क्या फिर एक बार हिंदी सिनेमा की बदलेगी तस्वीर?

क्या फिर एक बार हिंदी सिनेमा की बदलेगी तस्वीर?

जहां एक तरफ पूरे देश भर में  "पुष्पा 2"फिल्म के रिलीज होने के बाद हिंदी सिनेमा के वर्तमान एवं भविष्य को लेकर एक नई बहस चल रही है।  देश के बॉक्स ऑफिस पर हिंदी सिनेमा के गिरते स्तर  और साउथ के सिनेमा के बढ़ते वर्चस्व के बीच। दिल्ली के जाने-माने लेखक एवं निर्देशक  कन्हैया लाल राठौर  "मेरा एक ही सहारा" हिंदी फिल्म का निर्देशन करने जा रहे हैं। राठौर का कहना है कि पिछले लगभग  तीन दशक से हिंदी सिनेमा का स्तर लगातार गिरता जा रहा है।

फिल्मों का कथानक भारतीय साहित्य एवं संस्कृति से लगातार दूर होने के कारण दर्शकों से अपना सीधा संबंध नहीं  बनापा रहा। इसी कारण से हिंदी सिनेमा लगातार बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन नहीं कर रहा। एक समय था जब भारतीय सिनेमा भारतीय कथानकों से भरा हुआ था और साथ ही साथ सनातन परंपराओं पर आधारित फिल्मों का निर्माण भी लगातार किया जा रहा था। निर्देशक राठौर का कहना है कि धार्मिक फिल्मों के निर्माण से बदलेगी हिंदी सिनेमा की तस्वीर।

राठौर अपनी फिल्म "मेरा एक ही सहारा"के माध्यम से देश में एक बार फिर से धार्मिक एवं आध्यात्मिक फिल्मों का दौर लाना चाहते हैं।  "मेरा एक ही सहारा"  खाटू श्याम पर आधारित होगी जिन पर लाखों करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था है। फिल्म भारतीय संस्कृति एवं सनातन परंपराओं को दर्शाते हुए वर्तमान में युवाओं  को सनातन धर्म से जोड़ने का काम करेगी। फिल्म की शूटिंग दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान एवं  देश के अलग-अलग राज्यों में की जाएगी।  

वर्ष 2025 में  देश के अलग-अलग राज्यों के सिनेमाघर में फिल्म को रिलीज किया जाएगा।  यह फिल्म युवाओं को अपनी संस्कृति एवं सनातन परंपराओं से जोड़ते हुए उन्हें सकारात्मक मार्ग पर चलने का संदेश देने का काम करते हुए  युवाओं में सकारात्मक भावों को पैदा करने में एक अहम भूमिका निभैगी।