ग्रीन, क्लीन, ड्रीम भारत' बनाने का राष्ट्रव्यापी संकल्प : डॉ. दीपक गौड़

ग्रीन, क्लीन, ड्रीम भारत' बनाने का राष्ट्रव्यापी संकल्प : डॉ. दीपक गौड़

डॉ. दीपक रमेश गौड़ द्वारा 'पर्यावरण संकल्प यात्रा' का आगाज:

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर, 'ट्री मैन' डॉ. दीपक रमेश गौड़ द्वारा 'पर्यावरण संकल्प यात्रा' का शुभारंभ किया गया। इस यात्रा का उद्देश्य भारत को 'ग्रीन, क्लीन, ड्रीम भारत' बनाना और राजा भरत और सम्राट अशोक के गौरवशाली भारत के निर्माण का संकल्प लेना है।

यात्रा की शुरुआत सुबह 5 बजे से हुई, जब डॉ. गौड़ ने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेदा से प्राप्त ब्राह्मी के पौधे वितरित किए। इसके बाद, 7 बजे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शाखा पर पहुंचकर, उन्होंने 'वर्थ डे' यानी गुड़हल का पौधा लगाकर संकल्प लिया।

यह 'पर्यावरण संकल्प यात्रा' प्रदूषण भारत छोड़ो आंदोलन, 'लेट्स ग्रो फूड' और 'लेट्स ग्रो वेलनेस' जैसे महत्वपूर्ण उद्देश्यों को बढ़ावा देगी। डॉ. गौड़ ने सभी को शारीरिक और मानसिक प्रदूषण से मुक्त भारत के निर्माण का संकल्प दिलाया। यह यात्रा निरंतर गतिशील रहेगी, जिसके तहत पौधे लगाना और जागरूकता फैलाना जारी रहेगा।                                                                                                                      राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सप्त लक्ष्यों में पर्यावरण संरक्षण का शामिल होना वास्तव में एक बड़ी बात है। विश्व के सबसे बड़े गैर-लाभकारी संगठन का यह प्रयास निश्चित तौर पर देश में एक 'पर्यावरण क्रांति' ला सकता है, ठीक जैसे हरित क्रांति और दूध क्रांति ने बदलाव लाए थे। यंसेवक संघ के सप्त लक्ष्यों में पर्यावरण संरक्षण का शामिल होना वास्तव में एक बड़ी बात है। विश्व के सबसे बड़े गैर-लाभकारी संगठन का यह प्रयास निश्चित तौर पर देश में एक 'पर्यावरण क्रांति' ला सकता है, ठीक जैसे हरित क्रांति और दूध क्रांति ने बदलाव लाए थे।               

फुट नोट: एक पर्यावरण क्रांति का शंखनाद

'पर्यावरण संकल्प यात्रा' का शुभारंभ केवल पौधारोपण तक सीमित नहीं, बल्कि यह एक व्यापक पर्यावरण क्रांति का प्रतीक है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पर्यावरण गतिविधि के लक्ष्य के साथ यह पहल, विश्व के सबसे बड़े संगठन के माध्यम से देश में एक नई दिशा की ओर ले जाएगी।

गुड़हल का पौधा, जिसे 'वर्थ डे' यानी मातृशक्ति और धरा के सम्मान का प्रतीक मानकर लगाया गया, यह संदेश देता है कि पर्यावरण संरक्षण एक दैनिक आराधना है। संकल्प का यह पौधा जो अब नोएडा के शिक्षण संस्थान में स्थापित किया जाएगा, वह इस यात्रा के जन-जागरूकता अभियान को निरंतर गति देगा। यह पहल निश्चित तौर पर भविष्य में एक प्रेरणादायी क्रांति साबित होगी।