महिलाओं की वित्तीय सशक्तिकरण और शैक्षिक नेतृत्व में पब्लिक रिलेशन की भूमिका पर विशेष सत्रों का हुआ आयोजन
नोएडा के प्रतिष्ठित फैशन एवं डिजाइन संस्थान, सत्यम फैशन इंस्टीट्यूट ने 25 जून 2025 को दो दिवसीय विशेष सत्रों का सफल आयोजन किया। इन सत्रों का उद्देश्य महिलाओं के वित्तीय सशक्तिकरण, जेंडर समानता, और शैक्षिक नेतृत्व में पब्लिक रिलेशन की भूमिका को उजागर करना था। कार्यक्रम में संस्थान के फैकल्टी, स्टाफ और विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

सत्र 1: “महिलाएं और संपत्ति: वित्तीय योजना में जेंडर प्रेज्यूडिस को दूर करना”
इस सत्र का नेतृत्व डॉ. संजय फड, विभागाध्यक्ष, स्नातकोत्तर अर्थशास्त्र विभाग एवं कैंपस कोऑर्डिनेटर, एसएनडीटी विमेंस यूनिवर्सिटी, मुंबई ने किया। डॉ. फड ने महिलाओं के वित्तीय निर्णयों में सशक्तिकरण, वित्तीय जागरूकता, और रूढ़िवादिता को तोड़ने के व्यावहारिक उपाय साझा किए। उन्होंने बताया कि किस प्रकार महिलाएं अपनी संपत्ति और वित्तीय योजनाओं में सक्रिय भूमिका निभाकर समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकती हैं। प्रतिभागियों ने वित्तीय समावेशन और जेंडर समानता को बढ़ावा देने के लिए कई रणनीतियाँ सीखी।
सत्र 2: “संस्थागत स्वर का निर्माण: शैक्षिक नेतृत्व में पब्लिक रिलेशन की भूमिका”
दूसरे सत्र का संचालन श्री मेहुल खाले, पब्लिक रिलेशन अधिकारी, एसएनडीटी विमेंस यूनिवर्सिटी, मुंबई ने किया। उन्होंने शैक्षिक संस्थानों में प्रभावी पब्लिक रिलेशन, मीडिया प्रबंधन, और संस्थागत छवि निर्माण की आधुनिक रणनीतियों पर प्रकाश डाला। श्री खाले ने बताया कि कैसे जनसंपर्क के माध्यम से शैक्षिक संस्थान अपनी उपलब्धियों, मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारी को समाज तक पहुंचा सकते हैं। इस सत्र ने प्रतिभागियों को नेतृत्व कौशल और संवाद क्षमता को मजबूत करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम की गरिमामयी शुरुआत
कार्यक्रम का शुभारंभ संस्थान की उप-प्राचार्या एवं आईक्यूएसी समन्वयक डॉ. नीतू मल्होत्रा द्वारा मुख्य अतिथियों का स्वागत कर किया गया। उन्होंने कहा कि ऐसे सत्र संस्थान के शैक्षिक वातावरण को समृद्ध बनाते हैं और फैकल्टी के व्यावसायिक विकास में सहायक हैं।
चेयरपर्सन का संदेश
सत्यम ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स की चेयरपर्सन डॉ. स्नेह सिंह ने इन सत्रों की सराहना करते हुए कहा, “हमारा संस्थान हमेशा से समावेशी शिक्षा, नवाचार और सामाजिक जिम्मेदारी के लिए प्रतिबद्ध रहा है। ऐसे आयोजन महिलाओं के सशक्तिकरण और नेतृत्व विकास में मील का पत्थर साबित होते हैं।”
प्रतिभागियों की प्रतिक्रिया
सभी प्रतिभागियों ने इन सत्रों को अत्यंत लाभकारी, प्रेरणादायक और ज्ञानवर्धक बताया। कार्यक्रम के अंत में अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट कर उनका आभार व्यक्त किया गया।


