राज्यसभा सांसद भुवनेश्वर कलिता से सामाजिक कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण भेंट, पर्यावरण संरक्षण महा सम्मेलन पर मंथन
नई दिल्ली | उत्तर प्रदेश सामाजिक कार्यकर्ता संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने संगठन के महासचिव डॉ. प्रशांत चौहान के नेतृत्व में वरिष्ठ समाजसेवी एवं राज्यसभा सांसद भुवनेश्वर कलिता से उनके नई दिल्ली स्थित निवास पर शिष्टाचार भेंट कर राष्ट्रहित से जुड़े विभिन्न समसामयिक विषयों पर विस्तृत एवं सकारात्मक चर्चा की। प्रतिनिधिमंडल में वाईएसएस फाउंडेशन के निदेशक श्री सचिन गुप्ता तथा सामाजिक कार्यकर्ता श्री रायन चौधरी भी शामिल रहे।
बैठक के दौरान जलवायु परिवर्तन, पर्यावरण संरक्षण, यमुना एवं जल संरक्षण, युवा सशक्तिकरण, सरकारी जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, स्वच्छता, सतत विकास, ग्रामीण खेलों के प्रोत्साहन तथा जनभागीदारी आधारित विकास मॉडल जैसे राष्ट्रीय महत्व के विषयों पर गंभीर एवं रचनात्मक विचार-विमर्श हुआ।
राज्यसभा सांसद भुवनेश्वर कलिता ने सामाजिक संस्थाओं की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि वर्तमान समय की पर्यावरणीय एवं सामाजिक चुनौतियों का समाधान सरकार, सामाजिक संगठनों, युवाओं एवं नागरिक समाज के सामूहिक प्रयासों से ही संभव है। उन्होंने युवाओं से राष्ट्र निर्माण, पर्यावरण संरक्षण तथा सामाजिक सेवा के अभियानों में सक्रिय सहभागिता निभाने का आह्वान किया।
उत्तर प्रदेश सामाजिक कार्यकर्ता संगठन के महासचिव डॉ. प्रशांत चौहान ने बताया कि सितंबर 2026 में नोएडा में "पर्यावरण संरक्षण महा सम्मेलन" का आयोजन किया जाएगा। इस राष्ट्रीय सम्मेलन में देशभर से कॉर्पोरेट जगत, कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) संस्थान, शिक्षाविद्, नीति विशेषज्ञ, स्वयंसेवी संगठन, सामाजिक कार्यकर्ता, युवा नेतृत्व, पर्यावरणविद् एवं विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य व्यक्ति सहभागिता करेंगे। सम्मेलन का उद्देश्य जलवायु परिवर्तन से निपटने, पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने, युवाओं को नेतृत्व के लिए प्रेरित करने तथा सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में जनभागीदारी को सशक्त करना है।
वाईएसएस फाउंडेशन के निदेशक सचिन गुप्ता ने संस्था द्वारा संचालित यमुना स्वच्छता अभियान, पर्यावरण संरक्षण, स्वास्थ्य जागरूकता, युवा नेतृत्व विकास तथा आयुष्मान भारत, ई-श्रम, सामाजिक सुरक्षा एवं अन्य सरकारी जनकल्याणकारी योजनाओं को पात्र लाभार्थियों तक पहुँचाने के प्रयासों की जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि सामाजिक संस्थाओं की सक्रिय भागीदारी से सरकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी एवं पारदर्शी ढंग से पहुँचाया जा सकता है।
बैठक सौहार्दपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुई। सभी पक्षों ने पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन के प्रति जनजागरूकता, युवा सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार, सामाजिक विकास तथा जनभागीदारी आधारित अभियानों को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए भविष्य में संयुक्त रूप से कार्य करने पर सहमति व्यक्त की।
यह संवाद राष्ट्रहित, पर्यावरण संरक्षण और युवा नेतृत्व को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में उभरकर सामने आया।


