ग्राम रघुनाथपुर की मूलभूत समस्याओं और सुरक्षा संबंधी मुद्दों के समाधान हेतु सौंपा ज्ञापन
नोएडा। ग्राम रघुनाथपुर के निवासीयों ने गांव की कुछ महत्वपूर्ण समस्याओं से अवगत कराने के संबंध में एक ज्ञापन सौंपा। जिसमें गांव रघुनाथपुर डीएनडी एमपी वन रोड पर, पूर्वी दिल्ली से 2-2.5 किमी की दूरी पर स्थित है। नोएडा की स्थापना के 50 वर्ष बाद भी, गांव में मूलभूत सुविधाओं का अभाव है के बारे में अवगत कराया गया, और शीघ्र समाधान कराए जाने की मांग की।
ग्राम रघुनाथपुर की समस्याए:
गांव के मुख्य द्वार पर गेट: गांव के प्रवेश द्वार पर एक गेट बनाया जाए।
नोएडा स्टेडियम का नामकरण: गांव की जमीन पर बने स्टेडियम का नाम "श्री रघुनाथ स्टेडियम" रखा जाए।
नालियों की स्थिति: गांव की सभी नालियों की मैपिंग की जाए।
मुख्य नाली, जो 40 वर्षों से गहरी हो चुकी है और खतरे का कारण है, में फिट/स्लैब डाला जाए और उसे भरा जाए।
नालियों के ढलान को ठीक कर पानी की निकासी सुनिश्चित की जाए।
सीवर लाइन: ओवरफ्लो होने वाली सीवर लाइनों की गहराई और पाइप की चौड़ाई को आबादी के अनुरूप बढ़ाया जाए।
अतिक्रमण हटाना: मुख्य रास्तों और नालियों पर दुकानदारों द्वारा किए गए अतिक्रमण को हटाया जाए।
कबाड़ी और गंदगी: गांव में बढ़ते कबाड़ियों के कारण फैल रही गंदगी को नियंत्रित कर उन्हें हटाया जाए।
गलियों का नामकरण और नक्शा: सभी गलियों में बोर्ड लगाए जाएं और मकान नंबर अंकित किए जाएं।
गांव के बाहर मुख्य मार्ग पर पूरे गांव का नक्शा गली नंबरों के साथ प्रदर्शित किया जाए।
सुविधाओं की जानकारी: बारात घर और मुख्य स्थानों पर बिजली विभाग, डाक विभाग, और नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों के संपर्क नंबर प्रदर्शित किए जाएं।
जिम की स्थापना: गांव में जिम की सुविधा प्रदान की जाए, जैसा कि अन्य गांवों में किया गया है।
पानी की गुणवत्ता: खराब पानी की गुणवत्ता में सुधार किया जाए और अन्य सेक्टरों की तरह गंगाजल की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
विभागीय समन्वय: संबंधित विभाग (प्राधिकरण, बिजली, आदि) प्रत्येक 15 दिन में 2 घंटे के लिए बारात घर में बैठकर जनता की समस्याएं सुनें।
पुलिस पेट्रोलिंग: गांव की गलियों में नियमित पुलिस पेट्रोलिंग सुनिश्चित की जाए ताकि सुरक्षा का भाव बना रहे।
स्वास्थ्य औषधालय: गांव में एक स्वास्थ्य औषधालय खोला जाए।
दुकानदारों और किराएदारों का सत्यापन: गांव में मौजूद दुकानदारों और किराएदारों का सत्यापन किया जाए। दिल्ली बॉर्डर के निकट होने के कारण सुरक्षा की दृष्टि से यह सुनिश्चित किया जाए।
बिजली के खंभों पर नंबर: बिजली के खंभों पर नंबर अंकित किए जाएं ताकि लोगों को सही पते पर पहुंचने में आसानी हो।


