एमिटी विश्वविद्यालय में डिप्लोमा इन क्लिनिकल एब्रोयोलॉजी और डिप्लोमा इन क्लिनिकल एआरटी के ओरियटेंशन कार्यक्रम का आयोजन

एमिटी विश्वविद्यालय में डिप्लोमा इन क्लिनिकल एब्रोयोलॉजी और डिप्लोमा इन क्लिनिकल एआरटी के ओरियटेंशन कार्यक्रम का आयोजन

नोएडा।PNI News। एमिटी इंस्टीटयूट ऑफ मॉलेक्यूलर मेडिसिन एंड स्टेम सेल रिसर्च द्वारा इंडियन फर्टीलिटी सोसाइटी के सहयोग से संचालित किये जा रहे दो महत्वपूर्ण पाठयक्रम डिप्लोमा इन क्लिनिकल एब्रोयोलॉजी (डीसीई) और डिप्लोमा इन क्लिनिकल एआरटी (डीसीआर) के छात्रों हेतु ओरियटेंशन कार्यक्रम का आयोजन किया। इस पाठयक्रम सत्र का शुभारंभ एमिटी विश्वविद्यालय की वाइस चांसलर डा (श्रीमती) बलविंदर शुक्ला और एमिटी इंस्टीटयूट ऑफ मॉलेक्यूलर मेडिसिन एंड स्टेम सेल रिसर्च के चेयरमैन डा बी सी दास द्वारा हवन करके किया गया। इस अवसर पर हवन और ओरियटेशन कार्यक्रम में इंडियन फर्टीलिटी सोसाइटी की अध्यक्ष डा सुधा प्रसाद, इंडियन फर्टीलिटी सोसाइटी के पूर्व सचिव डा के डी नायर सहित छात्र, अभिभावक ऑनलाइन शामिल हुए।

एमिटी विश्वविद्यालय की वाइस चांसलर डा (श्रीमती) बलविंदर शुक्ला ने इन दो महत्वपूर्ण डिप्लोमा पाठयक्रमों का प्रारंभ इंडियन फर्टीलिटी सोसाइटी के साथ मिलकर किया जा रहा है जिसे विशेषरूप से आपके कौशल को विकसित करने के लिए डिजाइन किया गया है। इस अद्वितीय कार्यक्रम में आपको सै़द्धातिक और आईवीएफ क्लिनिक में प्रयोगिक जानकारी प्रदान की जायेगी। पाठयक्रमों का उददेश्य सभी छात्रों के प्रदर्शन को बढ़ाना है। आज जो परिवार आईवीएफ के लिए जाते है उन्हें कांउसलिंग की आवश्यकता होती है और उसके साथ उनमें आत्मविश्वास भी बढ़ाना होता है। आपको केवल अपने कार्य में महारत नही होना है बल्कि आपको परिवारों की भावनाओं को भी समझना होगा और हम आपके अदंर इस कौशल को विकसित करेगें। आप सभी को अपने सपने पूरे करने है और इसके साथ आईवीएफ और एमिटी के ध्येय को पूर्ण करना है।

ओरियटेशन कार्यक्रम में इंडियन फर्टीलिटी सोसाइटी की अध्यक्ष डा सुधा प्रसाद ने संबोधित करते हुए कहा कि यह अपने आप में एक बेहतरीन पाठयक्रम है जो आप विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े व्यक्तियों को पूरे रिप्रोडक्टिव सिस्टम की जानकारी प्रदान करेगा। इसके अतिरिक्त आपको मरीज से बातचीत करने, कांउसलिंग करने और मरीज के इतिहास को जानने के कौशल को सीखना होगा। अधिक से अधिक सीखने का प्रयास करेे। हर मरीज से बातचीत करना आपको कुछ नया सीखायेगा और आप एक सफल रिप्रोडक्टीव चिकित्सा विशेषज्ञ बनेगें।

इंडियन फर्टीलिटी सोसाइटी के पूर्व सचिव डा के डी नायर ने संबोधित करते हुए कहा कि आपको इस प्राप्त अवसरों का पूर्ण लाभ उठाना चाहिए और अधिक से अधिक जानकारी प्राप्त करनी चाहिए। अकादमिक और प्रयोगिक प्रशिक्षण आपको उंचाईयों के नये आयाम स्थापित करने में सहायक होगें।

एमिटी इंस्टीटयूट ऑफ मॉलेक्यूलर मेडिसिन एंड स्टेम सेल रिसर्च के चेयरमैन डा बी सी दास ने इस अवसर पर छात्रों का स्वागत करते हुए एमिटी का उददेश्य छात्रों का संपूर्ण विकास और शिक्षा के माध्यम से राष्ट्र निर्माण है। यह पाठयक्रम आपके व्यवसायिक जीवन में सफल होने में सहायक होगा।

इस अवसर पर एमिटी इंस्टीटयूट ऑफ मॉलेक्यूलर मेडिसिन एंड स्टेम सेल रिसर्च के डा धु्रव कुमार ने छात्रों को पाठयक्रम के उददेश्य, संरचना, शिक्षण के परिणाम आदि की जानकारी प्रदान की।