छात्रों को अपने कैरियर बनाने में सहायक बनने हेतु एमिटी विश्वविद्यालय ़़द्वारा 1 जून से 12 जून, 2026 तक एमिटी यूनिवर्सिटी समर स्कूल के ऐतिहासिक 20वें बैच का संचालन किया जा रहा है जिसमें 184 से अधिक छात्र हिस्सा ले रहे है। इस समर स्कूल के उद्घाटन की शुरुआत एक ज़बरदस्त ओरिएंटेशन सेशन के साथ हुई, जिसे आने वाले बैच को आपस में जोड़ने और प्रेरित करने के लिए डिज़ाइन किया गया था। इस अवसर पर एमिटी विश्वविद्यालय के चांसलर डा अतुल चौहान और एमिटी यूनिवर्सिटी समर स्कूल के अतिरिक्त निदेशक डा अंजनी कुमार भाटनागर ने छात्रों को प्रोत्साहित किया। विदित हो कि यह एमिटी यूनिवर्सिटी समर स्कूल अकादमिक खोज और कैंपस में रहने के अनुभव के एक बेहतरीन, विश्व-स्तरीय मेल के ज़रिए युवा मनों को गढ़ने की अपनी दो दशकों की विरासत का जश्न मनाता है।
इसमें भारत और विदेश के 100 से ज़््यादा बेहतरीन स्कूलों के 9वीं, 10वीं, 11वीं और 12वीं कक्षा के 184 छात्रों ने हिस्सा लिया। इन स्कूलों में मॉडर्न स्कूल, वसंत वैली स्कूल, मदर्स इंटरनेशनल स्कूल, वेल्हम बॉयज़ स्कूल (देहरादून), हेरिटेज एक्सपीरिएंशियल लर्निंग स्कूल (गुरुग्राम) और अन्य शामिल हैं।
एमिटी विश्वविद्यालय के चांसलर, डॉ. अतुल चौहान ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए उन्हें अपना सर्वश्रेष्ठ रूप बनने के लिए प्रेरित किया। एमिटी के मूल्यों के मूल आधार पर विचार करते हुए उन्होनें एमिटी शिक्षण समूह के संस्थापक अध्यक्ष, डॉ. अशोक के. चौहान के गहन दृष्टिकोण को साझा किया। उन्होंने छात्रों को याद दिलाया, जीवन का 20 प्रतिशत हिस्सा वह है जो आप अकादमिक रूप से हासिल करते हैं, लेकिन 80 प्रतिशत हिस्सा वह है कि आप लोगों से कैसे जुड़ते हैं। डा चौहान ने छात्रों से कहा कि वे अपने सीमित दायरे या क्षेत्रीय समूहों से बाहर निकलें, और इसके बजाय अगले 12 दिनों तक एक-दूसरे के साथ पूरी तरह घुल-मिल जाएं, ताकि वे अटूट और जीवन भर चलने वाले रिश्ते बना सकें। एमिटी यूनिवर्सिटी समर स्कूल द्वारा दिया जाने वाला विविध अकादमिक अनुभव छात्रों को वैश्विक अवसरों को पाने में कैसे सशक्त बनाता है, जिसके बाद कई पूर्व छात्र प्रतिष्ठित आइवी लीग और दुनिया के शीर्ष संस्थानों में दाखिला पाते हैं।
एमिटी यूनिवर्सिटी समर स्कूल के अतिरिक्त निदेशक डॉ. अंजनी कुमार भाटनागर ने एमिटी यूनिवर्सिटी समर स्कूल के व्यापक रणनीतिक दृष्टिकोण की रूपरेखा प्रस्तुत की, और छात्रों को वैश्विक उच्च शिक्षा में एक बेजोड़ अनुभव के लिए तैयार किया। आत्म-खोज, व्यावहारिक शिक्षा और विभिन्न विषयों के ज्ञान पर ज़ोर देते हुए कहा कि स्न 2009 में भारत में एमिटी ने ‘‘समर स्कूल’’ की शुरुआत की थी, जो दुनिया की कुछ चुनिंदा बेहतरीन यूनिवर्सिटीज़ में अपनाए जाने वाले गहन शैक्षणिक ढांचों की ही तरह था।
इस कार्यक्रम के ठोस और लंबे समय तक रहने वाले असर को दिखाते हुए, डॉ. अंजनी कुमार भाटनागर ने आदित्य झा का परिचय कराया, जो एमिटी यूनिवर्सिटी समर स्कूल की विरासत का एक बेहतरीन उदाहरण हैं। समर स्कूल के लगातार दो पिछले सत्रों में हिस्सा लेने के बाद, आदित्य अब एमिटी में बायोटेक्नोलॉजी के नियमित छात्र के तौर पर शामिल हो गए हैं। इसके साथ ही, वे श्यूनिवर्सिटी बडीश् के तौर पर भी सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं। यह यूनिवर्सिटी की एक अनोखी पहल है, जिसके तहत नियमित छात्रों को समर स्कूल में आए छात्रों के साथ जोड़ा जाता है, ताकि उन्हें हर तरह का मार्गदर्शन और साथियों का सहयोग मिल सके।
दो हफ़्ते का यह पूरी तरह से आवासीय समर स्कूल कार्यक्रम छात्रों को औपचारिक उच्च शिक्षा में दाखिला लेने से पहले, अपनी पसंद के करियर के रास्ते खोजने का एक अनोखा मौका देता है। छात्र 31 से ज्यादा अलग-अलग विषयों में से अपनी पसंद का विषय चुन सकते हैं। इन विषयों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, एयरोस्पेस और एवियोनिक्स, बायोटेक्नोलॉजी, साइबर सुरक्षा और ब्लॉकचेन, डेटा साइंस, फोरेंसिक साइंस, फैशन डिज़ाइन, कानून और मैनेजमेंट जैसे आधुनिक विषय शामिल हैं।
इस कार्यक्रम में हिस्सा लेने वाले छात्र एमिटी यूनिवर्सिटी कैंपस में बने सुरक्षित, शानदार और वातानुकूलित अपार्टमेंट सुइट्स में रहते हैं। इन सुइट्स में उनके लिए खास लाउंज, वाई-फ़ाई और 24 घंटे स्मार्ट-कार्ड सुरक्षा की सुविधा उपलब्ध है। लैब और क्लासरूम में पढ़ाई के कड़े घंटों के अलावा, इस कार्यक्रम में कई तरह की मज़ेदार एक्स्ट्रा-करिकुलर गतिविधियाँ, खेल और तकनीकी वर्कशॉप भी शामिल हैं। इन सभी गतिविधियों का संचालन विश्वविद्यालय के बेहतरीन प्रोफ़ेसर और इंडस्ट्री के विशेषज्ञ करते हैं। इस समर स्कूल का 20वां सत्र भी यूनिवर्सिटी की इस शानदार परंपरा को आगे बढ़ाने का वादा करता है। इसका मकसद छात्रों की छिपी प्रतिभा को बाहर लाना और उन्हें भविष्य का कॉर्पाेरेट और वैज्ञानिक जगत का नेतृत्व करने के लिए तैयार करना है।