दुल्हन की तरह सजा भगवान राम जानकी लक्ष्मण प्राचीन मंदिर बद्धुपुर , आज 51 हजार लोगों के लिए होगा भंडारे का आयोजन

दुल्हन की तरह सजा भगवान राम जानकी लक्ष्मण प्राचीन मंदिर बद्धुपुर  , आज 51 हजार लोगों के लिए होगा भंडारे का आयोजन

बिरनो - अयोध्या में रामलला प्राण प्रतिष्ठा से पहले जनपद के बद्धुपुर में पुराना राम लक्ष्मण जानकी प्राचीन मंदिर पर रंगाई पुताई के साथ-साथ सजावट का कार्य हुआ पूरा यह मंदिर गांव के ही जमीदार प्रयाग सिंह और सहदेव सिंह के द्वारा 1976 ईस्वी में बनवाया गया था जिसमें भगवान राम लक्ष्मण माता जानकी की मूर्तियां अष्टधातु से बनी हुई है

लगभग 20 वर्ष से मंदिर पर पुजारी नहीं होने के बाद भी गांव और क्षेत्र की महिलाएं पुरुष प्रतिदिन सैकड़ो की संख्या में आकर पूजा पाठ और साफ सफाई भी करते हैं इस मंदिर पर कुछ वर्ष पूर्व अष्टधातु की मूर्तियों को चोरी कर लिया गया था इसके बाद हथियाराम मठ के मठाधीश भवानीनंदन यति जी महाराज ने मौके पर पहुंचकर यह प्रण किया था कि जब तक भगवान राम लक्ष्मण जानकी माता का मूर्ति नहीं मिलेगा तब तक वह माला धारण नहीं करेंगे इसके कुछ ही महीना बाद बद्धुपुर नहर के पास से भगवान राम लक्ष्मण और माता जानकी की मूर्तियां बरामद हुई थी और फिर पुनः महाराज भवानीनंदन यति जी महाराज के निर्देशानुसार मूर्तियों को मंदिर में पूजा पाठ और साफ सफाई के बाद स्थापित किया गया था

इस मंदिर की मान्यता है कि जो भी सच्चे मन से मंदिर में पूजा पाठ और अपनी मन्नते रखता है वह जरूर पूर्ण होता है मंदिर में ही भगवान शंकर जी की भी मूर्ति स्थापित है जो कहा जाता है कि बाबा काशी धाम के गर्भ गृह से हूबहू मिलता जुलता है यहां पर हमेशा जन्माष्टमी के अवसर पर सजावट कर धूमधाम से मनाया जाता है मंदिर पूर्ण रूप से पत्थर का बना हुआ है मंदिर में कहीं भी जोड़ का निशान मौजुद नहीं है मंदिर में लगे हुए गाटर भी अपने आप में एक इतिहास रखते हैं यह गाटर रंगून सिंगापुर से 1976 में मनाया गया था ।

 9 दिन से मंदिर की रंगाई पुताई सुंदरता सफाई गांव के सहयोग से किया जा रहा है प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर संभ्रांत जनों ने बैठकर निर्णय लिया कि भविष्य में पुजारी के रहने के लिए कमरा निर्माण चल रहा है और रसोई घर भी तैयार कर सहयोग प्रदान करेंगे ।

इस मंदिर पर पूरे क्षेत्र में सामाजिक समरसता का बहुत बड़ा केंद्र रहा है होली में सबसे पहले ठाकुर जी को अबीर लगता है फिर गांव में गुलाल खेला जाता है

एक वक्त हुआ करता था जब गांव में किसी के भी घर पर शादी विवाह और छोटे-मोटे कार्यक्रम होते थे वह इस मंदिर पर संपन्न होता था। रामचरितमानस और अखंड पाठ के साथ-साथ हवन पूजन और भंडारे का आयोजन किया गया है जिसमें क्षेत्र के आम जनमानस बड़ी संख्या में मौजूद रहेंगे।

आज 51 हजार लोगों के लिए भंडारे का भी आयोजन है यह कार्यक्रम गांव के सभी लोगों के भक्ति में सहयोग से हो रहा है।