मोटर वाहन अधिनियम धारा 201 के तहत केवल अधिकृत सरकारी अधिकारी ही अवैध पार्किंग के मामलों में कार्रवाई कर सकते हैं - रणपाल अवाना
नोएडा। मोटर वाहन अधिनियम धारा 201 के तहत, केवल अधिकृत सरकारी अधिकारी ही अवैध पार्किंग (नो पार्किंग) के मामलों में कार्रवाई कर सकते हैं, जैसे वाहन को हटाना, पहिये पर लॉक लगाना, या टो करना। कोई अन्य व्यक्ति, जैसे कि तथाकथित "पार्किंग माफिया," को ऐसा करने का कानूनी अधिकार नहीं है। यदि पार्किंग माफिया बिना सरकारी अनुमति के जबरदस्ती शुल्क लेते हैं, वाहन को अवैध रूप से टो करते हैं, या पहिये पर लॉक लगा देते हैं, तो यह पूरी तरह से गैरकानूनी है।
ऐसे मामलों में आप निम्नलिखित कार्रवाई कर सकते हैं:
पुलिस में शिकायत दर्ज करें: अगर पार्किंग माफिया जबरदस्ती शुल्क लेते हैं या अवैध रूप से वाहन को टो करते हैं, तो आप स्थानीय पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कर सकते हैं। यह अवैध वसूली के अंतर्गत आता है, और ऐसे व्यक्ति पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
नगर निगम या यातायात पुलिस को सूचित करें: पार्किंग के लिए निर्धारित क्षेत्र या किसी अन्य अवैध गतिविधि के बारे में संबंधित नगर निगम या यातायात पुलिस को सूचित करें। वे इस मामले में उचित कार्रवाई करेंगे।
कंज्यूमर कोर्ट में शिकायत: अगर आपसे अवैध रूप से शुल्क वसूला गया है, तो आप उपभोक्ता अदालत में भी इस मामले में शिकायत कर सकते हैं।
सार्वजनिक स्थानों पर पार्किंग का प्रबंधन और शुल्क वसूली केवल अधिकृत प्राधिकरण द्वारा ही किया जा सकता है। कोई निजी व्यक्ति या संगठन जबरदस्ती शुल्क नहीं ले सकता या वाहन को अवैध रूप से नियंत्रित नहीं कर सकता।
सभार: रणपाल अवाना एडवोकेट (अध्यक्ष) कानूनी विकास मंच


