विद्या भारती 11 जुलाई को साहिबाबाद में प्रान्त के मेधावियों छात्र-छात्राओं को करेगी सम्मानित
यूपी बोर्ड और सीबीएसई में मेरठ प्रान्त के विद्यालयों का उत्कृष्ट परिणाम हाईस्कूल में 98.37 और इंटरमीडिएट में 95.7 प्रतिशत परीक्षार्थी रहे सफल
मेरठ विद्या भारती मेरठ प्रान्त के संगठन मंत्री प्रदीप गुप्ता ने बताया कि 11 जुलाई 2025 को स्वामी विवेकानंद सरस्वती विद्या मंदिर राजेन्द्र नगर, साहिबाबाद में आयोजित होने वाले सम्मान समारोह में यूपी बोर्ड और सीबीएसई परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को नगद पुरस्कार और सम्मान-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया जाएगा। इस अवसर पर विशेष रूप से इन छात्र-छात्राओं के अभिभावकों को भी आमंत्रित किया जाएगा। इसमें उत्तर प्रदेश बोर्ड हाई स्कूल के 59 इंटरमीडिएट के 29 तथा सीबीएसई में हाई स्कूल के 18 व इंटरमीडिएट के 15 एवं सरस्वती प्रतिभा खोज परीक्षा में मेधावी घोषित 18 विद्यार्थी हैं। इस प्रकार कुल 139 छात्र सम्मानित होंगे।

UPSC 2025: इस परीक्षा में विद्या भारती के 02 छात्र उत्तीर्ण हुए। जिनमे से भैया विभोर सारस्वत (सूरजभान सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, शिकारपुर, बुलन्दशहर) ने रैंकिंग-19 व भैया अरुण कुमार (सरस्वती विद्या मंदिर मिलक, रामपुर) ने रैंक 828 प्राप्त की।
NEET 2024:- इस परीक्षा में विद्या भारती के. छात्र उत्तीर्ण हुए। जिनमे दुर्गावती हेमराज टाह सरस्वती विद्या मंदिर नेहरु नगर गाज़ियाबाद, के निखिल प्रजापति ने (All India Rank) 2651 रैंक, यश कुमार ने AIR 23908 रैंक व सिमरन यादव ने AIR 31817 रैंक प्राप्त की। सरस्वती बाल मंदिर हापुड़ के शुभम शर्मा, लविश कुमार, परिवेश भारत, मुकुल कुमार, कृष्णा कंसल, पुष्कर सिंह उत्तीर्ण हुए।
भाऊराव देव रस सरस्वती विद्या मंदिर नोएडा सेक्टर-12 की ख़ुशी AIR 2141, व राजकुमार AIR 52923
भाऊराव देवरस सरस्वती विद्या मंदिर सै० 12 नोएडा में आयोजित पत्रकार वार्ता में श्री प्रदीप गुप्ता ने बताया कि विगत वर्षों की तरह इस वर्ष भी यूपी बोर्ड और सीबीसएसई में विद्या भारती के विद्यालयों का परीक्षा परिणाम श्रेष्ठ रहा है। यूपी बोर्ड और सीबीएसई हाईस्कूल परीक्षा में विद्या भारती मेरठ प्रान्त का परिणाम 98.37 प्रतिशत रहा और कुल 12 हजार 573 परीक्षार्थियों में से 12,369 परीक्षार्थी उत्तीर्ण हुए हैं। इसी प्रकार इंटरमीडिएट परीक्षा परिणाम 95.7 प्रतिशत रहा है। और 10 हजार 54 परीक्षार्थियों में से 9,354 परीक्षार्थी सफल रहे हैं। सवाददाता सम्मेलन में भारतीय शिक्षा समिति के मंत्री राम वरुण, शिशु शिक्षा समिति के मंत्री प्रदीप भारद्वाज, जन शिक्षा समिति के मंत्री विपिन गोयल, प्रदेश निरीक्षक क्रमशः विशोक कुमार, मदन पाल सिंह, हेमराज सिंह, प्रांत प्रचार संयोजक डा. नीरज शर्मा जी, सह संयोजक जगवीर शर्मा, प्रधानाचार्य सोम गिरि आदि उपस्थित रहे।
मुरादाबाद की दो छात्राओं को यूपी टाप टेन की मेरिट में स्थान यूपी बोर्ड हाईस्कूल में प्रदेश की मेरिट में डा. देवेन्द्र पाल सरस्वती विद्या मंदिर बिलारी, मुरादाबाद की दो छात्राओं ने टाप टेन में स्थान बनाया है। इनमें ऋतु गर्ग ने 97.5 प्रतिशत अंक के साथ प्रदेश की मेरिट में तीसरा स्थान और इरम फातिमा ने 96.33 प्रतिशत अंकों के साथ दसवां स्थान प्राप्त किया है। यूपी बोर्ड हाईस्कूल में मेरठ प्रान्त के 59 परीक्षार्थी जिलों की टाप टेन लिस्ट में शामिल रहे हैं। इंटरमीडिएट में 29 परीक्षार्थी जिले की मेरिट में वरीयता सूची में रहे। विद्या भारती के विद्यालयों के विद्यार्थी पहले भी प्रदेश की मेरिट लिस्ट में स्थान बनाते रहे हैं।
बालक के सर्वांगीण विकास पर ध्यान विद्या भारती केवल बालक के शैक्षिक विकास पर ही नहीं अपितु सर्वांगीण विकास पर दयां देता है ताकि वह जीवन की वर्तमान चुनोतियो का सफलतापूर्वक सामना कर सके। इसके लिए पंचकोशीय विकास पर ध्यान देते हुए शारीरिक, प्राणिक, मानसिक बोद्धिक, तथा नैतिक एवं आध्यात्मिक विकास को पुष्ट करने के किये पाच आधारभूत विषयों क्रमशः शारीरिक, योग, संगीत, संस्कृत, एवं नैतिक आध्यात्मिक शिक्षा को भी समय सारिणी में स्थान दिया गया है।
विद्या भारती की बड़ी पहल, तैयार करा रहा विद्यालयों का इतिहास विद्या भारती मेरठ प्रान्त के संगठन मंत्री प्रदीप गुप्ता जी ने बताया कि संगठन
की ओर से विद्या भारती के विद्यालयों का इतिहास तैयार कराया जा रहा है। इसे पुस्तक के रूप में प्रकाशित करने की योजना है। इसके लिए विद्या भारती में अखिल भारतीय स्तर पर अभिलेखागार विभाग की स्थापना की गई है। मेरठ प्रान्त के अभिलेखागार का कार्यालय सरस्वती शिशु मंदिर नोएडा में है।
राष्ट्रीय विज्ञान व गणित मेले में मेरठ प्रान्त को प्रथम स्थान बीते शैक्षणिक सत्र में आयोजित विज्ञान व गणित मेले में राष्ट्रीय स्तर पर मेरठ प्रान्त
को प्रथम स्थान मिला है। गणित एवं विज्ञान मेले का आयोजन प्रतिवर्ष किया जाता है। विद्या भारती के विद्यालयों में इन्फार्मेशन टेक्नोलोजी एवं आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस का शिक्षण एवं प्रशिक्षण कराने की व्यवस्था भी की जाती है।
मेरठ प्रान्त में विद्या भारती के 332 विद्यालय संगठन मंत्री प्रदीप गुप्ता जी ने बताया कि मेरठ प्रान्त में विद्या भारती के 332 विद्यालय हैं जिनमें
शिशु शिक्षा समिति के 74, भारतीय शिक्षा समिति के 78, जन शिक्षा समिति के 171 विद्यालय हैं। जबकि भारतीय श्री विद्या परिषद् मथुरा द्वारा संचालित 9 विद्यालय हैं। इसके अलावा चार महाविद्यालय हैं। जिनमें से दो शिकारपुर (बुलंदशहर), एक हापुड़ और एक मुरादनगर (गाजियाबाद) में है। इनमें शिशु शिक्षा समिति शहरी क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालयों का संचालन करती है। जबकि भारतीय शिक्षा समिति शहरी क्षेत्र के माध्यमिक विद्यालयों और जन शिक्षा समिति ग्रामीण क्षेत्र के विद्यालयों के संचालन का दायित्व निभाती है।
संस्कार केन्द्र/कौशल विकास विद्या भारती मेरठ प्रान्त के संगठन मंत्री प्रदीप गुप्ता जी ने बताया कि विद्या भारती के विद्यालयों में अधिकतर आर्थिक दृष्टि से कमजोर बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इन बच्चों की शिक्षा में किसी प्रकार की बाधा न आए और उन्हें उत्कृष्ट शिक्षा मिले, इसका विशेष ध्यान रखा जाता है। विद्या भारती की ओर से उपेक्षित बस्तियों में शिक्षा से वंचित बच्चों के लिए संस्कार केन्द्र, एकल विद्यालय, पुस्तकालय, सिलाई-कढ़ाई केंद्र, ब्यूटीशियन और कंप्यूटर प्रशिक्षण केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। साहिबाबाद विद्यालय के कौशल विकास केन्द्र में मोबाइल फोन एवं बाइक रिपेयरिंग आदि विभिन्न पाठ्यक्रम कराए जाते हैं। विद्यार्थियों को संगीत शिक्षा, पर्यावरण शिक्षा, अंग्रेजी संभाषण के साथ वाद्य यंत्रों द्वारा घोष वादन का अभ्यास कराया जाता है। पराक्रम दिवस, गणतंत्र दिवस और अन्य विशिष्ट अवसरों पर विद्यालयों में घोष के साथ पथ संचलन निकाला जाता है।
नोएडा में कामर्स प्रयोगशाला भाऊराव देवरस सरस्वती विद्या मंदिर नोएडा में मेरठ प्रान्त की प्रथम प्रयोगशाला स्थापित की गई है। इसका उद्देश्य विज्ञान विषयों की तरह कामर्स में भी सैद्धांतिक ज्ञान के साथ प्रयोगात्मक ज्ञान पर ध्यान देना है। इसके तहत विद्यार्थियों को व्यवसाय की दुनिया से परिचित कराने के साथ ज्ञान को वास्तविक जीवन के साथ जोडने में सहायता प्रदान की जाती है। इसके अलावा लेखांकन, वित्तीय प्रबंधन, बैंकिंग और कंपनी कार्यों से संबंधित कौशल विकास भी किया जाता है। अन्य विद्यालयों में भी कॉमर्स लैप बनाने पर कार्य चल रहा है।
बालिका शिक्षा/कन्या भारती /शिशु भारती / छात्र संसद भारतीय श्री विद्या परिषद् के अंतर्गत मेरठ प्रान्त में 9 बालिका विद्यालय हैं। बालिका
शिक्षा की दृष्टि से विद्या भारती ने बालिका शिक्षा परिषद् का गठन किया है। इसका उद्देश्य बालिकाओं के समग्र विकास हेतु योजना बनाना, बालिकाओं का ज्ञानात्मक, कौशलात्मक विकास और राष्ट्र के प्रति कर्तव्यों का बोध कराना है। वहीं, प्राथमिक विद्यालयों में शिशु भारती और माध्यमिक विद्यालयों में छात्र संसद/कन्या भारती का गठन किया जाता है। इसके तहत विभिन्न दायित्व सौंपकर बालक-बालिकाओं में नेतृत्व क्षमता का विकास किया जाता है।
खेलों पर जोर - संगठन मंत्री प्रदीप गुप्ता जी ने बताया कि विद्या भारती के विद्यालयों में खेलों पर भी विशेष जोर दिया जाता है। विद्यालय स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक और स्कूल गेम्स फेडरेशन आफ इंडिया स्तर तक विद्या भारती के विद्यालयों की प्रतिभागिता रहती है। इस वर्ष राष्ट्रीय स्तर पर मेरठ प्रान्त ने 211 मेडल और स्कूल गेम्स फेडरेशन आफ इंडिया में छह मेडल प्राप्त किए हैं।
समर्थ भारत - उत्तम संतान प्राप्ति के लिए गर्भधारण पूर्व एवं गर्भवती बहनों की शिक्षा गुजरात से प्रारंभ होकर मेरठ प्रान्त के ब्रह्मा देवी सरस्वती बालिका विद्या मंदिर हापुड़ में स्थित समर्थ भारत के माध्यम से दी जा रही है। वहीं, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुसार अरुण, उदय, प्रभात, कक्षा एक एवं दो तक बैग रहित शिक्षा खेल-खेल में विविध शैक्षिक गतिविधियों द्वारा दी जाती है। वहीं, विद्यालयों में एनसीसी, स्काउट एवं गाइड का गठन कर सैन्य क्षमता, नेतृत्व विकास और सामाजिक कार्यों आदि का प्रशिक्षण दिया जाता है।
विद्या भारती के आयाम
संस्कृति बोध परियोजना- विद्या भारती के चार आयाम-संस्कृति बोध परियोजना, पूर्व छात्र परिषद् और क्रिया शोध और विद्वत परिषद् हैं। संस्कृति बोध परियोजना के तहत अखिल भारतीय संस्कृति महोत्सव प्रश्न मंच प्रतियोगिता, कथा-कथन प्रतियोगिता, तात्कालिक भाषण प्रतियोगिता, मूर्ति कला प्रतियोगिता, लोकनृत्य प्रदर्शन, पत्रवाचन प्रतियोगिता, संस्कृति ज्ञान परीक्षा छात्र और आचार्य संस्कृति ज्ञान परीक्षा का आयोजन किया जाता है।
पूर्व छात्र परिषद् - विद्या भारती की पूर्व छात्र परिषद् किसी शैक्षिक संस्थान का करीब 11 लाख पंजीकृत पूर्व छात्रों के साथ दुनिया का सबसे बड़ा पूर्व छात्र संगठन है। पूर्व छात्र परिषद् का उद्देश्य पूर्व छात्रों को जोड़कर उनके सुख-दुख में सहभागी होना और शिक्षा व समाज कार्यों के लिए प्रेरित करना है। पूर्व छात्र परिषद् की ओर से निर्धन छात्रों के लिए छात्रवृत्ति योजना, यूनिफार्म व स्टेशनरी वितरण, करियर काउंसिलिंग, स्वास्थ्य परीक्षण, पौधारोपण, ग्रामीण क्षेत्रों में पुस्तकालय, कौशल विकास कार्यशालाएं आदि का आयोजन होता है।
क्रिया शोध - विभिन्न शैक्षिक समस्याओं पर शोध करके उनका समाधान किया जाता है। इसके लिए कार्यशालाओं का आयोजन कर आचार्यों को प्रशिक्षित किया जाता है।
विद्वत परिषद् - विभिन्न शिक्षाविद एवं अन्य विद्वानों को जोड़कर विद्यालयों से लेकर जिला प्रान्त आदि स्तरों पर विद्वत परिषद् का गठन किया गया है। विभिन्न गोष्ठियों के माध्यम से विद्यालयों के शैक्षिक उन्न्यान भारतीय जीवन मुल्लयों के संरक्षण व संवर्धनं पर कार्य किया जाता है।


