महेश मिश्रा के नेतृत्व में चाइनीज मांझे के खिलाफ जनजागरूकता अभियान जारी

महेश मिश्रा के नेतृत्व में चाइनीज मांझे के खिलाफ जनजागरूकता अभियान जारी

महेश मिश्रा, राष्ट्रीय महासचिव, राष्ट्रीय युवा चेतना मंच एवं सचिव - फेडरेशन ऑफ साउथ एंड वेस्ट डिस्ट्रीक्ट वेलफेयर फोरम, नई दिल्ली, द्वारा चाइनीज मांझे के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान में संस्था के गणमान्य पदाधिकारी एवं सदस्य सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं।

इस अभियान के अंतर्गत दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों में जागरूकता सभाओं का आयोजन कर आम जनता को चाइनीज मांझे से होने वाले जानलेवा खतरे के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
साथ ही मांझा विक्रेताओं की दुकानों का निरीक्षण कर उन्हें चेतावनी दी जा रही है कि वे चाइनीज मांझा की बिक्री बंद करें। यदि वे आग्रह के बावजूद विक्रय जारी रखते हैं, तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उद्देश्य यह है कि बाजार में इस घातक मांझे की उपलब्धता पूरी तरह समाप्त की जा सके।

महेश मिश्रा ने केंद्र एवं राज्य सरकार से भी निवेदन किया है कि ऐसे जानलेवा मांझे के निर्माण, बिक्री एवं आयात पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए। साथ ही चाइनीज मांझा बनाने वालों पर सख्त कार्रवाई हो ताकि इसका उत्पादन जड़ से समाप्त किया जा सके और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

 चाइनीज मांझे से होने वाले प्रमुख नुकसान: 

1. मानव जीवन को खतरा: यह अत्यंत धारदार होता है, जिससे राह चलते लोगों – विशेषकर दोपहिया वाहन चालकों की गर्दन या चेहरे पर गंभीर चोट लग सकती है, यहाँ तक कि मृत्यु भी हो सकती है।

2. पक्षियों की हत्या: हजारों पक्षी हर साल इस मांझे की चपेट में आकर घायल या मारे जाते हैं।

3. वृक्षों एवं बिजली लाइनों को नुकसान: मांझा पेड़ों व हाई-टेंशन तारों में उलझकर आग, शॉर्ट सर्किट और अन्य दुर्घटनाएं पैदा करता है।

4. पर्यावरण को नुकसान: यह प्लास्टिक आधारित और गैर-बायोडिग्रेडेबल होता है, जो लंबे समय तक मिट्टी और जल को प्रदूषित करता है।

5. कानून का उल्लंघन: राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (NGT) ने चाइनीज मांझे पर पहले ही प्रतिबंध लगाया हुआ है। इसके बावजूद इसका उपयोग दंडनीय अपराध है।

महेश मिश्रा ने आम जनता से अपील की है कि वे इस अभियान में शामिल होकर न केवल इस जानलेवा मांझे का बहिष्कार करें, बल्कि अपने क्षेत्र में इसके खिलाफ सक्रिय भूमिका निभाएं।