रास्ताफारी वेलनेस के विश्लेषण में 68% प्रिस्क्रिप्शन रिकॉर्ड में नींद से जुड़ी समस्याएं पाई गई
कंसल्टेशन डेटा के छह महीने के विश्लेषण से वयस्क उपभोक्ताओं के बीच नींद, तनाव और चिंता से जुड़ी समस्याओं का पता चला है। इसके अलावा यह भी पता चला है कि पौधों से बने वेलनेस उत्पादों के इस्तेमाल में वैज्ञानिक रिसर्च और प्रमाणों पर आधारित जानकारी कितनी जरूरी है।
ग्रेटर नोएडा: आधुनिक और रिसर्च-आधारित दृष्टिकोण के ज़रिए वनस्पति-आधारित वेलनेस पर केंद्रित भारतीय ब्रांड 'रास्ताफारी वेलनेस' द्वारा किए गए प्रिस्क्रिप्शन रिकॉर्ड के विश्लेषण में अनिद्रा (इंसोम्निया) और नींद से जुड़ी समस्याओं को सबसे ज़्यादा दर्ज किया गया। छह महीनों के दौरान इकट्ठा किए गए रिकॉर्ड की जांच-पड़ताल से पता चला कि 68.10% मामलों में नींद से जुड़ी समस्याएं थीं, जबकि 31.13% मामलों में एंग्जायटी (चिंता) और 28.12% मामलों में तनाव की समस्या देखी गई। ये नतीजे ब्रांड के वयस्क ग्राहकों के साथ कंसल्टेशन के दौरान सामने आई समस्याओं के बारे में जानकारी देते हैं।
ये निष्कर्ष ऐसे समय में सामने आए हैं जब भारत में नींद से जुड़ी सेहत पर पहले से कहीं ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है। 2025 में 'इंडियन जर्नल ऑफ पब्लिक हेल्थ' में प्रकाशित एक व्यवस्थित समीक्षा और मेटा-विश्लेषण में भारतीय डेटा का उपयोग करने वाले 100 अध्ययनों की जांच की गई। इसमें अनिद्रा (इंसोम्निया) की कुल व्यापकता का अनुमान 25.7% लगाया गया। हालांकि इस अनुमान की तुलना सीधे तौर पर रास्ताफारी वेलनेस के प्रिस्क्रिप्शन रिकॉर्ड से नहीं की जा सकती, लेकिन यह रिसर्च नींद से जुड़ी समस्याओं को समझने और उन पर ध्यान देने के लिए एक व्यापक संदर्भ जरूर प्रदान करती है।
ब्रांड के डेटासेट में मौजूद उम्र से जुड़े आंकड़े भी विश्लेषण में शामिल उपभोक्ताओं की जानकारी देते हैं। रिकॉर्ड के अनुसार कंसल्टेशन कराने वाले उपभोक्ताओं की औसत उम्र 27.9 वर्ष थी, जबकि 25 से 34 वर्ष की उम्र के लोगों की हिस्सेदारी कुल प्रिस्क्रिप्शन रिकॉर्ड में 58.75% थी। रास्ताफारी वेलनेस की नीति के मुताबिक, केवल 21 वर्ष या उससे अधिक उम्र के लोग ही इसकी सेवाएं ले सकते हैं। इसके ज्यादातर ग्राहक 21 से 35 वर्ष की उम्र के वयस्क हैं। ग्राहकों में 60.49% पुरुष और 39.51% महिलाएं हैं।
नींद की कमी, तनाव और चिंता जैसी समस्याएं रोजमर्रा की जिंदगी, एकाग्रता और सेहत पर असर डाल सकती हैं। हालांकि इनके कारण और गंभीरता हर व्यक्ति में अलग-अलग हो सकते हैं। वेलनेस कंसल्टेशन के रिकॉर्ड से यह समझने में मदद मिल सकती है कि लोग किन समस्याओं को लेकर सलाह लेते हैं। लेकिन इन रिकॉर्ड के आधार पर किसी बीमारी का डायग्नोसिस करना या उसके असली कारण का पता लगाना संभव नहीं है। अगर नींद से जुड़ी समस्याएं या चिंता लंबे समय तक बनी रहती हैं, तो सही कारण जानने और उचित इलाज के लिए किसी योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है।
रास्ताफारी वेलनेस के फाउंडर अवधूत चवन ने कहा, "वेलनेस एक व्यक्तिगत प्रक्रिया होती है। यह प्रक्रिया हर किसी की ज़रूरतों और अनुभवों से मिलकर बनती है। रास्ताफारी वेलनेस में हमारा उद्देश्य पारंपरिक बॉटैनिकल जानकारी को बदलती वैज्ञानिक समझ के साथ लोगों के बीच फैलाना है। हमारे कंसल्टेशन के नतीजे लोगों की समस्याओं को शुरुआती तौर पर समझने और आगे रिसर्च के लिए नए विषयों की पहचान करने में मदद करते हैं। हालांकि इनके आधार पर पूरी आबादी में वेलनेस से जुड़े रुझानों या किसी प्रोडक्ट के प्रभाव के बारे में स्पष्ट निष्कर्ष नहीं निकाले जा सकते। हमारा मानना है कि यह संतुलित दृष्टिकोण भारत में वेलनेस के प्रति लोगों को ज्यादा जागरूक बनाने और उन्हें सही जानकारी के आधार पर फैसले लेने में मदद कर सकता है।"
समय के साथ वनस्पति-आधारित वेलनेस में लोगों की रुचि बढ़ रही है। ऐसे में ये निष्कर्ष जिम्मेदार कंसल्टेशन, प्रोडक्ट्स के बारे में सही और स्पष्ट जानकारी देने और वैज्ञानिक शोध पर ध्यान देने की जरूरत को दर्शाते हैं। रास्ताफारी वेलनेस का उद्देश्य पारंपरिक वनस्पति ज्ञान को आधुनिक वैज्ञानिक रिसर्च के साथ जोड़ना है। इसके लिए प्रोडक्ट्स की गुणवत्ता, उनके बारे में पारदर्शी जानकारी और योग्य विशेषज्ञों की उचित सलाह को प्राथमिकता दी जाती है।
रास्ताफारी वेलनेस के बारे में
रास्ताफारी वेलनेस एक भारतीय वेलनेस ब्रांड है। यह पौधों पर आधारित वेलनेस के लिए एक आधुनिक और रिसर्च-आधारित दृष्टिकोण अपनाता है। यह ब्रांड इस सोच पर बना है कि पारंपरिक वनस्पति जानकारी और आज के वेलनेस इनोवेशन को एक साथ लाया जा सकता है। इसका उद्देश्य आज के वयस्क उपभोक्ताओं के लिए वेलनेस को ज्यादा सुलभ, प्रासंगिक और आकर्षक बनाना है। हेम्प और विजया पर आधारित वेलनेस उत्पादों जैसे कि गमीज़ और लिक्विड शॉट्स की अपनी बढ़ती रेंज के साथ रास्ताफारी वेलनेस एक बेहतरीन ब्रांडिंग के साथ-साथ प्रोडक्ट डेवलपमेंट (उत्पाद विकास), ग्राहकों को जागरूक करने और नियमों का पूरी तरह पालन करते हुए काम करने पर ध्यान देता है। यह ब्रांड भारतीय कानूनों और नियमों के दायरे में रहते हुए पौधों पर आधारित वेलनेस के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए प्रतिबद्ध है। रास्ताफारी वेलनेस सिर्फ एक उत्पाद नहीं, बल्कि जीने का एक तरीका है।


