प्रिंसली एस्टेट के निवासियों ने अवैध अतिक्रमण के विरोध में निकाला शांतिपूर्ण कैंडल मार्च
नोएडा। अम्रपाली प्रिंसली एस्टेट, सेक्टर-76 के बड़ी संख्या में निवासियों ने आज सोसाइटी के कॉमन एवं स्टिल्ट क्षेत्र में एवं अन्य कॉमन एरिया में किए गए अवैध अतिक्रमण के विरोध में शांतिपूर्ण कैंडल मार्च आयोजित किया।
इस विरोध प्रदर्शन में विभिन्न टावरों के निवासियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया और सोसाइटी के साझा क्षेत्रों पर किए जा रहे अतिक्रमण के प्रति अपनी गहरी चिंता व्यक्त की। प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण एवं अनुशासित रहा।

कैंडल मार्च के दौरान निवासी सोसाइटी के उस मेंटेनेंस ऑफिस के बाहर एकत्र हुए, जिसका निर्माण सार्वजनिक एवं स्टिल्ट क्षेत्र में कथित रूप से अवैध अतिक्रमण कर किया गया है। निवासियों ने विरोध के प्रतीक के रूप में कार्यालय के बाहर मोमबत्तियाँ जलाकर अपना शांतिपूर्ण प्रतिरोध दर्ज कराया तथा मांग की कि सार्वजनिक क्षेत्र से सभी अवैध अतिक्रमण हटाए जाएँ और भविष्य में ऐसे किसी भी निर्माण से पहले नियमों एवं निवासियों के अधिकारों का पूर्ण पालन सुनिश्चित किया जाए।
प्रदर्शन में शामिल निवासियों का कहना था कि जिस संस्था का दायित्व सोसाइटी में नियमों का पालन कराना और अवैध अतिक्रमण रोकना है, यदि वही सार्वजनिक स्थानों पर अतिक्रमण को बढ़ावा देगी, तो इससे नियमों के प्रति लोगों का विश्वास कमजोर होगा और गलत परंपरा स्थापित होगी।
निवासियों ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष का विरोध नहीं, बल्कि सोसाइटी के साझा क्षेत्रों की सुरक्षा, पारदर्शिता, कानून के शासन तथा सभी निवासियों के समान अधिकारों की रक्षा करना है। उन्होंने संबंधित प्राधिकरणों से इस मामले का निष्पक्ष परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की।
निवासियों ने यह भी आरोप लगाया कि AOA पूर्व से ही मनमाने ढंग से कार्य कर रहा है।
वित्तीय लेन-देन, ठेकों के आवंटन, ठेके किन एजेंसियों अथवा व्यक्तियों को दिए जा रहे हैं तथा उनकी प्रक्रिया से संबंधित कोई भी जानकारी निवासियों के साथ साझा नहीं की जा रही है। इन मामलों में पारदर्शिता का पूर्णतः अभाव है।
उक्त शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए उप-पंजीयक (डिप्टी रजिस्ट्रार) कार्यालय द्वारा AOA के अभिलेखों एवं वित्तीय रिकॉर्ड का ऑडिट कराने के आदेश भी जारी किए जा चुके हैं।
कैंडल मार्च शांतिपूर्वक संपन्न हुआ तथा उपस्थित निवासियों ने भविष्य में भी कानूनसम्मत एवं लोकतांत्रिक तरीके से अपने अधिकारों की रक्षा के लिए आवाज़ उठाने का संकल्प व्यक्त किया।


