सत्यम सिंह की मौत ,मरदह पुलिस की कार्यशैली शक के घेरे में

सत्यम सिंह की मौत ,मरदह पुलिस की कार्यशैली शक के घेरे में

मरदह। थाना क्षेत्र के लहूरापुर गांव में पांच दिन पूर्व आम के पेड़ से फंदे पर लटकते मिले लापता युवक के शव के मामले में पुलिस अब तक हत्या और आत्महत्या की गुत्थी नहीं सुलझा सकी है। इधर बुधवार को अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा युवा के जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में परिजनों एवं ग्रामीणों ने सुबह 11 बजे से थाना का घेराव करते हुए पर्दाफाश की मांग की। थानाध्यक्ष के आश्वासन पर एक घंटे बाद 12 बजे समाप्त हुआ। इधर सुरक्षा के दृष्टिकोण से कई थानों की पुलिस टीम मौजूद थी।

मालूम हो कि तीन दिन पूर्व घर से लापता सत्यम सिंह का शव बीते नौ दिसंबर को गांव के बाहर आम के पेड़ से लगे फंदे से लटकता मिला था। इस पर ग्रामीणों ने हत्या की आशंका जताई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया था। ऐसे में कुछ दिन पूर्व अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा युवा के जिलाध्यक्ष राजकुमार सिंह ने थानाध्यक्ष से मुलाकात कर घटना का पर्दाफाश करने के लिए 14 दिसंबर की तिथि दी थी, लेकिन घटना का खुलासा न होने से नाराज जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में ग्रामीणों एवं परिजनों ने सुबह 11 बजे से थाने का घेराव किया।

इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि पुलिस अगर गुमशुदगी रिपोर्ट दर्ज होने के बाद सक्रियता बरती होती तो यह घटना नहीं हुई होती। थानाध्यक्ष दुष्यंत सिंह ने जल्द पर्दाफाश करने का आश्वासन दिया। तब जाकर एक घंटे दोपहर 12 बजे घेराव समाप्त हुआ। इधर घेराव की सूचना पर कासिमाबाद, नोनहरा, बिरनो थानों की पुलिस मरदह थाने पर जमी रही। इस दौरान सतवीर सिंह, मनीष, शेषनाथ सिंह, विनय सिंह, बिट्टू सिंह, प्रीतम सिंह, आकाश सिंह, सोनू सिंह, भोलू सिंह, राघवेंद्र सिंह और कृष्णा सिंह मौजूद रहे।