नीट धांधली के खिलाफ आवाज उठाने पर सपा प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य गौरव सिंघल को पुलिस ने किया नजरबंद

नीट धांधली के खिलाफ आवाज उठाने पर सपा प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य गौरव सिंघल को पुलिस ने किया नजरबंद

नॉएडा : देश के लाखों युवाओं और छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले NEET पेपर लीक मामले और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर ज्ञापन देने जा रहे समाजवादी पार्टी के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य एडवोकेट गौरव सिंघल को आज पुलिस प्रशासन द्वारा उनके आवास पर नज़रबंद (House Arrest) कर दिया गया।

एडवोकेट गौरव सिंघल समाजवादी पार्टी के पूर्व महानगर अध्यक्ष दीपक विग व अन्य कार्यकर्ताओं के साथ महामहिम राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपने जा रहे थे। इस ज्ञापन में राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) में हुई व्यापक अनियमितताओं, पेपर लीक की निष्पक्ष जांच कराने और नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे की मांग शामिल थी।

एडवोकेट गौरव सिंघल ने कहना कि "भाजपा सरकार युवाओं, छात्रों और मेधावी बच्चों के हक पर डाका डाल रही है। NEET जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा में हुई धांधली ने देश के लाखों परिवारों का विश्वास तोड़ दिया है। जब हम शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से महामहिम राष्ट्रपति जी तक जनता की आवाज पहुंचाना चाहते हैं, तो यह सरकार पुलिस के बल पर हमारी आवाज को दबाने की कोशिश कर रही है।"

 "प्रशासन द्वारा मुझे नजरबंद करना यह साबित करता है कि सरकार पेपर लीक माफियाओं को बचाने में लगी है और सच से डरती है। लेकिन समाजवादी पार्टी लोकतंत्र की हत्या नहीं होने देगी। पुलिसिया दमन के बावजूद, हम छात्रों के अधिकारों और न्याय की इस लड़ाई को सड़क से लेकर संसद तक जारी रखेंगे।"

समाजवादी पार्टी की मुख्य मांगें:
NEET परीक्षा धांधली की सुप्रीम कोर्ट की देखरेख में निष्पक्ष जांच कराई जाए।
 नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान तुरंत अपने पद से इस्तीफा दें।
 छात्रों के लोकतांत्रिक और संवैधानिक अधिकारों का हनन बंद किया जाए।
समाजवादी पार्टी पुलिस प्रशासन की इस तानाशाहीपूर्ण कार्रवाई की कड़े शब्दों में निंदा करती है और चेतावनी देती है कि यदि छात्रों को न्याय नहीं मिला, तो पार्टी पूरे प्रदेश में चरणबद्ध आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।