वैदिक मंत्रों से गूंजा बंबावड़, स्वामी शिवानंद ने दिया धर्म और सदाचार का संदेश
बंबावड़ (दादरी), गौतम बुद्ध नगर। सनातन धर्म के संरक्षण एवं वैदिक संस्कृति के प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से ग्राम बंबावड़ में आयोजित 26 दिवसीय चतुर्वेद पारायण महायज्ञ के आठवें दिन श्रद्धा, भक्ति और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच यज्ञ संपन्न हुआ। कार्यक्रम के मीडिया प्रभारी ओमवीर आर्य ऐडवोकेट ने बताया कि प्रातःकालीन यज्ञ के यजमान श्रीनिवास आर्य के सुपुत्र पंकज आर्य सपत्नी रहे। यज्ञ में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने आहुति देकर विश्व कल्याण एवं समाज की सुख-समृद्धि की कामना की।
इस अवसर पर स्वामी शिवानंद ने अपने प्रेरक प्रवचन में कहा कि महर्षि मनु के अनुसार सज्जन, धर्मात्मा और परोपकारी व्यक्ति का दीर्घायु होना समाज के लिए कल्याणकारी होता है, क्योंकि वह जीवनभर सत्कर्मों का संचय करता है। वहीं पाप, छल और अधर्म के मार्ग पर चलने वाला व्यक्ति जितना अधिक जीवित रहता है, उतने ही अधिक पापों का बोझ बढ़ाता है। उन्होंने उपस्थित श्रद्धालुओं से सत्य, सेवा, सदाचार और वैदिक जीवन-पद्धति अपनाने का आह्वान किया।
महायज्ञ में अखिल भारतीय भट्टा एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट ओमवीर सिंह आर्य (डेवटा), मूलचंद शर्मा, प्रेमचंद आर्य, महरचंद महाशय, श्रीनिवास आर्य, चरण सिंह आर्य, दिवाकर आर्य, सतवीर आर्य, महेंद्र सिंह आर्य, शिव मुनि वानप्रस्थी, स्वामी पूर्णानंद, आचार्य रघुराज, स्वामी सत्यव्रत (अजमेर), भोपाल नागर, ब्रह्म सिंह मुकद्दम, बिजेंद्र सिंह आर्य, शेखर आर्य, अंगद नागर, वीरेंद्र शास्त्री, महेंद्र आर्य, वेदपाल महाशय, मास्टर किरपाल आर्य सहित सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के संयोजक महेंद्र सिंह आर्य ने क्षेत्रवासियों से अधिक से अधिक संख्या में महायज्ञ में शामिल होकर वैदिक संस्कृति के इस महान आयोजन का पुण्य लाभ प्राप्त करने की अपील की।


