खालसा कॉलेज प्रबंधन समिति द्वारा डूसू कॉलेजों को नॉन-डूसू की श्रेणी में डालने का एकपक्षी तानाशाहीपूर्ण निर्णय दुर्भाग्यपूर्ण: अभाविप

खालसा कॉलेज प्रबंधन समिति द्वारा डूसू कॉलेजों को नॉन-डूसू की श्रेणी में डालने का एकपक्षी तानाशाहीपूर्ण निर्णय दुर्भाग्यपूर्ण: अभाविप

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, खालसा कॉलेज प्रबंधन समिति द्वारा समिति के अंतर्गत आने वाले डूसू कॉलेजों को बिना विश्वविद्यालय प्रशासन की स्वीकृति के नॉन-डूसू कॉलेज की श्रेणी में डालने के एकपक्षी निर्णय की निंदा करती है व खालसा प्रबंधन समिति के इस एकपक्षी निर्णय को वापस करने की समिति से मांग करती है। कॉलेज प्रबंधन समिति द्वारा की जा रही प्रशासनिक अराजकता के विरुद्ध अभाविप के कार्यकर्ता अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठे हुए हैं व इस एकपक्षी निर्णय जिसको विश्वविद्यालय प्रशासन ने भी स्वीकृति प्रदान नहीं की है उसे वापस लेने की मांग कर रहे हैं।

गत वर्षों में अभाविप द्वारा नॉन-डूसू कॉलेजों को डूसू कॉलेज की श्रेणी में लाने की निरंतर मांग की जा रही है, जिससे सभी कॉलेजों का डूसू में सम्मिलित कर उनका प्रतिनिधित्व भी केंद्रीय पैनल में सुनिश्चित किया जा सके। लोकतांत्रिक व्यवस्था के प्रमुख आधार चुनावों को इस प्रकार से बंद किया जाना प्रबंधन समिति के तानाशाहीपूर्ण रवैए का परिचायक है, जिसका अभाविप लगातार विरोध कर रही है। अभाविप देशभर के शैक्षिक परिसरों में छात्रसंघ बहाल हो सके इसके हेतु निरंतर कार्य कर रही है व शैक्षिक परिसर शिक्षा के साथ समग्र व्यक्तित्व विकास का केंद्र बन सकें इसकी भी पक्षधर रही है।

दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनावों ने भारतीय राजनैतिक जगत में कई बड़े नाम दिए हैं किंतु आज व्यक्तित्व विकास के पर्याय रहे छात्रसंघ चुनावों को बंद करने का कुछ संस्थाओं द्वारा कुत्सित प्रयास किया जा रहा है, जिसे अभाविप कदापि स्वीकार नहीं करेगी और खालसा प्रबंधन समिति द्वारा जिन कॉलेजों को एकपक्षी निर्णय ले डूसू से अलग किया गया है उसे पुनः डूसू में सम्मिलित कराने हेतु मांग जारी रखेगी।

अभाविप दिल्ली प्रदेश के प्रदेश मंत्री हर्ष अत्री ने कहा कि," खालसा प्रबंधन समिति द्वारा डूसू कॉलेजों को नॉन-डूसू की श्रेणी में डाला जाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है तथा अभाविप इसकी निंदा करते हेतु इस तानाशाहीपूर्ण एकपक्षी निर्णय को वापस लेने की मांग करती है। अभाविप द्वारा दिल्ली विश्वविद्यालय के नॉन-डूसू कॉलेजों को डूसू की श्रेणी में डालने की लंबे समय से मांग की जा रही है किंतु इसके विपरीत डूसू कॉलेज को नॉन-डूसू में डाला गया जिसका अभाविप विरोध करेगी और यह सुनिश्चित करेगी कि इन कॉलेजों को पुनः डूसू की श्रेणी में डाला जाए।"