वृंदावन चंद्रोदय मंदिर द्वारा आयोजित भव्य ‘कृष्णोत्सव’ में उमड़ा श्रद्धालुओं का जनसैलाब

वृंदावन चंद्रोदय मंदिर द्वारा आयोजित भव्य ‘कृष्णोत्सव’ में उमड़ा श्रद्धालुओं का जनसैलाब

​नोएडा। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन पर्व की पूर्वसंध्या पर वृंदावन चंद्रोदय मंदिर द्वारा आयोजित भव्य ‘कृष्णोत्सव’ कार्यक्रम में पूरा शहर कृष्ण भक्ति के रंग में रंगा नजर आया। सेक्टर-74 स्थित वेडिंग क्राउन बैंक्वेट हॉल में आयोजित इस अलौकिक आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक संध्या में हजारों श्रद्धालुओं और शहरवासियों ने असीम उत्साह के साथ भाग लिया।

​कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार और भक्तिमय वातावरण के बीच हुआ। इसके पश्चात बच्चों एवं निपुण कलाकारों द्वारा भगवान श्रीकृष्ण की बाल-लीलाओं और सनातन संस्कृति पर आधारित मनमोहक नृत्य-नाटिकाएं प्रस्तुत की गईं। कलाकारों की भावपूर्ण प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया और पूरा सभागार तालियों व ‘जय श्री कृष्णा’ के जयघोष से गुंजायमान हो उठा।

​इस अवसर पर ज्वाइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस आर. एन. मिश्रा ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। उन्होंने वृंदावन चंद्रोदय मंदिर द्वारा भारतीय आध्यात्मिक मूल्यों और सांस्कृतिक धरोहर को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाने के इस भागीरथ प्रयास की भूरि-भूरि प्रशंसा की।
​समारोह में दिव्य कृष्णात्रेय (अध्यक्ष, आरडब्ल्यूए - सेक्टर 105), मनमोहन शर्मा (उद्योगपति), पीयूष द्विवेदी (अध्यक्ष, उद्योग व्यापार मंडल उत्तर प्रदेश) और मोनू चौहान (सीईओ, मूनलाइट इंफ्रा) सहित अन्य गणमान्य व्यक्तियों एवं श्रद्धालुओं की गरिमामयी उपस्थिति रही। सभी अतिथियों ने श्रद्धालुओं के साथ मिलकर आयोजन की शोभा बढ़ाई और मंदिर प्रबंधन द्वारा नई पीढ़ी को सनातन परंपराओं से जोड़ने की इस पहल का स्वागत किया।

​समारोह का सबसे अलौकिक क्षण श्री राधा वृंदावन चंद्र का भव्य महाअभिषेक रहा, जिसके लिए विग्रहों को विशेष रूप से श्री वृंदावन धाम से लाया गया था। हरे कृष्ण महामंत्र के अखंड संकीर्तन और जयकारों के बीच संपन्न हुए इस महाअभिषेक ने उपस्थित श्रद्धालुओं को नोएडा में ही वृंदावन धाम की साक्षात आध्यात्मिक अनुभूति करा दी।

​वृंदावन चंद्रोदय मंदिर के अध्यक्ष ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के गूढ़ आध्यात्मिक महत्व और श्रीमद्भगवद्गीता के संदेशों की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने मंदिर द्वारा चलाई जा रही सामाजिक व आध्यात्मिक गतिविधियों की रूपरेखा भी साझा की। कार्यक्रम का समापन महाप्रसाद वितरण के साथ हुआ, जहां श्रद्धालु आगामी जन्माष्टमी उत्सव के लिए नए उत्साह और भक्तिभाव से सराबोर दिखे।