जंगीपुर कांड के आंदोलनकारियों व छात्र नेता विवेकानंद पांडे पर से मुकदमा हुआ वापस

जंगीपुर कांड के आंदोलनकारियों व छात्र नेता विवेकानंद पांडे पर से मुकदमा हुआ वापस

गाजीपुर। पन्द्रह अगस्त 2015 जंगीपुर कांड के आंदोलनकारियो का मुकदमा सरकार ने वापस किया।

आपको बताते चलें कि 12 अगस्त 2015 को सड़क विजली,पानी व‌ किसानों के मुआवजे सहित अन्य समस्याओं के लिए शांतिपूर्ण तरीके से छात्र नेता विवेकानंद पांडेय द्वारा आमरण अनशन किया जा रहा था लेकिन चौथे दिन यानि 15 अगस्त 2015 को जंगीपुर में सपा के मंत्री का कार्यक्रम प्रस्तावित था इसलिए सपा नेताओं द्वारा जबरन पुलिस पर दबाव बनाकर आन्दोलनकारियो पर लाठी चार्ज कर अंशन‌ खत्म करने का प्रयास किया गया था ।

 छात्र नेता विवेकानंद पांडेय सहित 69 नामजद व 900 अज्ञात लोगों पर गंभीर ‌धाराओ में मुकदमा पंजीकृत किया गया था।

समाजवादी पार्टी की सरकार को  कटघरे में खड़ा करते हुए भारतीय जनता पार्टी ने जंगीपुर कांड को बड़ा मुद्दा बनाया था।

विवेकानंद पांडेय सहित 69 लोगो को जेल में डालने के प्रकरण में आन्दोलनकारियो से मिलकर तत्कालीन एम०एल०सी‌ चेतनरायन सिंह व केदारनाथ सिंह ने मामले को सदन‌ में उठाया था।

उसके बाद पूर्ववर्ती भाजपा सरकार के कानून मंत्री व वर्तमान सरकार में उपमुख्यमंत्री वृजेश पाठक से मिलकर सपा सरकार में निर्दोषों पर मंत्री के दबाव में दर्ज मुकदमे दर्ज मुकदमे वापस करने के लिए छात्र नेता विवेकानंद पांडेय सहित अन्य लोगों ने मांग किया था।

मुकदमा वापस होने पर उत्तर प्रदेश सरकार के उप मुख्यमंत्री वृजेश पाठक ने विवेकानंद पांडेय को फोन कर बधाई देते हुए उन्होंने कहा कि सत्य की  विजय होती है।

छात्र नेता विवेकानंद पांडेय ने उत्तर प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व उप मुख्यमंत्री वृजेश पाठक के प्रति कृत्यज्ञता ज्ञापित करते हुए आभार व्यक्त किया। श्री पांडेय ने संबंधित न्यायालय को भी  सिर झुकाकर प्रणाम करते हुए उन्होंने कहा कि सत्य परेशान हो सकता है लेकिन पराजित नहीं।

समाजवादी पार्टी सरकार द्वारा जंगीपुर वासियों पर किए गए उत्पीड़न को कभी भूला नहीं जा सकता, आज जंगीपुर की जनता को न्याय मिला है।