दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान की शिव कथा में शिव-पार्वती विवाहोत्सव की रही धूम
नोएडा: सेक्टर-21A स्थित नोएडा स्टेडियम के रामलीला ग्राउंड में दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान द्वारा आयोजित सात दिवसीय श्री शिव कथा के पांचवें दिन भगवान शिव और माता पार्वती के विवाहोत्सव का प्रसंग बड़े ही धूमधाम से सुनाया गया। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश युवा व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष विकास जैन मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

आध्यात्मिक संदेश और गुरु की महत्ता
कथाव्यास डॉ. सर्वेश्वर जी ने शिव-पार्वती विवाह के गूढ़ आध्यात्मिक अर्थों को समझाते हुए कहा कि माता पार्वती 'जीवात्मा' का प्रतीक हैं और भगवान शिव 'परमात्मा' के। उन्होंने बताया कि जिस प्रकार नारद जी ने गुरु बनकर माता पार्वती का मार्ग प्रशस्त किया, ठीक वैसे ही एक पूर्ण सद्गुरु ही आत्मा का परमात्मा से मिलन करा सकते हैं।
भारतीय संस्कृति और गौ-सेवा
कथा के दौरान डॉ. सर्वेश्वर जी ने भारतीय देसी गाय के महत्व पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा "शुद्ध देसी नस्ल की गाय ही भारतीय संस्कृति का आधार है। महाराज हिमवान द्वारा पुत्री के विवाह पर किए गए गोदान का प्रसंग हमें सिखाता है कि गोवंश से बढ़कर कोई उत्तम दान नहीं है।"
संस्थान द्वारा चलाए जा रहे 'कामधेनु' प्रकल्प की चर्चा करते हुए बताया गया कि दिल्ली, बिहार, पंजाब और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में साहीवाल, थारपारकर और गिर जैसी नस्लों के संरक्षण के लिए गौशालाएं संचालित की जा रही हैं।
विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि विकास जैन (प्रदेश अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश युवा व्यापार मंडल) के साथ अन्य गणमान्य व्यक्ति भी शामिल हुए, जिनमें शामिल रहे: निखिल अग्रवाल (प्रदेश उपाध्यक्ष, उत्तर प्रदेश युवा व्यापार मंडल) राजेश जिंदल (अध्यक्ष, क्रॉकरी एसोसिएशन) अमित गोयल (उपाध्यक्ष, उद्योग प्रकोष्ठ) अतिथियों ने संस्थान के आध्यात्मिक और सामाजिक कार्यों की सराहना की। कार्यक्रम के अंत में वाद्य-वृंदों द्वारा गौ-माता की महिमा में प्रस्तुत 'वन्दन गीतों' ने पंडाल में मौजूद सभी श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया।


