लोकल से ग्लोबल की उड़ान: ‘द ग्रैंड एक्सपो 2026’ का आगाज़ विकसित भारत के संकल्प को एमएसएमई का संबल
22 अक्टूबर से 5 नवंबर तक राष्ट्रीय हस्तशिल्प एवं हथकरघा महोत्सव, बाबा खड़ग सिंह मार्ग में देशभर के हस्तशिल्प, हथकरघा उत्पादों का होगा प्रदर्शन, पारंपरिक कलाकृतियों, वस्त्रों, आभूषणों, गृह सज्जा उत्पादों और क्षेत्रीय व्यंजनों के आकर्षण के साथ सजेगा एक्सपो
नई दिल्ली। भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय (एमएसएमई) के सहयोग से ‘आर्ट एंड क्राफ्ट विकास संस्थान’ द्वारा भारतीय हस्तशिल्प, हथकरघा और स्वदेशी उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से राजधानी में ‘द ग्रैंड एक्सपो 2026’ का भव्य शुभारंभ हो गया है। यह प्रदर्शनी 22 अक्टूबर से प्रारंभ हो कर 5 नवम्बर, 2026 तक चलेगा। यह राष्ट्रीय प्रदर्शनी नई दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित ओपेन स्पेस, स्टेट एम्पोरिया कॉम्प्लेक्स, बाबा खड़क सिंह मार्ग पर आयोजित की जा रही है। पंद्रह दिवसीय यह आयोजन भारतीय शिल्प परंपराओं, स्थानीय उत्पादों और उद्यमशीलता को व्यापक पहचान दिलाने के साथ-साथ ‘लोकल टू ग्लोबल’ के संकल्प को आगे बढ़ाने का एक सशक्त प्रयास है।
दीपावली विशेष के रूप में आयोजित इस एक्सपो का मुख्य उद्देश्य देश के विभिन्न क्षेत्रों की समृद्ध हस्तशिल्प और हथकरघा परंपराओं को एक साझा मंच उपलब्ध कराना है। इसके माध्यम से पारंपरिक कौशल से जुड़े कारीगरों, बुनकरों और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को अपने उत्कृष्ट उत्पादों के प्रदर्शन तथा संभावित ग्राहकों तक सीधी पहुंच बनाने का अवसर मिल रहा है। यह आयोजन भारतीय रचनात्मकता, सांस्कृतिक विविधता और स्वदेशी उत्पादन की क्षमता को प्रभावी ढंग से रेखांकित करता है।
‘द ग्रैंड एक्सपो 2026’ के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए पूर्व सांसद एवं राष्ट्रीय लोक दल के संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष के. सी. त्यागी ने कहा कि एमएसएमई क्षेत्र का विस्तार और छोटे कारीगरों को रोजगार एवं कम लागत पर आर्थिक अवसर उपलब्ध कराए बिना आत्मनिर्भर भारत का लक्ष्य अधूरा रहेगा। उन्होंने एमएसएमई मंत्रालय की कम ब्याज दर पर ऋण एवं सुविधाएं उपलब्ध कराने की पहल की सराहना करते हुए आयोजकों को इस आयोजन के लिए धन्यवाद दिया।
प्रदर्शनी में हथकरघा एवं वस्त्र, हस्तशिल्प, गृह सज्जा (होम डेकोर), आधुनिक फैशन एवं पारंपरिक आभूषण, पॉटरी तथा टेराकोटा सहित विभिन्न श्रेणियों के आकर्षक उत्पाद प्रदर्शित किए गए हैं। देश की विविध शिल्प परंपराओं से जुड़े हस्तनिर्मित उत्पादों के साथ-साथ आगंतुकों को विभिन्न राज्यों के लजीज क्षेत्रीय व्यंजनों का स्वाद लेने का अवसर भी मिल रहा है। इस प्रकार यह एक्सपो केवल खरीदारी और उत्पाद प्रदर्शन तक सीमित न रहकर भारतीय कला, संस्कृति और खानपान की विविधता से रूबरू कराने वाला एक प्रमुख केंद्र बन गया है।
आर्ट एंड क्राफ्ट विकास संस्थान के सचिव राजकुमार कश्यप ने बताया कि ऐसे आयोजनों का उद्देश्य स्थानीय कारीगरों और उद्यमियों को व्यापक बाजार से जोड़ना तथा भारतीय उत्पादों की साख को मजबूत करना है। ‘लोकल टू ग्लोबल’ की अवधारणा के तहत स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देना और पारंपरिक शिल्प को नए उपभोक्ताओं तक पहुंचाना इस पहल का महत्वपूर्ण पहलू है। एक्सपो में आम जनता का प्रवेश पूरी तरह से निःशुल्क है और यह प्रतिदिन सुबह 11:00 बजे से लेकर रात 8:00 बजे तक खुला रहेगा। इससे परिवार सहित आने वाले लोग खरीदारी के साथ-साथ हमारी समृद्ध लोक-संस्कृति का भी आनंद ले सकें।"
वहीं, संस्था की अध्यक्ष प्रमिला तिवारी ने कहा कि संस्थान विपणन और सामाजिक विकास के क्षेत्र में लंबे समय से सक्रिय भूमिका निभा रहा है। विभिन्न शहरों में आयोजित विपणन कार्यक्रमों के अनुभवों के आधार पर संस्था कारीगर समुदायों के आर्थिक सशक्तीकरण, पारंपरिक धरोहरों के संरक्षण और नई उद्यमिता को प्रोत्साहित करने की दिशा में निरंतर प्रयासरत है।


