इकोविलेज-1 टावर प्रतिनिधियों ने सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए किया एजेंसी संग बैठक

इकोविलेज-1 टावर प्रतिनिधियों ने सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए किया एजेंसी संग बैठक

ग्रेटर नोएडा : ग्रेनो वेस्ट स्थित सुपरटेक इकोविलेज-1 में पिछले महीने चुने गए टावर प्रतिनिधियों ने मेंटेंनेस एजेंसी संग बैठक कर सोसाइटी की सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ करने पर चर्चा किया। मेंटेनेंस एजेंसी ग्रेविटी और सिक्योरिटी एजेंसी क्यूएसएस (QSS) के अधकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने का आश्वाशन दिया है। बैठक में ग्रेविटी मेंटेनेंस एजेंसी, सिक्योरिटी एजेंसी के पदाधिकारियों संग काफी संख्या में सोसाइटी के टावर प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।

बैठक में शामिल सोसाइटी के अधिकृत प्रतिनिधि विजय चौहान ने बताया कि सुरक्षा से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर सार्थक चर्चा हुई। एजेंसी ने व्यवस्था को और भी सुदृढ़ करने की बात कही है। सोसाइटी में सभी गार्ड्स को लिफ्ट, फायर सिस्टम सम्बंधित आपातकालीन सेवाओं के साथ इण्टरकॉम और सोसाइटी एप्प चलाने की ट्रेनिंग अनिवार्य रूप से देने पर चर्चा हुई जिसे एजेंसी ने पूरी तरह माना और सभी गार्ड्स को सम्पूर्ण ट्रेनिंग दी जाएगी। सभी गार्ड अपने टावर में अनिवार्य रूप से डिलीवरी बॉय, मेड समेत आगंतुकों की सम्पूर्ण एंट्री करेंगे। 

विजय चौहान ने बतया कि सभी बेसमेंट में पार्किंग एरिया से लॉबी में आने जाने के लिए एक्सेस कार्ड का सिस्टम है, कई टावरों में एक्सेस कार्ड सिस्टम ख़राब है, उन्हें एक हफ्ते के अंदर दुरुस्त करने की बात हुई है। बेसमेंट में केवल स्टीकर और आरएफ टैग वाली गाड़ियां ही प्रवेश कर सकेंगी। बिना स्टीकर वाली गाड़ियां केवल गेस्ट पार्किंग में लगाए जाने की व्यवस्था फिर से शुरू करने पर सहमति बनी। लावारिस वाहनों की सूची बनाकर उपयुक्त कार्यवही हेतु नजदीकी पुलिस चौकी में दी जाएगी। 

बैठक में मौजूद रंजना भरद्वाज ने बताया कि सोसाइटी के मार्किट एरिया में गेट काफी समय से टूटा हुआ है और दुपहिया वाहन मार्किट के अंदर पार्क होने लगे हैं जिससे मार्किट में आने जाने वाले निवासियों में अनहोनी की आशंका बनी रहती है साथ ही गार्ड भी मुस्तैद नजर नहीं आते। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि टूटे गेट की जगह फेंसिंग की जाएगी जिससे मार्किट एरिया में वाहनों के आगमन पर रोक लगे। मार्किट से सोसाइटी के अंदर आने वाले गेट पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने की बात हुई जिससे कोई बाहरी व्यक्ति सोसाइटी में ना घुस पाए।