रोताओं के बीच उनके पार्टी ट्रैक्स को सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। उनकी आवाज़ में ऊर्जा और प्रस्तुति में आधुनिकता का ऐसा मेल देखने को मिलता है जो विभिन्न वर्गों के दर्शकों को आकर्षित करता है।

विकास के करियर की एक बड़ी उपलब्धि तब सामने आई जब उन्हें जगजीत सिंह साहब के तुम बिन फ़िल्म के मूल ट्रैक पर गाने का अवसर मिला। टी-सीरीज़ स्टेजवर्क के माध्यम से प्रस्तुत गीत  उनकी गायकी का स्तर दिखाता है। सुर, ताल और भाव के संतुलन ने यह साबित किया कि वे केवल एक गायक नहीं, बल्कि एक संवेदनशील कलाकार भी हैं।

आज उनका मुंबई आना-जाना लगातार बना रहता है। फिल्म, संगीत और मनोरंजन उद्योग से जुड़े कई प्रोजेक्ट्स मे काम मिल रहा हैं। धीरे-धीरे उनका नाम उन कलाकारों में शामिल हो रहा है जो अपनी मेहनत के दम पर पहचान बना रहे हैं।

हाल ही में एक अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में उनके गीत की स्क्रीनिंग होना भी उनके लिए गर्व का विषय रहा। ऐसे मंच नई संभावनाओं के द्वार भी खोलते हैं। इस अवसर के बाद कई लोगों ने विकास के बारे में जानना और उन्हें खोजना शुरू किया।

आज स्थिति यह है कि यदि कोई उनके नाम को यूट्यूब पर खोजता है तो उसे उनके गीत, भजन, रोमांटिक ट्रैक और विभिन्न प्रस्तुतियां आसानी से मिल जाती हैं। यह किसी भी स्वतंत्र कलाकार के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जाती है। लोकप्रियता का वास्तविक अर्थ केवल प्रसिद्ध होना नहीं, बल्कि लोगों के दिलों में जगह बनाना है।

संघर्ष अभी समाप्त नहीं हुआ है, लेकिन विकास का विश्वास, उनकी साधना और संगीत के प्रति समर्पण कम नहीं होता है। भक्ति से लेकर रोमांस और मंचीय प्रस्तुतियों तक, विकास जी लगातार अपनी कला को नए आयाम दे रहे हैं। शायद यही कारण है कि आज लोग केवल उनके गीत नहीं सुनते, बल्कि उनके अगले गीत का इंतजार भी करते हैं।