ब्राह्मण संगठनों का ऐतिहासिक महासंगम, विप्र कल्याण बोर्ड' की मांग
गुरुग्राम। विश्व ब्राह्मण कल्याण परिषद द्वारा गुरुग्राम के 'हारमनी क्लब' में आयोजित इस ऐतिहासिक ‘ब्राह्मण चिंतन बैठक’ में देशभर के 120 प्रमुख ब्राह्मण संगठनों के राष्ट्रीय अध्यक्ष एकजुट हुए। विशेष रूप से उत्तर भारत के लगभग सभी संगठनों ने इसमें बढ़-चढ़कर भाग लिया, जिसने ब्राह्मण समाज की एकता को नई ऊर्जा प्रदान की। संगठन के मार्गदर्शक एवं राजस्थान-हिमाचल प्रदेश के पूर्व राज्यपाल माननीय श्री कलराज मिश्र जी ने अपने ओजस्वी संबोधन से सबको प्रेरित किया।

कलराज मिश्र जी का भावुक संबोधन:
बैठक को संबोधित करते हुए श्री कलराज मिश्र जी ने भावविभोर स्वर में कहा, "यह परिषद केवल एक संगठन नहीं, बल्कि सेवा, सद्भाव और समाजोत्थान का 'पवित्र यज्ञ' है!" उन्होंने जोर देकर आह्वान किया कि ब्राह्मण समाज अपनी पुरातन ज्ञान-परंपरा और निःस्वार्थ सेवा भाव से न केवल अपने समाज, बल्कि समस्त मानवजाति का पथ-प्रदर्शक बने। आगे उन्होंने स्पष्ट किया, "ब्राह्मणों का कर्तव्य राष्ट्र-निर्माण और सांस्कृतिक संरक्षण में सदैव अग्रणी रहा है। अब समय है पुनर्जागरण का!"
इसके बाद विप्र कल्याण बोर्ड का ऐतिहासिक संकल्प आया। कलराज मिश्र ने दृढ़ इच्छाशक्ति से घोषणा की कि परिषद के प्रयासों से देश के सभी राज्यों में 'विप्र कल्याण बोर्ड' गठित किया जाएगा, ताकि सरकारी स्तर पर समाज के पिछड़े वर्गों को उचित प्रतिनिधित्व, सहायता और सम्मान मिले।
कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. सतीश शर्मा ने उत्साह से जोड़ा कि संगठन दिसंबर 2026 तक प्रत्येक जिले में 500 गरीब विप्र युवाओं को रोजगार दिलाने का संकल्प ले चुका है—यह समाज की नि:स्वार्थ सेवा का जीवंत प्रतीक बनेगा। सभी संगठनों ने एक साझा न्यूनतम कार्यक्रम (CMP) तैयार किया, जिसमें शिक्षा, कौशल विकास और सामाजिक सुरक्षा के एकीकृत लक्ष्य शामिल हैं।
उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड चुनावों में ब्राह्मण भूमिका
बैठक में उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के आगामी चुनावों पर गहन चिंतन हुआ। सभी नेताओं ने श्री कलराज मिश्र जी के मार्गदर्शन में समाजहित के लिए कार्य करने और उनके नेतृत्व में अग्रसर होने का संकल्प लिया। यह एकता ब्राह्मण समाज की राजनीतिक शक्ति को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी।
पूर्व केंद्रीय मंत्री श्री अश्विनी चौबे जी ने समाज की निर्धनता पर चिंता जताते हुए सबको साथ लेकर चलने का भावुक आह्वान किया।
पूर्व सांसद डॉ. अशोक वाजपेयी जी ने अपने संबोधन में कहा, "यह समन्वय ब्राह्मण समाज की लंबे समय से प्रतीक्षित एकता का प्रतीक है। हमें ज्ञान की ज्योति से अंधकार मिटाना होगा। आने वाले दिनों में यह प्रयास राष्ट्रव्यापी क्रांति लाएगा!"
पंडित गोविंद कुलकर्णी ने इसे "ब्राह्मण एकता का स्वर्णिम अध्याय" बताया।
अश्विनी चौबे (पूर्व केंद्रीय मंत्री), डॉ. अशोक वाजपेयी (पूर्व सांसद), श्रीमती मेधा कुलकर्णी जी (सांसद, राज्यसभा), श्री श्री सुगुणेन्द्र तीर्थ महास्वामी जी (उडुपी), डॉ. सतीश शर्मा और पंडित गोविंद कुलकर्णी सहित देश के शीर्ष ब्राह्मण नेता उपस्थित रहे।
इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में आयोजन समिति ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मुख्य सयोजक विश्व ब्राह्मण कल्याण परिषद के अमित शर्मा एवम अमित मिश्रा के नेतृत्व में सह-सयोजक राष्ट्रीय प्रचार प्रमुख अरविंद भारद्वाज एवं पंडित शरद शर्मा और पंडित हरीश शर्मा सक्रिय रहे। मनोज शास्त्री, मुकेश शर्मा एवं क्षेत्र के गणमान्य व्यक्ति धर्मेश गौड़ भी उपस्थित होकर इस महासंगम को और समृद्ध बनाया।


