केरल में एसएफआई अपराधियों द्वारा छात्र को बुरी तरह प्रताड़ित कर आत्महत्या मामले में एबीवीपी का प्रदर्शन
दिल्ली विश्वविद्यालय में एसएफआई का पुतला दहन कर एबीवीपी ने किया विरोध प्रदर्शन
एसएफआई की गुंडागर्दी तथा आपराधिक प्रवृत्ति से शैक्षणिक संस्थान असुरक्षित: एबीवीपी
नई दिल्ली - अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने मंगलवार को दिल्ली विश्वविद्यालय के उत्तरी परिसर स्थित रामजस कॉलेज के चौराहे पर केरल में एसएफआई से जुड़े अपराधियों द्वारा केरल के वायनाड में स्थित केरल वेटनरी एंड एनिमल साइंस यूनिवर्सिटी के द्वितीय वर्ष के छात्र जेएस सिद्धार्थन को बुरी तरह प्रताड़ित, मारपीट कर आत्महत्या को मजबूर करने के मामले में प्रदर्शन करते हुए एसएफआई का पुतला फूंका एवं घटना की शीघ्र जॉंच पूर्ण कर आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की मॉंग की । केरल के शैक्षणिक संस्थानों में सत्ताधारी पार्टी सीपीएम के संरक्षण में उसके छात्र संगठन स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) से जुड़े अपराधियों द्वारा लगातार हिंसा, भ्रष्टाचार, छेड़खानी की घटनाओं में कार्रवाई से पीछे हटने की विफलता पर एबीवीपी ने केरल सरकार की कड़ी निन्दा तथा भर्त्सना की ।

उल्लेखनीय है कि केरल वेटनरी एंड एनिमल साइंस यूनिवर्सिटी के द्वितीय वर्ष के छात्र जेएस सिद्धार्थन का 18 फरवरी को वायनाड कैंपस हॉस्टल के बाथरूम में शव मिला था, जॉंच में सामने आया है कि जेएस सिद्धार्थन के साथ एसएफआई से जुड़े अपराधियों ने केबल तार, बेल्ट से हमला कर बुरी तरह मारपीट की तथा उक्त छात्र को छात्रावास में नंगा कर परेड कराई। उक्त जघन्य घटना के बाद 18 फरवरी को जेएस सिद्धार्थन का शव हॉस्टल बाथरूम में लटकता हुआ मिला था। घटना के बाद से ही केरल में एबीवीपी की विभिन्न इकाइयों द्वारा न्याय की मॉंग तथा एसएफआई के गुंडों-अपराधियों की लगातार अपराध संलिप्तता को रोकने की मॉंग को लेकर विरोध प्रदर्शन जारी है।
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ सह - सचिव सचिन बैसला ने कहा कि, वामपंथी छात्र संगठन एसएफआई का लंबा आपराधिक इतिहास रहा है। केरल के शैक्षणिक परिसर सीपीएम संरक्षित अपराधियों की हिंसक गतिविधियों का अड्डा बन गए हैं। केरल में सिद्धार्थन के साथ एसएफआई से जुड़े अपराधियों द्वारा जघन्य रैगिंग के परिणामस्वरूप आत्महत्या मामले ने एसएफआई तथा वामपंथी छात्र संगठनों से शैक्षणिक संस्थानों को खतरे को पुनः उजागर कर दिया है। केरल के शैक्षणिक परिसरों में हो रहे आपराधिक कृत्यों में संलिप्तता से एसएफआई का हिंसक इतिहास पुनर्रेखांकित हो रहा है। आम विद्यार्थी इन वामपंथी गुंडों को कड़ा जवाब देंगे। आज विद्यार्थी परिषद ने दिल्ली विश्वविद्यालय में एसएफआई का पुतला दहन कर इसका कड़ा विरोध किया तथा आगे इस प्रकार की घटनाएं न हो इसको लेकर एसएफआई के गुंडों पर जल्द से जल्द सख़्त कार्रवाई करने की मांग रखी।
एबीवीपी डीयू इकाई मंत्री सौम्या वर्मा ने कहा कि, एबीवीपी देश भर के अलग-अलग शैक्षणिक परिसरों में केरल के छात्र जेएस सिद्धार्थन की आत्महत्या के विरुद्ध आवाज उठा कर न्याय की मॉंग कर रही है। यह घटना अत्यंत शर्मनाक तथा दुर्भाग्यपूर्ण है। स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के गुंडे लगातार अपनी हिंसात्मक गतिविधियों से शैक्षणिक परिसरों के स्वच्छ और स्वस्थ माहौल को दूषित करने का काम कर रहे हैं। केरल सरकार के संरक्षण में एसएफआई शैक्षणिक परिसरों में लोकतंत्र को खत्म करके अराजकता एवं गुंडागर्दी के माहौल को बढ़ावा दे रही है। एबीवीपी मॉंग करती है कि सिद्धार्थन के परिजनों को शीघ्र न्याय मिले तथा एसएफआई के गुंडों पर लगाम लगाने के लिए कड़ी कार्रवाई की जाए।
इस विरोध प्रदर्शन में दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ सचिव अपराजिता, प्रांत सह - मंत्री आशीष सिंह के साथ विद्यार्थी परिषद के सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित थे।


