जेट्रो के चेयरमैन और सीईओ नोरिहिको इशिगुरो के नेतृत्व में वरिष्ठ प्रतिनिधिमंडल ने एमिटी विश्वविद्यालय किया दौरा

जेट्रो के चेयरमैन और सीईओ नोरिहिको इशिगुरो के नेतृत्व में वरिष्ठ प्रतिनिधिमंडल ने एमिटी विश्वविद्यालय किया दौरा

जापान एक्सटर्नल ट्रेड ऑरगनाइजेशन (जेट्रो) के चेयरमैन और सीईओ नोरिहिको इशिगुरो के नेतृत्व में 7 सदस्य प्रतिनिधिमंडल ने आज एमिटी विश्वविद्यालय का दौरा करके आपसी सहयोग की संभावनाओं पर विचार किया। इस प्रतिनिधिमंडल में जेट्रो की एक्जीक्यूटिव वाइस प्रेसीडेंट सुश्री अकिको ओकुमुरा, जेट्रों के प्लानिंग विभाग के ग्लोबल स्ट्रैटेजी (साउथवेस्ट एशिया) के सीनियर डायरेक्टर युजी एंडो, असिस्टेंट डायरेक्टर हारुनोबू हारा, जेट्रो इंडिया के चीफ डायरेक्टर जनरल डाइसाकू युकिता, सीनियर डायरेक्टर हरोकी कावासाकी, सीनियर डायरेक्टर ताकाहिरो नाकाओ, और असिस्टेंट डायरेक्टर सुश्री जेनिका कालरा शामिल थी।

इस प्रतिनिधिमंडल का स्वागत एमिटी विश्वविद्यालय की वाइस चांसलर डा बलविंदर शुक्ला और एमिटी साइंस टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन फांउडेशन के अध्यक्ष डा डब्लू सेल्वामूर्ती द्वारा किया गया।

जापान एक्सटर्नल ट्रेड ऑरगनाइजेशन (जेट्रो) के चेयरमैन और सीईओ नोरिहिको इशिगुरो ने संबोधित करते हुए कहा कि जापान और भारत के बीच नवाचार, प्रौद्योगिकी और मानव संसाधन पर बनी एक मज़बूत और टिकाऊ सहभागीता है क्योंकि जापान में ज़््यादा बुज़ुर्ग आबादी है, इसलिए देश अपनी बदलती कार्यबल की ज़रूरतों को पूरा करने और भविष्य के नवाचारों को आगे बढ़ाने के लिए दुनिया भर से युवा प्रतिभावान व्यवसायिकों का स्वागत कर रहा है। जापान को लंबे समय से इंजीनियरिंग, एडवांस्ड मैन्युफ़ैक्चरिंग, रिसर्च और टेक्नोलॉजिकल इनोवेशन में अपनी बेहतरीन काबिलियत के लिए जाना जाता है, और हमारा मानना है कि एमिटी विश्वविद्यालय जैसे बड़े अकादमिक संस्थान के साथ सहयोग इस रिश्ते को और मज़बूत करेगा। जैसे-जैसे जापानी इंडस्ट्रीज़ वैश्विक स्तर पर बढ़ रही हैं, कंपनियाँ ऐसे प्रतिभावान युवा व्यवसायिकों की तलाश में हैं जो नए आइडियाज़, नवाचार और वैश्विक नज़रिए के साथ सहयोग कर सकें, जिससे भारतीय छात्रों को जापानी उद्योगों के साथ इंटर्नशिप, अनुसंधान सहयोग और अच्छे करियर बनाने के बेहतरीन मौके मिलते हैं।

जापान एक सुरक्षित और अच्छी तरह से व्यवस्थित समाज देता है जो अनुशासन आपसी सम्मान और लगातार सीखने को प्रमुखता देता है, जिससे यह छात्रों के लिए पढ़ाई, काम करने और ग्लोबल करियर बनाने के लिए एक आदर्श स्थान बन जाता है।

एमिटी विश्वविद्यालय की वाइस चांसलर डा बलविंदर शुक्ला ने कहा कि एमिटी विश्वविद्यालय में हम अकादमिक उत्कृष्टता और मज़बूत अंतर्राष्ट्रीय सहयोग के ज़रिए वैश्विक स्तर पर काबिल व्यवसाियक तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। जेट्रो के साथ हमारी लंबे समय से चली आ रही सहभागीता, शिक्षा, अनुसंधान और उद्योगों के साथ जुड़ाव के ज़रिए भारत-जापान संबंधों को मज़बूत करने के हमारे साझा दृष्टिकोण को दिखाती है।

विश्वविद्यालय ने अकादमिक और उद्योग सहयोग को आसान बनाने के लिए एक खास ‘‘जापान हेल्प डेस्क’’ बनाया है। एमिटी में, जापानी भाषा को एक विदेशी भाषा के तौर पर पढ़ाया जाता है ताकि छात्र भाषाई और सांस्कृतिक दक्षता हासिल कर सकें। ‘‘साकुरा प्रोग्राम’’ जैसी पहलों के ज़रिए, हमारे छात्रों को जापान की शिक्षा प्रणाली, रिसर्च इकोसिस्टम और इनोवेशन कल्चर के बारे में अहम जानकारी और अनुभव मिलता है, जिससे सार्थक क्रॉस-कल्चरल समझ और ग्लोबल नज़रिया विकसित होता है।

जेट्रो की एक्जीक्यूटिव वाइस प्रेसीडेंट सुश्री अकिको ओकुमुरा ने कहा कि भारत और जापान के बीच नवाचार और प्रौद्योगिकी और लोगों के आपसी संबंधों पर आधारित एक मज़बूत और लगातार विकसित हो रहा रिश्ता है। ग्लोबल स्तर पर काबिल प्रोफेशनल्स की अगली पीढ़ी तैयार करने में विश्वविद्यालय़ अहम भूमिका निभाती हैं। हमें एमिटी विश्वविद्यालय जैसे संस्थानों के साथ मिलकर काम करने में खुशी है, जो छात्रों में अंतरराष्ट्रीय सोच, उद्योगों के लिए तैयारी और अलग-अलग संस्कृतियों की समझ को बढ़ावा दे रहे हैं।

इस मौके पर, जेट्रो टैलेंट फॉर जापान प्रोग्राम में हिस्सा लेने वाले एमिटी विश्वविद्यालय के बी टेक के छात्र सैनावा मोदक को उनकी शानदार उपलब्धि के लिए सम्मानित किया गया। अपना अनुभव बताते हुए सैनावा ने कहा, जेट्रो लीडरशिप की मौजूदगी में सम्मान मिलना मेरे लिए गर्व का पल और मेरे अकादमिक सफ़र का एक यादगार पड़ाव है। ‘‘टैलेंट फॉर जापान प्रोग्राम’’ ने मुझे जापान के इनोवेशन-आधारित इकोसिस्टम, टेक्नोलॉजी के मामले में बेहतरीन काम और वहां के अनोखे कार्य संस्कृती को करीब से जानने का बहुत कीमती मौका दिया। पढ़ाई और इंडस्ट्री के अलावा, इसने मुझे समय की पाबंदी, अनुशासन, सब्र, आपसी सम्मान और समझ की अहमियत भी सिखाई; ये सभी बातें जापानी संस्कृति का अहम हिस्सा हैं।

इंडिया-जापान सिनर्जी बिज़नेस, करियर और कल्चर के बारे में जानकारी देते हुए, जेट्रो नई दिल्ली की असिस्टेंट डायरेक्टर सुश्री जेनिका कालरा ने कहा कि जेट्रो प्रतिभाशाली भारतीय छात्रों को जापान के तेज़ी से बढ़ते इनोवेशन और बिज़नेस पारिस्थितिकी तंत्र से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है। आज भारत में 1,400 से अधिक जापानी कंपनियाँ काम कर रही हैं, जो युवा व्यवसायिको के लिए, खासकर उत्पादन क्षेत्र में, शानदार मौके पैदा कर रही हैं। जापान छात्रों को मज़बूत अर्थव्यवस्था, तकनीकी इनोवेशन, बेहतरीन करियर के मौके, नौकरी की सुरक्षा और वर्ल्ड-क्लास पब्लिक ट्रांसपोर्ट के साथ एक सुरक्षित और व्यवस्थित समाज देता है। एमिटी विश्वविद्यालय के साथ हमारे सहयोग का मकसद ग्लोबल स्तर पर काबिल टैलेंट को तैयार करना और भारत-जापान के संबंधों को और मज़बूत करना है।

परिचर्चा सत्र के दौरान, एक छात्र ने जेट्रो के चेयरमैन और सीईओ श्री नोरिहिको इशिगुरो से प्रश्न पूछा कि जापान में छात्र किन क्षेत्रों में सफलता पा सकते हैं? इस सवाल का जवाब देते हुए, श्री इशिगुरो ने कहा कि जापान में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे उभरते क्षेत्रों में युवा प्रतिभावानों के लिए बहुत सारे मौके हैं। जैसे-जैसे उद्योग़ डिजिटल बदलाव को अपना रही हैं, जापानी कंपनियाँ ऐसे व्यवसायिकों की तलाश कर रही हैं जिनके पास मज़बूत प्रौद्योगिकी जानकारी, रचनात्मकता और वैश्विक सोच हो। भारतीय छात्र अपने प्रतिभा, नई स्थितियों में ढलने की क्षमता और समस्याओं को सुलझाने की काबिलियत के दम पर इन तेज़ी से बढ़ने वाले सेक्टर में योगदान देने और जापान में सफल करियर बनाने की अच्छी स्थिति में हैं।

प्रतिनिधिमंडल ने कैंपस का दौरा किया और एमिटी यूनिवर्सिटी के एमिटी इनोवेशन इनक्यूबेटर, केन्द्रीय प्रयोगशाला और एमिटी की विभिन्न प्रयोगशालाओं़ का दौरा भी किया। यह दौरा अनुसंधान व नवाचार, उद्योग - अकादमिक  सहयोग, कौशल विकास और टैलेंट एक्सचेंज में सहयोग बढ़ाने पर सार्थक चर्चा के साथ संपन्न हुआ। इससे भविष्य के लिए तैयार कार्यबल बनाने और भारत व जापान के बीच रणनीतिक संबंधों को मज़बूत करने के लिए एमिटी विश्वविद्यालय और जेट्रों की साझा प्रतिबद्धता फिर से पक्की हुई।