नेक्स्ट-जन इंटेलिजेंट सिस्टम्स: जनरेटिव एआई, साइबर रेजिलिएंस, क्लाउड-नेटिव आर्किटेक्चर्स एवं डेटा इंटेलिजेंस पर फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम का शुभारंभ

नेक्स्ट-जन इंटेलिजेंट सिस्टम्स: जनरेटिव एआई, साइबर रेजिलिएंस, क्लाउड-नेटिव आर्किटेक्चर्स एवं डेटा इंटेलिजेंस पर फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम का शुभारंभ

नोएडा। एमिटी विश्वविद्यालय उत्तर प्रदेश के एमिटी स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (ASET), नोएडा के कंप्यूटर साइंस एवं इंजीनियरिंग विभाग द्वारा एमिटी एकेडमिक स्टाफ कॉलेज तथा विज्ञान भारती (VIBHA) के सहयोग से 8 से 12 जून 2026 तक आयोजित पांच दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (FDP) का शुभारंभ हुआ। “Next-Gen Intelligent Systems: Generative AI, Cyber Resilience, Cloud-Native Architectures & Data Intelligence” विषय पर आयोजित यह कार्यक्रम हाइब्रिड मोड में संचालित किया जा रहा है, जिसमें भारत एवं विदेश के विभिन्न उच्च शिक्षण संस्थानों के शिक्षकों, शोधार्थियों तथा उद्योग जगत के विशेषज्ञों की सहभागिता सुनिश्चित हुई।

इस अवसर पर एमिटी स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, नोएडा के निदेशक प्रो. (डॉ.) मनोज कुमार पाण्डेय ने सभी अतिथियों, वक्ताओं एवं प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कहा कि यह फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम प्रतिभागियों को जनरेटिव एआई, क्लाउड-नेटिव प्रौद्योगिकियों, साइबर रेजिलिएंस तथा डेटा इंटेलिजेंस जैसे उभरते क्षेत्रों में नवीनतम ज्ञान एवं व्यावहारिक दृष्टिकोण प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों का उद्देश्य केवल शिक्षकों के कौशल विकास तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि अर्जित ज्ञान एवं कौशल को विद्यार्थियों तक पहुंचाकर उनके समग्र कौशल विकास को भी सुनिश्चित करना चाहिए।

कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में एमिटी विश्वविद्यालय उत्तर प्रदेश के अतिरिक्त प्रो-वाइस चांसलर एवं डीन (एकेडमिक्स) प्रो. (डॉ.) सुनील कुमार खत्री मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। अपने उद्बोधन में उन्होंने कृत्रिम बुद्धिमत्ता, साइबर सुरक्षा तथा डेटा-आधारित निर्णय प्रणालियों की वर्तमान एवं भविष्य की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उच्च शिक्षा संस्थानों को तकनीकी नवाचारों के साथ निरंतर स्वयं को अद्यतन करना आवश्यक है।

विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित विज्ञान भारती (VIBHA), पश्चिमी उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखंड के संगठन सचिव श्री आशुतोष सिंह ने भारतीय ज्ञान परंपरा एवं आधुनिक विज्ञान-प्रौद्योगिकी के समन्वय पर बल देते हुए ऐसे कार्यक्रमों की महत्ता को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि शिक्षक विकास कार्यक्रमों का उद्देश्य शिक्षकों को ऐसे कौशल एवं ज्ञान से सुसज्जित करना है, जो विद्यार्थियों में उद्यमशीलता के मूल्य विकसित करने तथा उनके उद्यमशीलता-आधारित करियर को दिशा देने में सहायक हों। उन्होंने उत्तर प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित नवाचारों एवं उद्यमों का प्रमुख केंद्र बनाने हेतु किए जा रहे प्रयासों की जानकारी भी साझा की।

श्री आशुतोष सिंह ने सुझाव दिया कि भविष्य में एमिटी विश्वविद्यालय अपने शिक्षक विकास कार्यक्रमों का पंजीकरण मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम (MMTTP) के अंतर्गत भी करा सकता है। उन्होंने बताया कि इसके लिए आधिकारिक पंजीकरण पोर्टल https://mmc.ugc.ac.in है, जहां कार्यक्रम से संबंधित विस्तृत जानकारी उपलब्ध है।

दूसरे विशिष्ट अतिथि एवं प्रसिद्ध साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ प्रो. अमित दुबे ने साइबर खतरों के निरंतर बदलते स्वरूप तथा डिजिटल सुरक्षा के क्षेत्र में अकादमिक एवं औद्योगिक सहयोग की आवश्यकता पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने साइबर अपराधों से जुड़े कुछ चर्चित मामलों का उल्लेख करते हुए प्रतिभागियों को डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया।

उद्घाटन सत्र का संचालन एवं समन्वयन डॉ. विभा नेहरा तथा डॉ. शिल्पी शर्मा द्वारा किया गया। कार्यक्रम में एमिटी विश्वविद्यालय के नामित शिक्षकों के साथ-साथ भारत एवं विदेश के विभिन्न उच्च शिक्षण संस्थानों के अनेक शिक्षकों एवं शोधार्थियों ने ऑफलाइन एवं ऑनलाइन माध्यम से सहभागिता की।

कार्यक्रम के सफल आयोजन हेतु विज्ञान भारती (VIBHA) के सहयोग एवं आवश्यक समर्थन के लिए श्री आशुतोष सिंह के प्रति विशेष आभार व्यक्त किया गया। इस अवसर पर प्रो. अमित दुबे एवं श्री आशुतोष सिंह का सम्मान भी किया गया।

सम्मान समारोह में प्रो. (डॉ.) सुनील कुमार खत्री, प्रो. (डॉ.) मनोज कुमार पाण्डेय, डॉ. मोहित वर्मा (निदेशक – एकेडमिक मॉनिटरिंग एवं सपोर्ट, एमिटी विश्वविद्यालय उत्तर प्रदेश), प्रो. अभिषेक सिंघल, डॉ. विभा नेहरा, डॉ. शिल्पी शर्मा, प्रो. सुमित गुप्ता, प्रो. अनुप कुमार शुक्ला, प्रो. नीरज सिंह तथा एमिटी विश्वविद्यालय के शिक्षक जो विज्ञान भारती के आजीवन सदस्य भी है, तथा अन्य एमिटी शिक्षकों ने सहभागिता की।

कार्यक्रम में देश-विदेश के प्रतिष्ठित शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं एवं उद्योग विशेषज्ञों द्वारा विभिन्न तकनीकी विषयों पर व्याख्यान एवं संवाद सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिससे प्रतिभागियों को उभरती प्रौद्योगिकियों के नवीनतम रुझानों, चुनौतियों एवं अनुप्रयोगों की गहन समझ प्राप्त होगी।

— समाप्त —