निराला एस्टेट में 10 साल का इंतज़ार खत्म, मतभेदों के बीच शांतिपूर्वक संपन्न हुआ AOA चुनाव

निराला एस्टेट में 10 साल का इंतज़ार खत्म, मतभेदों के बीच शांतिपूर्वक संपन्न हुआ AOA चुनाव

16 अगस्त को हुआ मतदान, पूरी रात चली मतगणना; भारी पुलिस बल रहा मौजूद, हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार फिलहाल घोषित नहीं होंगे नतीजे

ग्रेटर नोएडा वेस्ट। निराला एस्टेट के लिए यह सिर्फ एक AOA चुनाव नहीं, बल्कि करीब 10 साल के लंबे इंतज़ार, आपसी मतभेदों, विवादों और अनिश्चितताओं के बाद आया एक महत्वपूर्ण दिन था। लंबे समय से प्रतीक्षित AOA चुनाव के लिए 16 अगस्त 2026 को मतदान शांतिपूर्ण और पारदर्शी तरीके से संपन्न हुआ।

चुनाव में निवासियों ने उत्साह के साथ भाग लिया और अच्छा मतदाता प्रतिशत (Voter Turnout) देखने को मिला। मतदान का समय एक घंटे बढ़ाकर शाम 4 बजे तक जारी रखना पड़ा। इसके बाद मतपत्रों (Ballot Papers) को व्यवस्थित करने की प्रक्रिया शुरू हुई और मतगणना 16 अगस्त की शाम 6 बजे शुरू होकर पूरी रात चली तथा 17 अगस्त 2026 की सुबह करीब 4 बजे पूरी हुई।

चुनाव की सबसे बड़ी चुनौती सीमित कर्मियों (Staff) की थी। चुनाव कराने में सहयोग करने वाले अधिकांश लोग बाहर से नहीं, बल्कि निराला एस्टेट के निवासी ही थे, जिन्होंने स्वयंसेवक (Volunteer) के रूप में अपना समय दिया। बिल्डर और फैसिलिटी स्टाफ ने भी मतदान की व्यवस्थाओं से लेकर मतगणना तक लगातार सहयोग किया।
मतदान के दौरान कुछ मौकों पर शोर-शराबा, बहस और तनाव की स्थिति बनी। पुलिस से सहायता माँगे जाने के बाद बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुँचा। मतगणना स्थल पर भी अंतिम समय तक पुलिस-प्रशासन की मौजूदगी बनी रही। चुनाव टीम और पुलिस के सहयोग से पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण तरीके से पूरी हुई।

इतनी लंबी प्रक्रिया के बाद टीम के सदस्यों के चेहरों पर थकान और आँखों में नींद थी, लेकिन साथ ही इस बात का संतोष भी था कि जिस चुनाव का निराला एस्टेट ने करीब एक दशक तक इंतज़ार किया, उसकी मतदान और मतगणना प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता के साथ संपन्न हो गई।
चुनाव प्रक्रिया से जुड़ी चुनाव समिति (Election Committee) में प्रशांत कुमार, दीपांशी, कीर्ति शेखर मिश्रा, श्रीमंतो बनर्जी और प्रियंक कुमार शामिल रहे। प्रेक्षक (Observers) अनीश जेरिश और शैलेंद्र सिंह, पीठासीन अधिकारी (Presiding Officer) अज़ीम खान तथा मतदान अधिकारी (Polling Officers) नवीन श्रीवास्तव और राजेंद्र सिंह चाहर ने ज़िम्मेदारी निभाई।

पूरी चुनाव टीम के साथ बिल्डर स्टाफ, फैसिलिटी टीम और स्वयंसेवकों का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा।

हालाँकि मतदान और मतगणना की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, लेकिन माननीय इलाहाबाद उच्च न्यायालय के आदेश (WRIT-C No. 27928 of 2026) के अनुपालन में न्यायालय की अनुमति के बिना चुनाव परिणाम घोषित नहीं किए जाएँगे और न ही उन्हें प्रभावी किया जाएगा। सभी प्रत्याशियों और निवासियों को अब न्यायालय के आगामी आदेश की प्रतीक्षा करनी होगी।

करीब 10 साल का इंतज़ार, आपसी मतभेद, सीमित संसाधन, तनाव के कुछ क्षण और पूरी रात चली मतगणना—इन सबके बावजूद चुनाव का शांतिपूर्वक संपन्न होना निराला एस्टेट के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।

इस सफलता का श्रेय निवासियों, पूरी चुनाव टीम, बिल्डर व फैसिलिटी स्टाफ, स्वयंसेवकों और पुलिस-प्रशासन के सामूहिक प्रयासों को जाता है। अब उम्मीद है कि यह चुनाव पुराने मतभेदों को पीछे छोड़कर एक बेहतर, पारदर्शी और एकजुट निराला एस्टेट की नई शुरुआत बनेगा।