सफाई कर्मचारियों की वर्षों पुरानी समस्याओं पर एनसीएफ ने जताई चिंता, समाधान के लिए संवाद का दिया भरोसा
नौएडा सिटीजन फोरम की कार्यकारी अध्यक्षा शालिनी सिंह से नौएडा के विभिन्न क्षेत्रों के सफाई कर्मचारियों के प्रतिनिधिमंडल ने पर्थला गांव में स्थित बबलू पर्चा के आवास पर मुलाकात कर अपनी वर्षों से लंबित समस्याओं एवं मांगों से अवगत कराया।
सफाई कर्मचारियों ने बताया कि उन्होंने 14 जुलाई 2026 को अपनी विभिन्न मांगों को लेकर कार्य बहिष्कार एवं धरना-प्रदर्शन का आह्वान किया है। प्रतिनिधियों ने अपने मांगपत्र की प्रति भी शालिनी सिंह को सौंपी, जिसमें वेतन विसंगतियों, लंबे समय से लंबित बकाया वेतन, बोनस, चिकित्सा सुविधाओं, ठेकेदारी प्रथा का विरोध, सफाईकर्मियों के लोकतांत्रिक चुनाव तथा अन्य कर्मचारी हितों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे शामिल हैं।
शालिनी सिंह ने कर्मचारियों द्वारा प्रस्तुत प्रत्येक बिंदु को गंभीरता से पढ़ा, विस्तार से समझा तथा प्रतिनिधियों से एक-एक विषय पर चर्चा की। कर्मचारियों ने बताया कि कई बार अधिकारियों के समक्ष अपनी समस्याएं रखने के बावजूद उनका समाधान नहीं हो पाया है, जिसके कारण उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ रहा है।
इस अवसर पर शालिनी सिंह ने कहा कि किसी भी कर्मचारी की न्यायसंगत मांगों को अनदेखा नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने सफाई कर्मचारियों से आग्रह किया कि वे 14 जुलाई को प्रस्तावित अपना आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण, अनुशासित एवं कानून के दायरे में रहकर करें, ताकि आम नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो और उनकी बात प्रभावी ढंग से प्रशासन एवं सरकार तक पहुंचे।
उन्होंने कहा कि आपकी लड़ाई अपनी जायज़ मांगों के लिए है। इसे पूरी मजबूती के साथ लेकिन शांतिपूर्ण और कानूनी तरीके से लड़ें। आपकी बात प्रशासन, सरकार और जनप्रतिनिधियों तक पहुंचे, इसके लिए सभी लोकतांत्रिक माध्यम अपनाएं। किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या हिंसा से बचना हम सभी की जिम्मेदारी है।
शालिनी सिंह ने सफाई कर्मचारियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि यदि वे अपनी मांगों को शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से उठाते हैं, तो नौएडा के सामाजिक संगठन भी उनके साथ खड़े रहेंगे। उन्होंने कहा कि एनसीएफ कर्मचारियों और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों के बीच संवाद स्थापित कर समस्याओं के समाधान के लिए हरसंभव सकारात्मक प्रयास करेगा।
इस अवसर पर राधे पर्चा, नितिन चौटाला, राहुल वाल्मीकि, अर्जुन
वाल्मीकि, अरुण पर्चा, संदीप बैनीवाल, नरेश गहलोत, अर्जुन सिंह, नितिन, रवि, संतोष आदि वाल्मीकि समाज के लोग मौजूद थे।


