देश में MSME के उत्थान के लिए पहली बार विभिन्न राज्यों के प्रमुख औद्योगिक संगठन हुए एकजुट

देश में MSME के उत्थान के लिए पहली बार विभिन्न राज्यों के प्रमुख औद्योगिक संगठन हुए एकजुट

देश की GDP को बढ़ाने तथा 5 ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए MSME के योगदान पर विभिन्न राज्यों की 20 MSME एसोसिएशन के फोरम “A-20” की दिल्ली में बैठक संपन्न

विभिन्न राज्यों की MSME एसोसिएशन की दिल्ली में आयोजित बैठक में MSME के प्रमुख मुद्दों पर सरकार को प्रत्यावेदन देने का निर्णय

MSME संगठन के संगठन A20 की बैठक में देश के उत्तर एवं दक्षिण के अतिरिक्त उत्तर पूर्व राज्यों के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया
देश की अर्थव्यवस्था में MSME का कृषि क्षेत्र के बाद सबसे बड़ा योगदान है | MSME क्षेत्र देश की जीडीपी में 30% और कल निर्यात में लगभग 45% का योगदान दे रहा है | इसके अतिरिक्त लगभग 11 करोड लोगों को सीधे रोजगार भी प्रदान कर रहा है | इस क्षेत्र के विकास के लिए केंद्र सरकार तथा विभिन्न राज्य सरकारें भी अनेक प्रोत्साहन योजनाएं बना रही है | इसी प्रकार देश के विभिन्न राज्यों में अनेक MSME संगठन भी इस क्षेत्र के विकास एवं सहायता के लिए कार्य कर रहे हैं | इन सभी प्रयासों में एकरूपता लाने तथा MSME के लिए प्रभावी नीतियां बनाने के उद्देश्य से इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आईआईए) ने देश की विभिन्न प्रमुख MSME संगठनों को एक साथ लाने के लिए A20 की परिकल्पना की जिसके अंतर्गत आज तक 17 प्रमुख MSME औद्योगिक संगठन जुड़ चुके हैं |

A20 फोरम की पहली बैठक का आयोजन राष्ट्रीय स्तर पर नई दिल्ली में PUSA कैंपस में आयोजित की गई जिसमें MSME के उत्थान हेतु निम्नलिखित पांच प्रमुख  मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई:
Uniform land policy - conversion of lease hold land to freehold
Ease of doing manufacturing
National MSME Policy
Government procurement policy for MSMEs
MSE Facilitation Council effectiveness for delayed payment of MSME from government department 

बैठक की अध्यक्षता A20 फोरम के कन्वीनर एवं आईआईए के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री नीरज सिंघल द्वारा की गई। आईआईए के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री नीरज सिंघल ने बताया कि A20 Joint Forum का मुख्य उद्देश्य ‘एक विचार एक आवाज’ के साथ पूरे देश के MSME के विकास के लिए कार्य करना है। देश की GDP ग्रोथ में MSME की भूमिका पर A 20 Joint Forum के माध्यम से केन्द्र सरकार से Ease of doing manufacturing के लिए पालिसी रिफार्म की आवश्यकता बताई, जिससे देश के  5 ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी के संकल्प को पूरा करने में MSMEs का योगदान बढाया जा सके |