कासिमाबाद कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक कमलेश पाल ने पहना भगवा, विपक्ष ने किया कार्यवाही की मांग

कासिमाबाद कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक कमलेश पाल ने पहना भगवा,  विपक्ष ने किया कार्यवाही की मांग

गाजीपुर कासिमाबाद कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक कमलेश पाल आए दिन चर्चा में बने रहने के आदी हो गए है। कभी किसी राजनीतिक दल के नेता के साथ बदजुबानी तो कभी अपने कार्यशैली को लेकर चर्चा में बने रहते हैं ।

वही एक बार फिर 2 दिनों से सोशल मीडिया पर चर्चा में छाए हुए हैं कासिमाबाद कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक कमलेश पाल का व कोतवाली के कुछ सिपाहियों को एक विश्व हिंदू परिषद के प्रखंड संयोजक के द्वारा भगवा गमछा पहनाया गया और चंदा भी काटा गया इस प्रकरण के बाद पूरे क्षेत्र में सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है लोगों के कमेंट तो इस तरीके के भी आ रहे हैं कि अब प्रशासन के लोग भी राजनैतिक रूप में रंगे हुए दिखाई दे रहे हैं ।जो यह पूरी तरीके से निंदनीय है इस प्रकरण पर समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व में छात्र संघ के उपाध्यक्ष डॉक्टर समीर कुमार सिंह ने कहा कि कोतवाली के अंदर खाकी के ऊपर विश्व हिंदू परिषद के लोगों के द्वारा गमछा पहनाना चंदा काटना यह कहीं ना कहीं चाटुकारिता को दर्शाता है आज के राजनीति में अगर कहे तो प्रशासनिक आला अफसर अब पूरी तरीके से राजनैतिक रूप में रंग गए हैं यहां तक की प्रशासनिक आला अफसर अब तमाम जगहों पर देखने को मिल रहा है कि भाजपा के झंडा लगे गाड़ियों पर दरोगा और कोतवाल घूम रहे हैं उत्तर प्रदेश के सारी प्रशासनिक अमला इस वक्त सत्ताधारी हो गए हैं ऐसे लोगों पर कार्यवाही होनी चाहिए जो खाकी का अपमान कर रहे हैं आज के परिवेश में खाकी ही क्यों प्रदेश के हर तंत्र व्यवस्था को कठपुतली की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है जो बहुत ही निंदनीय है हम प्रदेश सरकार से मांग करते हैं इस घटना को संज्ञान में लेकर दंडात्मक कार्यवाही करें और जिन लोगों ने इस तरीके की घटना को अंजाम दिया है कोतवाली में राजनीतिक रूप दिया है उनके ऊपर भी कठोरतम कार्यवाही करें।

वही सुभासपा नेता पंकज दुबे ने कहा की अब सिद्धांतों का राजनीति रह गया है और ना ही प्रशासन अगर ऐसा होता तो थाने के अंदर जाकर और एक प्रशासनिक अधिकारी को भगवा वस्त्र पहनाना किसी के बस की बात नहीं होती लेकिन आज के परिवेश में खाकी पहने हुए अफसर और अधिकारी नेताओं के चरण स्पर्श भी करते हुए देखे जा रहे हैं जो बहुत ही निंदनीय है सरकारे आती है जाती है लेकिन प्रशासनिक

अमला अपने कार्य को लेकर एक तय समय तक बना रहता है जिले के पुलिस अधीक्षक और प्रदेश के सरकार में बैठे लोगों से चाहेंगे चाहिए इस मामले की जांच कर कार्यवाही करें। वही इस मामले पर भङके बसपा के पूर्व जिलाध्यक्ष अजय कुमार भारती ने कहा कि इस सरकार में वस्त्र और शस्त्र पहचान बन गया है अब कहीं कोई सुरक्षित नहीं रह गया है जब थाने में बैठा अधिकारी एक राजनैतिक वस्त्र पहनने में थोड़ा भी हिचक नहीं रहा है तो यह क्यों न कहा जाए कि खाकी पहने हुए लोग अब पार्टी बन चुके हैं ऐसे कृत्य करने वाले अवसरों और सिपाहियों पर कार्यवाही होनी चाहिए और अगर ऐसा नहीं होता है तो कोई भी आश्चर्य की बात नहीं होगी क्योंकि इस सरकार में लोग डरे और सहमे हुए हैं वही अधिकारी कर्मचारी और प्रशासनिक लोग आम जनमानस में भय व्याप्त कर धन उगाही करने में लगे हुए हैं।