परिवार के सभी सदस्यों को एक साथ बैठकर रामलीला का मंचन देखना चाहिए: विमला बाथम

परिवार के सभी सदस्यों को एक साथ बैठकर रामलीला का मंचन देखना चाहिए: विमला बाथम

नोएडा। श्री राम लखन धार्मिक लीला कमेटी द्वारा 10 वर्षों से शुरू की गई रामलीला के नवे दिन यानी सोमवार को मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद पूर्व विधायक विमला बाथम , एवं कार्यक्रम अध्यक्ष अभिषेक जैन, राजकुमार गोयल के अलावा मुख्य  उपस्थित के रूप में जॉइंट पुलिस कमिश्नर राजीव नारायण मिश्रा, एडिशनल डीसीपी नोएडाअभय कुमार मिश्रा ने पूजा अर्चना के बाद रामलीला का शुभारंभ कराया। 

इस अवसर पर मुख्य अतिथि पूर्व विधायक विमला बाथम ने
 कहा कि वे रामलीला समिति के आयोजन कर्ताओं को लिए धन्यवाद देती हूं, उन्होंने कहा कि राम की लीला एक साथ पूरा परिवार बैठकर देखने से परिवार के सभी सदस्यों को संस्कृति एवं सभ्यता का ज्ञान मिलता है ।

इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को अपने परिवार के साथ रामलीला का मंचन देखना चाहिए, भगवान श्री राम की लीला हमें यह सीख देती है कि प्रत्येक मनुष्य को सत्य के मार्ग पर चलना चाहिए ,उन्होंने कहा कि भगवान श्री राम ने सत्य के मार्ग पर चलते हुए असत्य को पराजित कर  जीत  दर्ज की। 

इस अवसर पर अति विशिष्ट अतिथि के रूप में सुधीर मित्तल पूर्व अध्यक्ष अग्रवाल मित्रमंडल, डॉ हरीश मिश्रा उप कुलपति महर्षि सत्य सनातन विद्यापीठ, विनोद त्यागी क्षेत्रीय उपाध्यक्ष भाजपा, धर्मेंद्र गुप्ता जिला उपाध्यक्ष, वीरेंद्र मेहता अध्यक्ष पंजाबी विकास फाऊंडेशन, सुनील चौधरी पूर्व विधानसभा प्रत्याशी नोएडा, त्रिलोक शर्मा, संजीव गुप्ता, कृपाराम शर्मा, सेक्टर 47 के अध्यक्ष प्रवेश शर्मा ,संजय चौहान ,प्रशांत अग्रवाल ,अमित कुमार जैन आदि मौजूद थे। 

इस अवसर पर रामलीला समिति के अध्यक्ष विपिन अग्रवाल और महासचिव गिरिराज अग्रवाल ने आए हुए अतिथियों का स्वागत किया।

सोमवार की लीला मंचन में पंडित कृष्ण स्वामी ने विभीषण का रावण को समझाना तथा विभीषण का लंका छोड़ राम की शरण में जाना और वानरो द्वारा समुद्र पर रामसेतु का निर्माण एवं रामेश्वर मंदिर की स्थापना तथा युद्ध से पहले रावण को समझने के लिए अंगद को भेजना और रावण अंगद संवाद के अलावा लक्ष्मण मेघनाथ युद्ध होना लीला का मंचन किया गया और लक्ष्मण को शक्ति बाण लगना, हनुमान जी का संजीवनी लाना लक्ष्मण जी का मुरक्षा से जागृत होना और मेघनाथ का युद्ध भूमि में वध होना एवं कुंभकरण का वध होने की लीला का मंचन किया गया।