स्वाधीनता दिवस एवं अखण्ड भारत संकल्प दिवस समारोह का आयोजन
नोएडा। राष्ट्रीय लोकतंत्र सेनानी मिलन समिति के तत्वाधान में स्वाधीनता दिवस एवं अखण्ड भारत संकल्प दिवस समारोह का आयोजन सेक्टर 55 नोएडा के बारात घर पर संपन्न हुआ। समारोह के मुख्य वक्ता महावीर ने कहा कि 25 जून 1975 को सत्ता लोभ के वशीभूत श्रीमती इंदिरा गांधी ने देश में आपातकाल लाग दिया। संविधान में संशोधन करते हुए हुए न्यायपालिका को पंगु बना दिया। मीडिया पर सेंसर लगा दिया। कांग्रेस सभी विरोधी दलों के नेताओं को गिरफ्तार कर जेलों में बन्द कर दिया।

उन्होंने कहा कि विरोधी दलों व राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ ने आपात काल का विरोध करते हुए सत्याग्रह किया। इसमें एक लाख बीस हजार लोग जेल गये । जेलों में अमानवीम यातनाएं दी गई। देश-विदेश में प्रबल विरोध कियेजाने पर आपातकाल समाप्त हुआ। उन्होंने बताया कि 400 वर्षों तक निरंतर संघर्ष करते हुए करोड़ों देशभको के बलिदान स्वरूप देश को स्वतंत्रता मिला। आजादी केवल अहिंसा से नहीं मिली। क्रांतिकारी और राष्ट्रभक्तों के संघर्षों से जो आधी-अधूरी स्वतंत्रता मिली है। वह फिर खो न जाये, इस पर विचार करते हुए देशधर्म की रक्षा की आषना जाग्रत करने की आवश्यकता है।
भाई महावीर ने अखण्ड भारत पर अपने विचार अभिव्यक्त करते हुए कहा कि विश्व कोकोने कोने में खुदाई करने पर मान्दर, मूर्ति यज्ञशाला आदि अवशेष मिलते हैं जो विश्वव्यापी हिन्दू संस्कृति का ज्वलंत उदाहरण है। ईरान, अफगानिस्तान म्मामास्भुरान इण्डोनिशिया, जकाती आदि अन्य देश भौगोलिक और सांस्कृतिक रूप से भारत के अभिन्न अंग थे। प्रत्यक्ष में उपस्थित कम्बोडिया का विश्वविख्यात विशाल विराट मंदिर भारत का अंग था। सम्पूर्ण विश्व को परिवार, व्यवहार, शांति का सन्देश भारत ने दिया। सभी मानव समान रूप से सुख शांति जीवन यापन करने में स्वतंत्र हो। यह भारत और भारतीय संस्कारी है, जो विश्व को मानवीयता का सन्देश देता है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता राम शरण गौड़ ने की। मुख्य अतिथि पूर्व राजदूत रही श्रीमती पद्मजा पाण्डे, विशिष्ट अतिथि के रूप में विख्यात साहित्यकार कृपानानन्द सागर ने सम्बोधित किया।
समारोह का संचालन ज्ञानेश राणा ने किया। कार्यक्रम में उपस्थत सभी गणमान्य सजनों का धन्यवाद ज्ञापन आनन्द प्रकाश आर्य ने किया। इस समारोह में शहर की अनेक गण्यमन लोग उपस्थित थे।


