देश में छह वर्षों में 114 काले हिरणों का शिकार, मध्य प्रदेश में सर्वाधिक आरोपी गिरफ्तार : डॉ. रंजन तोमर 

देश में छह वर्षों में 114 काले हिरणों का शिकार, मध्य प्रदेश में सर्वाधिक आरोपी गिरफ्तार : डॉ. रंजन तोमर 

डॉ. रंजन तोमर की आरटीआई से खुलासा

नोएडा। सामाजिक कार्यकर्ता एवं आरटीआई कार्यकर्ता डॉ. रंजन तोमर द्वारा वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (Wildlife Crime Control Bureau - WCCB), भारत सरकार से प्राप्त सूचना के अनुसार वर्ष 2020 से अप्रैल 2026 तक देश में कुल 114 काले हिरण (Blackbuck) शिकार अथवा अवैध शिकार की घटनाओं में मारे गए अथवा उनकी मृत्यु हुई है।

यह जानकारी डॉ. रंजन तोमर द्वारा सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के अंतर्गत दायर आवेदन के जवाब में वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो मुख्यालय, नई दिल्ली द्वारा उपलब्ध कराई गई है। ब्यूरो ने बताया कि यह आंकड़े विभिन्न राज्यों के वन विभागों एवं पुलिस विभागों से प्राप्त सूचनाओं के आधार पर संकलित किए गए हैं।

आरटीआई के जवाब में यह भी बताया गया है कि वर्ष 2020 से अप्रैल 2026 तक काले हिरणों के शिकार से संबंधित मामलों में सर्वाधिक मृत्यु की घटनाएं आंध्र प्रदेश में दर्ज की गईं। वहीं आरोपियों की गिरफ्तारी के आंकड़ों में मध्य प्रदेश शीर्ष पर रहा, जहां 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

राज्यवार गिरफ्तार आरोपियों के आंकड़ों के अनुसार आंध्र प्रदेश में 7, कर्नाटक में 6, बिहार में 1, मध्य प्रदेश में 12, महाराष्ट्र में 4 तथा झारखंड में 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

डॉ. रंजन तोमर ने कहा कि काला हिरण भारत का एक महत्वपूर्ण संरक्षित वन्यजीव है और उसका शिकार वन्यजीव संरक्षण कानूनों के अंतर्गत गंभीर अपराध है। इसके बावजूद देशभर में 114 काले हिरणों की मृत्यु और शिकार की घटनाएं चिंता का विषय हैं। उन्होंने कहा कि इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि वन्यजीव अपराधों की रोकथाम के लिए राज्यों और केंद्रीय एजेंसियों के बीच और अधिक समन्वय तथा निगरानी की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि वन्यजीव संरक्षण केवल सरकारी एजेंसियों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक का भी दायित्व है। जैव विविधता और प्राकृतिक विरासत की रक्षा के लिए जन-जागरूकता बढ़ाना समय की आवश्यकता है।

डॉ. तोमर ने मांग की कि काले हिरण सहित अन्य संरक्षित वन्यजीवों के शिकार से जुड़े मामलों की नियमित निगरानी की जाए तथा दोषियों के विरुद्ध त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।