जनता के बीच सेवक बन कर रहूंगा- अरुण सिंह
गाजीपुर जनपद में नेताजी के नाम से चर्चित जिला सहकारी बैंक के पूर्व चेयरमैन अरुण सिंह जेल से 6 साल के बाद आने के बाद से क्षेत्र में अपने लोगों के बीच उनके सुख-दुख में सम्मिलित होने का कार्यक्रम जारी कर चुके हैं l
इसी क्रम मे स्व॰ सिदेश्वर बिंद और उनकी पत्नी दासी बिंद (राठौली) के घर जिनकी मृत्यु 22 अप्रिल एक मोटर साइकल से दुर्घटना में हुई थी आज तक कोई सरकारी सहायता नही पहुँची उनके घर तक किसान दुर्घटना बीमा योजना के तहत लाभ पहुचाने की मांग किए । इस दौरान और उन्होंने कहा कि क्षेत्र की जनता की आवाज सुनने वाला कोई नहीं था राजनीति अब लोग सिर्फ अपने परिवार के ठाठ बाट के लिए कर रहे है उनको जनता के दर्द से कोई मतलब नहीं है जब मैं जेल में हुआ करता था तो मेरे जनपद के लोग मुझसे मिलने जाया करते थे और वह अपने दर्द को सुनाते थे कि नेताजी जनपद में राजनीति के बड़े-बड़े योद्धा है पर अब समस्याओं को सुनने वाले नहीं बल्कि समस्याओं को पैदा करने वाले राजनेता है अगर उनके समक्ष अपनी समस्याओं को रखा जाए तो वह मुकदमे बाजी में फंसा कर रख देंगे क्षेत्र की जनता के दर्द को समझते हुए मैंने अब प्रण कर रखा है कि अब जनता को किसी के दरवाजे जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी उनके सुख-दुख में शामिल होने के लिए मुझे चाहे जितनी भी कठिनाई आएगी उसको पार करते हुए हम जनता के बीच मौजूद रहने का प्रयास करेंगे ।


