दिव्यांग व्यक्तियों के सशक्तिकरण के लिए तीन दिवसीय निःशुल्क शिविर 16 से 18 फरवरी तक

दिव्यांग व्यक्तियों के सशक्तिकरण के लिए तीन दिवसीय निःशुल्क शिविर 16 से 18 फरवरी तक

रोटरी क्लब ऑफ नोएडा द्वारा बनाया गया रोटरी नोएडा रिसर्च एंड सोशल वेलफेयर ट्रस्ट समाज की सेवा के लिए 12 वर्षों से अधिक समय से एक धर्मार्थ रक्त केंद्र चला रहा है। सामाजिक प्रभाव की अपनी विरासत को जारी रखते हुए, ट्रस्ट 16 से 18 फरवरी तक 3 दिवसीय धर्मार्थ शिविर लगा रहा है, जिसमें दिव्यांग व्यक्तियों (PWD) को गतिशीलता बहाल करने और दिव्यांग व्यक्तियों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार करने के लिए कृत्रिम पैर और हाथ प्रदान किए जाएंगे, जैसा कि यह पिछले 5 वर्षों से कर रहा है।

शिविर को सालासर टेक्नो इंजीनियरिंग लिमिटेड द्वारा वित्तीय रूप से समर्थन दिया जा रहा है, जबकि दिव्यांग व्यक्तियों के सशक्तिकरण के लिए अग्रणी स्पार्क-मिंडा फाउंडेशन, व्यक्तिगत आवश्यकता अनुसार कृत्रिम पैरों के निर्माण और फिटमेंट में तकनीकी विशेषज्ञता और सहायता प्रदान कर रहा है। स्पार्क-मिंडा फाउंडेशन दिव्यांग जनों के लिए समावेशी गतिशीलता समाधान और स्थायी आजीविका के अवसरों की दिशा में सक्रिय रूप से काम कर रहा है और इस पहल में इसकी भागीदारी दिव्यांग जनों के लिए एक सुलभ और सशक्त वातावरण बनाने की इसकी प्रतिबद्धता को और मजबूत करती है।

शिविर का एक मुख्य आकर्षण एलएन4 (LN4) कृत्रिम हाथों का प्रावधान है, जो अमेरिका से आयातित हैं, जिन्हें 16 और 17 फरवरी को रोटरी क्लब ऑफ पूना डाउनटाउन के सहयोग से उपलब्ध कराया जाएगा। ये हल्के, कार्यात्मक कृत्रिम हाथ प्राप्तकर्ताओं की रोजमर्रा के कार्यों को करने की क्षमता में काफी सुधार करते हैं, जिससे उन्हें स्वतंत्रता और आत्मनिर्भरता हासिल करने में मदद मिलती है।

शिविर में व्यक्तिगत जरूरतों को पूरा करने के लिए कैलीपर्स, वॉकिंग स्टिक और वॉकर सहित मुफ्त सहायक उपकरण भी उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, दिव्यांगों को सरकारी लाभ और कल्याणकारी योजनाओं तक पहुँचने में मदद करने के लिए यूडीआईडी (UDID) पंजीकरण सहायता की सुविधा दी जाएगी।

इन संस्थानों के प्रयासों का उ‌द्देश्य दिव्यांगों को सम्मानजनक जीवन जीने के लिए उनके सतत विकास के लिए गतिशीलता समाधान प्रदान करना है। ये सुविधाएँ दिव्यांगों के लिए पूरी तरह से निःशुल्क होंगी और शिविर में चाय, नाश्ते और भोजन का प्रावधान भी होगा।

उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान, हरियाणा और अन्य आस-पास के ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों से दिव्यांगजनों ने शिविर के लिए पंजीकरण कराया है और इस पहल का उद्देश्य पुरुषों, महिलाओं और बच्चों सहित 300-400 दिव्यांगजनों को सहायता प्रदान करना है। जो दिव्यांगजन इस शिविर से लाभान्वित होना चाहते हैं, उन्हें अपना पंजीकरण कराने और निर्धारित तिथियों पर उपस्थित होने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।