भारत बोध कार्यशाला : 10 दिवसीय ज्ञान एवं संस्कृति अभियान का सफल समापन

भारत बोध कार्यशाला : 10 दिवसीय ज्ञान एवं संस्कृति अभियान का सफल समापन

ग्रेटर नोएडा। अंजना वेलफेयर सोसायटी (AWS) द्वारा संस्कृति विभाग, उत्तर प्रदेश के सहयोग से मिहिर भोज पी.जी. कॉलेज, दादरी में आयोजित 10 दिवसीय "भारत बोध" कार्यशाला का सफल समापन हुआ। कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों को भारत की सांस्कृतिक विरासत, राष्ट्रीय चेतना, भारतीय ज्ञान परंपरा तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) के मूल्यों से जोड़ना था।

दस दिनों तक विद्यार्थियों ने भारतीय इतिहास, संविधान, महापुरुषों के प्रेरक जीवन, स्थानीय इतिहास, भारतीय दर्शन, नाट्यशास्त्र, भगवद्गीता, लोक परंपराओं, कला एवं संस्कृति, नेतृत्व विकास तथा राष्ट्र निर्माण जैसे विविध विषयों पर आयोजित व्याख्यानों, संवाद सत्रों, कार्यशालाओं, सहभागितापूर्ण गतिविधियों एवं समूह चर्चाओं में सक्रिय सहभागिता की।

कार्यशाला का उद्देश्य केवल जानकारी प्रदान करना नहीं, बल्कि युवाओं में भारतीयता के प्रति गर्व, कर्तव्यबोध, सामाजिक उत्तरदायित्व तथा राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना विकसित करना था।

अंजना वेलफेयर सोसायटी के सचिव मनीष कुलश्रेष्ठ ने कहा कि "भारत बोध की यह दस दिवसीय कार्यशाला युवाओं को अपनी जड़ों से जोड़ने का एक प्रयास है। जब विद्यार्थी अपने इतिहास, संस्कृति और ज्ञान परंपरा को समझेंगे, तभी वे आत्मविश्वास के साथ राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभा सकेंगे।"

 मयूख भट्टाचार्य ने कहा कि "भारत की ज्ञान परंपरा केवल अतीत की धरोहर नहीं, बल्कि वर्तमान और भविष्य के लिए भी मार्गदर्शक है। ऐसी कार्यशालाएँ युवाओं में शोध, चिंतन और नवाचार की भावना विकसित करती हैं।"

ज़ोहैब हसन ने कहा कि "भारत बोध युवाओं को विविधता में एकता, संवैधानिक मूल्यों और सामाजिक समरसता का संदेश देता है। यह कार्यशाला विद्यार्थियों को जागरूक, संवेदनशील और जिम्मेदार नागरिक बनने की प्रेरणा देती है।"

अंजना वेलफेयर सोसायटी की संस्थापक एवं कथक कलाकार माया कुलश्रेष्ठ ने कहा कि "भारत बोध केवल इतिहास पढ़ाने का कार्यक्रम नहीं, बल्कि भारत को भारतीय दृष्टि से समझने और अनुभव करने का अभियान है। कला, संस्कृति, नाट्यशास्त्र, भगवद्गीता और भारतीय ज्ञान परंपरा आज भी युवाओं को जीवन-मूल्यों, नेतृत्व क्षमता और आत्मविश्वास की नई दिशा प्रदान कर सकती है।"

महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. किशोर कुमार ने कहा कि "यह दस दिवसीय कार्यशाला विद्यार्थियों के समग्र विकास की दिशा में अत्यंत उपयोगी सिद्ध हुई है। इससे विद्यार्थियों में भारतीय संस्कृति के प्रति सम्मान, नेतृत्व क्षमता, संवाद कौशल और राष्ट्र के प्रति उत्तरदायित्व की भावना और अधिक सुदृढ़ हुई है। ऐसे आयोजन शिक्षा को व्यवहारिक, मूल्यपरक और जीवनोपयोगी बनाते हैं।"

समापन समारोह में प्रतिभागी विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। सभी वक्ताओं ने भारत बोध अभियान को देशभर के विद्यालयों एवं महाविद्यालयों तक पहुँचाने का संकल्प व्यक्त किया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।