मुझे बायर्स का दर्द पता है और हमारी सरकार आने के बाद उसके लिए प्रयास भी किए गए - योगी आदित्यनाथ

मुझे बायर्स का दर्द पता है और हमारी सरकार आने के बाद उसके लिए प्रयास भी किए गए - योगी आदित्यनाथ

मुझे बायर्स का दर्द पता है और हमारी सरकार आने के बाद उसके लिए प्रयास भी किए गए और आज भी जारी है। कुछ प्रकरण कानूनी अड़चन की वजह से रुक गए थे, लेकिन अन्य प्रकरणों में सरकार गंभीर है तथा हमारा पूरा प्रयास है कि बायर्स की समस्या का पूर्ण समाधान होगा ये कहना है उ.प्र. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का।

घर ख़रीदारों की समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री से मिला नेफोवा का प्रतिनिधि मंडल, सीएम ने कहा पहली प्राथमिकता घर ख़रीदार।

जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह के नेतृत्व में नेफ़ोवा से जुड़े घर ख़रीदारों के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी से मुलाक़ात की। यह वार्ता 45 मिनट तक चली, जिस दौरान पूरे जनपद के घर ख़रीदारों के मुद्दे को रखा गया। 

जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह ने मुख्यमंत्री के समक्ष घर ख़रीदारों की बात रखी और सरकार की तरफ़ से उठाए जा रहे कदमों को भी बताया। 

नेफ़ोवा अध्यक्ष अभिषेक कुमार ने मुख्यमंत्री से अपील की कि "लाखों घरों की रजिस्ट्री सालों से रुकी हुई है। बिल्डर और अथॉरिटी की गलतियों का ख़मियाज़ा घर ख़रीदारों को उठाना पड़ रहा है।"* वहीं उन्होंने जिन लाखों घर ख़रीदारों को घर नहीं मिला है उन्हें घर दिलवाने के लिए अथॉरिटी को निर्देश देने की अपील की। 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने घर ख़रीदारों की समस्याओं को धैर्य से सुना और भरोसा दिया कि समस्याओं को हल किया जाएगा। उन्होंने तमाम पहलुओं पर ध्यान देने का आश्वासन दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा है कि उनकी पहली प्राथमिकता घर ख़रीदारों के अधिकारों को दिलाना है, उसके बाद अथॉरिटी और बिल्डर हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री बनने के बाद परेशान लोगों को घर दिलाने पर उन्होंने ज़ोर दिया, जिस वजह से लाखों लोगों को घर मिला है। 

जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह के साथ बुलंदशहर की अनके मुख्य विधानसभा से विधायक श्री संजय शर्मा के साथ इस प्रतिनिधिमंडल में घर ख़रीदारों के प्रतिनिधिमंडल में नेफ़ोवा अध्यक्ष अभिषेक कुमार,  शुभ्रा सिंह, ज्योति जायसवाल, राजकुमार सिंह, रंजना भारद्वाज, शिप्रा गुप्ता और मिहिर गौतम शामिल थे।

घर देने और रजिस्ट्री की मांग को लेकर नेफ़ोवा के बैनर तले घर ख़रीदार पिछले क़रीब तीन महीने एक मूर्ति पर हर रविवार को प्रदर्शन कर रहे हैं।