एसएनडीटी महिला विश्वविद्यालय के 110 गौरवशाली वर्षों का भव्य उत्सव: शिक्षा, नवाचार और महिला सशक्तिकरण की ऐतिहासिक यात्रा

एसएनडीटी महिला विश्वविद्यालय के 110 गौरवशाली वर्षों का भव्य उत्सव: शिक्षा, नवाचार और महिला सशक्तिकरण की ऐतिहासिक यात्रा

मुंबई। श्रीमती नाथीबाई दामोदर ठाकर्सी (एसएनडीटी) महिला विश्वविद्यालय ने आज अपने 110वें स्थापना दिवस के अवसर पर शिक्षा, नवाचार और महिला सशक्तिकरण की अपनी ऐतिहासिक विरासत का भव्य उत्सव मनाया। 1916 में महर्षि धोंडो केशव कर्वे द्वारा स्थापित यह विश्वविद्यालय न केवल भारत, बल्कि दक्षिण-पूर्व एशिया का भी पहला महिला विश्वविद्यालय है, जिसने महिलाओं के उच्च शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभाई है ।

हाल ही में, एसएनडीटी महिला विश्वविद्यालय को नेशनल असेसमेंट एंड एक्रेडिटेशन काउंसिल (NAAC) द्वारा A+ ग्रेड (CGPA 3.27) से सम्मानित किया गया है, जो इसकी अकादमिक उत्कृष्टता और महिलाओं के सर्वांगीण विकास के प्रति प्रतिबद्धता का प्रमाण है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर, विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. उज्ज्वला चक्रदेव, प्रो-वाइस चांसलर डॉ. रूबी ओझा, रजिस्ट्रार डॉ. विलास नंदवडेकर, डीन डॉ. जाधव, एफएओ श्री विकास देसाई, डीओईई डॉ. संजय नेरकर, सभी निदेशकगण, संकाय सदस्य एवं समर्पित टीम को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी गईं। इन सभी का दूरदर्शी नेतृत्व और अथक समर्पण विद्यार्थियों एवं संबद्ध संस्थानों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

विशेष आयोजन: इस ऐतिहासिक अवसर पर, सत्यं फैशन इंस्टीट्यूट, नोएडा द्वारा "नेशनल इलस्ट्रेशन एवं पोर्ट्रेट डिजाइन ऑनलाइन प्रतियोगिता" का आयोजन किया गया। यह प्रतियोगिता देशभर के छात्र-छात्राओं एवं नवोदित डिजाइनर्स के लिए एक अनूठा मंच है, जहाँ वे अपनी मौलिक रचनात्मकता और कला का प्रदर्शन कर सकते हैं। प्रतियोगिता में शीर्ष 10 विजेताओं को नकद पुरस्कार एवं सभी प्रतिभागियों को ई-प्रमाणपत्र प्रदान किए जाएंगे।

संस्थापक महर्षि कर्वे के प्रेरणादायक शब्दों को स्मरण करते हुए:
"यदि आप एक पुरुष को शिक्षित करते हैं, तो आप एक व्यक्ति को शिक्षित करते हैं। लेकिन यदि आप एक महिला को शिक्षित करते हैं, तो आप एक परिवार (राष्ट्र) को शिक्षित करते हैं।"

एसएनडीटी महिला विश्वविद्यालय ने बीते 110 वर्षों में महिलाओं की शक्ति, बुद्धिमत्ता और क्षमता को निखारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जिससे समाज और राष्ट्र का सर्वांगीण विकास संभव हुआ है

सत्यम ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स के प्रमुखों के संदेश:
डॉ. स्नेह सिंह, चेयरपर्सन, सत्यं ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स ने कहा कि "एसएनडीटी महिला विश्वविद्यालय की 110 वर्षों की प्रेरणादायक यात्रा और शिक्षा के क्षेत्र में उसकी उपलब्धियाँ हम सभी के लिए गौरव का विषय हैं। सत्यं फैशन इंस्टीट्यूट को इस विरासत का हिस्सा बनने का अवसर मिलना अत्यंत सम्मान की बात है। हम निरंतर महिला सशक्तिकरण और रचनात्मकता को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।"

सीए डॉ. प्रदीप गुप्ता, सचिव, सत्यं ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स ने अपने संदेश में कहा कि "एसएनडीटी महिला विश्वविद्यालय द्वारा प्राप्त A+ ग्रेड समर्पित नेतृत्व, उत्कृष्ट शिक्षण और नवाचार का परिणाम है। हम सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएँ देते हैं और आशा करते हैं कि यह प्रतियोगिता उनके लिए सीखने और आगे बढ़ने का एक सशक्त मंच सिद्ध होगी।"

डॉ. नीतू मल्होत्रा, प्राचार्य, सत्यं फैशन इंस्टीट्यूट ने कहा कि "इस प्रतियोगिता के माध्यम से देशभर के युवा डिजाइनर्स को अपनी रचनात्मकता दिखाने का अवसर मिला है। हम सभी प्रतिभागियों की कला, समर्पण और उत्साह की सराहना करते हैं। सत्यं फैशन इंस्टीट्यूट, एसएनडीटी महिला विश्वविद्यालय के साथ मिलकर शिक्षा और नवाचार के नए आयाम स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है।"