शनि मंदिर नोएडा में धूमधाम से मनाया जाएगा शनि अमावस्या एवं पितृ अमावस्या का महापर्व
नोएडा। पितृ पक्ष का अंतिम दिन उन सभी ज्ञात और अज्ञात पूर्वजों का श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान किया जाता है जिनकी तिथि याद नहीं होती और शनि अमावस्या जब अमावस्या तिथि शनिवार के दिन पड़ती है, तो उसे शनिश्चरी या शनि अमावस्या कहा जाता है। इस दिन शनि देव की पूजा और उनके बुरे प्रभावों (साढ़ेसाती या ढैय्या) से मुक्ति के उपाय किए जाते हैं। इस वर्ष ऐसा ही एक दुर्लभ संयोग 10 अक्टूबर 2026 को पड़ रहा है जब पितृ पक्ष के अंतिम दिन शनि अमावस्या भी पड रही हैं।
शनि मंदिर समिति अध्यक्ष मान सिंह चौहान ने बताया कि इस वर्ष पितृ पक्ष के अंतिम दिन शनि अमावस्या का एक विशेष योग बन रहा है इसलिए शनिवार 10 अक्टूबर को श्री सिद्ध पीठ शनि मन्दिर के प्रांगण में शनि अमावस्या एवं पितृ अमावस्या का महापर्व बड़े ही धूमधाम से मनाया जाएगा, इस अवसर पर पितृदोष निवारण और शनि शान्ति का महायज्ञ प्रातः 10:30 बजे से विद्वान आचार्य पी.सी. भट्ट एवं उनकी टीम के द्वारा विधिवत विधि-विधान से मन्त्रों के माध्यम से भव्यता के साथ प्रारंभ किया जाएगा वहीं शाम 4 बजे से सुंदर कांड पाठ एवं भजन संध्या और शानदार मनमोहक झांकियां प्रस्तुत की जाएंगी ।
मंदिर समिति महामंत्री राजीव मिश्रा ने बताया कि शनि अमावस्या और पितृ पर्व पर विशाल भन्डारा नौएडा मन्दिर के साथ साथ प्रारंभ से ही श्री सिद्ध पीठ शनि धाम मंदिर ग्वालियर मध्यप्रदेश में भी भन्डारे की व्यवस्था शनि मन्दिर नौएडा के प्रबंधन कमेटी द्वारा संचालित किया जाता रहा है। उन्होंने बताया कि शनि मन्दिर त्रैता कालीन के समय से विख्यात है, वहीं से अक्टूबर 2003 में श्री सिद्ध पीठ शनि मन्दिर में अखण्ड ज्योति एवं उसी अमृत पत्थर से निर्मित शनिदेव महाराज की मूर्ति नौएडा मन्दिर में विराजमान हैं।
मंदिर समिति पदाधिकारी ने शहरवासियों से अपील की कि शनि अमावस्या पर मंदिर पहुंच कर महायज्ञ में आहुति प्रदान कर शनिदेव महाराज का आशीर्वाद प्राप्त करें।


