मोदी और योगी ही बनायेंगे श्री राम के सपनों का भारत - जगतगुरु रामभद्राचार्य
रा से राष्ट्र और म से मंगल अतः बिना राम के राष्ट्र का मंगल संभव नहीं - जगतगुरु
नोएडा। श्री हनुमान सेवा न्यास और श्रीराम राज फाउंडेशन द्वारा जगतगुरु रामभद्राचार्य द्वारा नोएडा स्टेडियम में संचालित श्री रामकथा का चौथा दिन श्याम 5 बजे से प्रारंभ हुआ। चौथे दिन भी भजनों से श्रोता राम मय होकर जय श्री राम के नारों से उद्घोष करते रहे।
मंच पर जगतगुरु रामभद्राचार्य के पहुँचने पर गहमागहमी बनी रही, नोएडा के विधायक पंकज सिंह प्रारंभिक पूजा में शामिल हुए और श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए गुरुजी के पवित्र कथा के लिए नोएडा का चयन करने के लिए धन्यवाद किया ।
मीडिया प्रभारी अवनीश सिंह ने बताया की आज ज़ेवर के विधायक धीरेंद्र सिंह भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता कृष्णमोहन अग्रवाल जी के साथ कई गणमान्य लोगो ने कथा में आगमन किया
जगतज्ञरु ने कथा को आगे बढ़ाते हुए कहा की भगवान राम ने राष्ट्र के प्रमुख पदों पर राष्ट्र के मूल निवासियों को ही बैठेंने का संदेश दिया ।
भगवान राम ने कभी भी राष्ट्र के किसी व्यक्ति को जाती धर्म के आधार पर न्याय में भेद नहीं किया इसलिए आज तक किसी राष्ट्र के लिए रामराज्य की परिकल्पना ही सर्वश्रेष्ठ मानी जाती है। राम की चौपाइयों से पूरा वातावरण गुंजायमान हो गया। आज पूरा पंडाल भर गया और क्षमता से अधिक श्रद्धालुओं के पहुँचने पर आयोजक ने पंडाल में स्वयंसेवकों के माध्यम से बैठने की अतिरिक्त व्यवस्था की।

एक बार अयोध्या कुमार के नाम पर पूरा पंडाल नृत्य पर झूमने लगा
जगतगुरु ने राष्ट्र को सचेत किया की मोदी योगी इस समय राम राज की परिकल्पना के अनुरूप कार्य कर रहे हैं अतः देश को इनका साथ देना चाहिए । देश में अब तक इतना बड़ा काम नहीं हुआ जो जो मोदी योगी ने कर के दिखा दिया ।
अयोध्या पर जगतगुरु ने कहा की शुभ मुहूर्त पर भगवान राम लला की प्रस्थापना की जाये क्योंकि राम का मतलब है रा से राष्ट्र और म से मंगल अतः बिना राम के राष्ट्र का मंगल नहीं हो सकता।

सेक्टर 77 गृह प्रवेश सोसायटी निवासी प्रशांत कुमार राय ने कहां की यह नोएडा वासियों के लिए बड़े सौभाग्य की बात है कि उन्हें जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य जी के मुख से श्री राम कथा सुनने का अवसर मिला है, ऐसे कार्यक्रम के लिए आयोजकों का हृदय से आभार, सनातन धर्म के प्रचार प्रसार के लिए ऐसे कार्यक्रम हमेशा होते रहना चाहिए ताकि आने वाली पीढ़ी का धर्म से जुड़ाव हो।


