कुलेसरा, लखनावली और सुत्याना में बिजली समस्या को लेकर निकाली गई शानदार रैली

कुलेसरा, लखनावली और सुत्याना में बिजली समस्या को लेकर निकाली गई शानदार रैली

‌‌ ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा के कुलेसरा, लखनावली और सुत्याना की कॉलोनियों से एकता संघर्ष समिति के नेतृत्व में सुबह नौ बजे से एक शानदार रैली का आयोजन किया गया। यह रैली श्याम विहार कॉलोनी, लखनावली से शुरू हुई। जैसे-जैसे रैली आगे बढ़ी अन्य कॉलोनियों की महिलाएँ, पुरुष, तथा बच्चे शामिल होते गए तथा रैली बड़ी होती गयी। रैली में श्याम विहार कॉलोनी, जय हनुमान कॉलोनी (पीर बाबा कॉलोनी), परशुराम विहार कॉलोनी, पवन एन्क्लेव कॉलोनी, मयूर कुंज कॉलोनी, न्यू फ्रेण्डस कॉलोनी, श्रीराम कॉलोनी, राम जानकी नगर आदि कॉलोनियों के लोग बड़ी संख्या में शामिल हुए।

यह रैली प्रशासन, नोएडा पॉवर कम्पनी लिमिटेड (NPCL) और तमाम दलालों को एक चेतावनी थी कि जनता अभी सोयी नहीं है। जबतक तात्कालिक राहत के साथ पक्का बिजली कनेक्शन नहीं मिल जाता तबतक लोग ऐसे ही संगठित होते रहेंगे। अगस्त में इस जिले की पहली महिला जिलाधिकारी ने अपना कार्यभार संभाला जिसके बाद एकता संघर्ष समिति का एक प्रतिनिधिमंडल मिलने गया था जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं थीं, मगर जिलाधिकारी ने मिलने से मना कर दिया।

बिजली कनेक्शन को एक जनआन्दोलन बनाने की प्रक्रिया में आज की यह रैली निकाली गयी थी। ज़ोरदार नारे लगाते हुए लाल साड़ी पहने हुए महिलाएँ जब सड़कों से गुजरी तो देखने वालों में भी जोश भर गया। जिस भी इलाके से रैली गुजरी लोगों में जोश का संचार होता गया तथा लोग जुड़ते गये।

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर जिले में हिण्डन नदी के किनारे कई दर्जन कॉलोनियों बसी है जिनमें कई लाख मेहनतकशों के परिवार मकान बनाकर रहते हैं। इन कॉलोनियों में किसी प्रकार की कोई बुनियादी सुविधा नहीं है। यहाँ तक कि बिजली जैसी बुनियादी सुविधा भी यहाँ नहीं है। पिछले कई साल से इन कॉलोनियों के लोग बिजली कनेक्शन के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

पिछले साल एकता संघर्ष समिति के नेतृत्व में बिजली कनेक्शन की लड़ाई को आगे बढ़ाने का काम शुरू हुआ। तमाम उतार-चढ़ाव के साथ यह लड़ाई आगे बढ़ रही है। 22 मई को एकता संघर्ष समिति के नेतृत्व में एक शानदार प्रदर्शन हुआ था जिसके बाद कुलेसरा, सुत्याना की कई कॉलोनियों के लोगों को तात्कालिक राहत मिली। अभी भी श्याम विहार कॉलोनी में कोई राहत नहीं मिली है, और तात्कालिक तौर पर यहाँ लोगों को बिजली के लिए संघर्ष जारी है।