एमिटी विश्वविद्यालय में ‘स्थायी उद्यमिता और मूल्य सृजन के लिए व्यापार परिवर्तन’ पर अंर्तराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन
छात्रों को व्यापार में परिवर्तन के जरीए स्थायी उद्यमिता और मूल्य सृजन के लिए परिवर्तनकारी रणनीतियो ंकी जानकारी प्रदान करने के लिए एमिटी विश्वविद्यालय के एमिटी कॉलेज ऑफ कॉमर्स एंड फाइनेंस द्वारा यूके के एसोसिएशन ऑफ चार्टर्ड सर्टिफाइड अकाउंटेंट्स (ACCA), गोल्डस्मिथ्स, यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन और मिडलसेक्स यूनिवर्सिटी, दुबई के सहयोग से ‘‘स्थायी उद्यमिता और मूल्य सृजन के लिए व्यापार परिवर्तन’’ विषय पर अंर्तराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया गया।
इस सम्मेलन का शुभारंभ सीआईआई आईटीसी सेंटर ऑफ एक्सलेंस फॉर संस्टेनेबल डेवलपमेंट के सीईएसडी के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर शिखर जैन, एमिटी गु्रप वाइस चांसलर डा गुरिंदर सिंह, इटली के यूनिवर्सिटी ऑफ ट्रेंटो के अर्थशास्त्र एवं प्रबंधन विभाग के प्रोफेसर डा एंड्रिया कैपुटो, इंडोरामा कोरपोरेशन के चीफ सस्टनेबिलिटी ऑफिसर संदीप श्रीवास्तव, रोस्टेरी कॉफी हाउस एंड कोलोकल चॉकलेट्स के संस्थापक निशंात सिन्हा, एसीसीए इंडिया के एजुकेशन पाटर्नर रिलेशनशिप के प्रमुख प्रभांशु मित्तल और एमिटी कॉलेज ऑफ कॉमर्स एंड फाइनेंस की निदेशक डा सुजाता खंडाई द्वारा किया गया।

सम्मेलन का शुभारंभ करते हुए सीआईआई आईटीसी सेंटर ऑफ एक्सलेंस फॉर संस्टेनेबल डेवलपमेंट के सीईएसडी के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर श्री शिखर जैन ने कहा कि इस सम्मेलन के तीन प्रमुख हिस्से है जो व्यापार परिवर्तन, स्थायी उद्यमिता और मूल्य सृजन है। जब भारत ने जी 20 की अध्यक्षता की तो हमने विश्व में प्रमुखता से अपने पक्ष को रखा। आज भारत के कार्यो का प्रभाव विश्व पर पड रहा है। जब हम स्थायीत्व की बात करते है तो विश्व हमसे चुनौतियों के समाधान की अपेक्षा कर रहा है। श्री जैन ने कहा कि आपको दावोद सीइ्रओ सम्मेलन के दौरान प्रदान किये गये ग्लोबल रिस्क परसेप्शन को समझना चाहिए। वर्तमान समय में व्यापार परिवर्तन तीन बेहद महत्वपूर्ण स्तंभ है जिसमें जलवायु रणनीती, जैवविविधता प्रभाव और च्रकीय अर्थव्यवस्था शामिल है। हमारी पीढ़ी बहुत अधिक सैद्धंातिक आधारित थी जबकी आापकी पीढ़ी प्रयोगिक हैं। आज के उद्यमी जोखिम की बजाय चुनौतियों को चुनकर उनका समाधान ढूढंते है।
एमिटी गु्रप वाइस चांसलर डा गुरिंदर सिंह ने संबोधित करते हुए कहा कि जब हम व्यापार करते है तो हमें प्रकृति और स्थायी व्यापार के संर्दभ में भी विचार करना चाहिए। जब अमेरिका के प्रेसीडेंट कोई घोषणा करते है तो उसका असर भारत के स्टॉक एक्सचेज पर होता है यह उस व्यक्ति और उसके पद का प्रभाव है। हर व्यक्ति उद्यमी नही बन सकता इसलिए अपने अदंर नेतृत्वता, प्रबंधन आदि गुण विकसित करें। एमिटी इस प्रकार के सम्मेलनो ंसे आपको विशेषज्ञों से मिलने और भविष्य के व्यापार की रूपरेखा को समझने का अवसर प्रदान करता है।
इटली के यूनिवर्सिटी ऑफ ट्रेंटो के इकोनॉमिक एवं प्रबंधन विभाग के प्रोफेसर डा एंड्रिया कैपुटो ने कहा कोई भी गतिविधि व्यापार पर र्दीर्घकालिक प्रभाव उत्पन्न करती है। यह परिवतर्न सकरात्मक या नकरात्मक या प्राथमिक या द्वितीय हो सकता है। प्रो कैपुटों ने कहा कि उद्यमिता के समाजिक और पर्यावरणीय प्रभाव को समझना आवश्यक है। छात्रों को स्वंय के अंदर स्थायीत्व उद्यमिता पारिस्थतिकी तंत्र के प्रति व्यापक दृष्टीकोण विकसित करना चाहिए। उन्होनें कहा कि हमें समाज पर उद्यमशीलता के नकारात्मक प्रभाव के अुनसंधान को बढ़ावा देना होगा और प्रौद्योगिकी एवं नवाचार की भूमिका और प्रभाव पर विचार करने और प्रभाव को आकार देने की आवश्यकता है।
इंडोरेमा कोरपोरेशन के चीफ सस्टनेबिलिटी ऑफिसर श्री संदीप श्रीवास्तव ने कहा कि वर्तमान में उत्सर्जन को वैश्विक स्तर पर कम करने को प्राथमिकता दी जा रही है। ऐसे में नये व्यापारों की भूमिका और भी अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है। श्री श्रीवास्तव ने कहा कि जोखिम प्रबंधन और वित्तीय भौतिकता के संर्दभ में विस्तृत जानकारी प्रदान की।
एमिटी कॉलेज ऑफ कॉमर्स एंड फाइनेंस की निदेशक डा सुजाता खंडाई ने कहा कि दो दिवसीय इस सम्मेलन का उददेश्य विचारकों, उद्योग विशेषज्ञों और दूरदर्शी लोगों को एक साथ एक मंच पर लाना है ताकि स्थायी उद्यमिता और मूल्य सृजन के लिए परिवर्तनकारी रणनीतियों का पता लगाया जा सके। स्थिरता रिपोर्टिंग और जैव विविधता वित्त और सतत उद्यमिता पर विशेष सत्रों के अलावा, सम्मेलन में 6 तकनीकी सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिसमें 40 शोध पत्र प्रस्तुत किए जाएंगे। छात्रों को नेटवर्किंग और अनुभव प्राप्त करने के अवसर प्राप्त होगे।
दो दिवसीय सम्मेलन में आज कम्यूटेशनल टेक्स्ट विश्लेषण पर कार्यशाला का आयोजन किया गया जिसमें लंदन विश्वविद्यालय के डा इवान जुपिक ने जानकारी प्रदान की। इसके स्थायी वित्त, स्थायी मार्केटिंग और स्थायी उद्यमिता पर तकनीकी सत्रों को आयोजन भी किया गया।


