सिर्फ किसान नहीं उद्यमी भी देते है अर्थव्यवस्था को रफ्तार फिर उपेक्षा क्यो - सुरेंद्र नाहटा

सिर्फ किसान नहीं उद्यमी भी देते है अर्थव्यवस्था को रफ्तार फिर उपेक्षा क्यो - सुरेंद्र नाहटा

नोएडा।PNI News। एक साल से धरने पर बैठे किसानों की मांगों को सरकार ने मान लिया। उनका प्रदर्शन भी वापस हो गया। लेकिन विगत सात सालों से जनपद के उद्यमी प्राधिकरण , शासन प्रशासन के अधिनस्त अधिकारियों और मंत्रियों के समक्ष समस्या उठाते रहे। लेकिन उनकी समस्या का न तो संज्ञान लिया गया और न ही कोई समाधान किया गया। यह स्थिति तब थी जब विगत दो कोरोना काल में लॉकडाउन के बाद भी सरकार की झोली (राजस्व) बढ़ाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी। इसके बाद भी उद्यमियों की उपेक्षा की जा रही है यह कहना है एमएसएमई इंडस्ट्रियल एसोसिएशन नोएडा के अध्यक्ष सुरेंद्र नाहटा का।

सुरेंद्र नाहटा ने बताया कि तीनों प्राधिकरण, अग्निशमन विभाग, पुलिस प्रशासन, इंसपेक्टर राज, ईएसआईसी, बैंक, एनबीएफसी, विद्युत निगम, वाणिज्यकर , प्रोविडेंट फंड विभाग आदि विभागों में व्याप्त भ्रष्टाचार ने उद्यमियों की कमर तोड़ दी है। जनपद का उद्यमी भी उद्योग बंद कर अब खेती किसानी करने का मन बनाने लगा है। जिस देश प्रदेश में सिर्फ किसानों को ही तव्वजो दी जा रही है उद्यमियों की उपेक्षा की जा रही है वहां उद्यमियां के पास खेती किसानी कर किसान की श्रेणी में आने के अलावा दूसरा कोई रास्ता नहीं बच रहा।

-विकल्प के तौर पर उद्यमी भी किसान की राह पर चलने का मन बना रहे है। समस्याओं के निस्तारण के लिए सभी उद्यमी संगठन मिलकर संयुक्त उद्यमी मोर्चा का गठन करने जा रहे है। ताकि सभी उद्यमी एक मंच पर आकर अपनी समस्याओं को रख सके और सरकार से समस्याओं के निस्तारण के लिए अपनी आवाज को बुलंद कर सके।