निक्की यादव की मौत प्रकरण में नपे थानाध्यक्ष करीमुद्दीनपुर
गाजीपुर हार्टमन इंटर कॉलेज की छात्रा निक्की यादव की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा के पूर्व प्रदेश मंत्री योगेश सिंह ने इस प्रकरण को प्रदेश सचिव को पत्र के माध्यम से अवगत कराया था जिसके बाद से निक्की यादव की मौत का मामला तूल पकड़ता जा रहा है परिजनों के बार-बार आरोप लगाए जाने के बाद कि उनके ऊपर दबाव बनाया जा रहा है मामले को खत्म करने के लिए और धन का लालच भी दिया जा रहा है लेकिन इस प्रकरण में कार्यवाही होते हुए दिखाई दे रहा है खबर है कि शासन के कड़े रुख के बाद पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह ने करीमुद्दीनपुर थाना प्रभारी विश्वनाथ यादव और दो सिपाहियों अंकुर सोनकर और उदय शंकर को लाइन हाजिर कर दिया है उनकी जगह पर नंदगंज से देवेंद्र यादव को करीमुद्दीनपुर थाना प्रभारी बनाया गया है आरोप है कि निक्की यादव सहित अन्य कई मामलों में विश्वनाथ यादव की भूमिका संदिग्ध पाई गई है जिसके कारण उनके ऊपर कार्यवाही की गई है हार्टमन इंटर कॉलेज के कथित प्रधानाचार्य फेलिक्स राज के जेल जाने के बाद थाना प्रभारी विश्वनाथ यादव को लाइन हाजिर करने की कार्रवाई से हड़कंप मचा हुआ है आपको बता दें कि पूर्व में 10 मई को नसीरपुर गांव निवासी और हार्टमन इंटर कॉलेज की छात्रा निक्की यादव ने विद्यालय परिसर में संदिग्ध परिस्थितियों में जहर खाकर आत्महत्या कर ली थी इस मामले पर मृत छात्रा के पिता ने फादर फेलिक्स राज के विरुद्ध तहरीर दी थी पुलिस द्वारा मामला तो दर्ज कर लिया गया लेकिन फादर के विरुद्ध कोई कार्यवाही ना होने पर मृतका के पिता कैलाश यादव और बड़ी बहन श्रेया यादव गोरखपुर पहुंच गई और मुख्यमंत्री आदित्यनाथ के दरबार में न्याय की गुहार लगाई इसके बाद पुलिस हरकत में आई और फादर फेलिक्स राज की वाराणसी से गिरफ्तारी कर ली । यह मामला अब इतना तूल पकड़ चुका है कि शासन ने जिला प्रशासन से इस मामले पर प्रत्येक बिंदुओं पर जांच करते हुए रिपोर्ट तलब करने का आदेश दिया है।


