शिक्षा प्रदान करने वाली निवेदीता का सिर कूचल कर उतारा मौत के घाट….

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विकास त्रिपाठी की रिपोर्ट

वाराणसी:PNI News: वाराणसी की स्त्री रोग विशेषज्ञ डाक्टर रीना सिंह की मौत की गुत्थी अभी तक सुलझी भी नहीं है और पुलिस के सामने एक और चुनौती आ गई है। लंका क्षेत्र के नरोत्तमपुर गांव में घर के अंदर ही 32 वर्षीया टीचर निवेदिता सिंह की सिर कूचकर हत्या कर दी गई। निवेदिता पास के महेशपुर में स्थित सरस्वती शिशु मंदिर में शिक्षिका थीं। इस हत्या की जानकारी सोमवार दोपहर मिली जब बच्चे कोचिंग पढ़ने निवेदिता के घर पहुंचे थे। दरवाजा न खुलने पर पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस दरवाजा तोड़कर घर में घुसी तो उसे जमीन पर खून में लथपथ निवेदिता का शव पड़ा मिला। उसके सिर पर धारदार हथियार से प्रहार किए गए थे। रीना की तरह निवेदिता की हत्या का आरोप भी उसके पति पर गया है। मौके पर पहुंचे निवेदिता के पिता सुबोध और मां प्रेम शीला देवी ने निवेदिता के पति और गांव के ही एक युवक पर हत्या का आरोप लगाया है। निवेदिता ने लगभग साढ़े तीन वर्ष पूर्व पति के खिलाफ घरेलू हिंसा का मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप है कि निवेदिता को मुकदमा वापस लेने के लिए धमकी दी जा रही थी।
क्षुब्ध परिजनों ने पुलिस को शव लेने जाने से रोक भी दिया। बाद में पहुंचे सीओ भेलूपुर ने आरोपितों की गिरफ्तारी का आश्वासन देकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजवाया। पिता ने दामाद शैलेन्द्र सिंह व नरोत्तमपुर के शैलेश के खिलाफ हत्या की तहरीर दी है। सीओ भेलूपुर का कहना है कि जांच के बाद केस दर्ज होगा। मूल रूप से बिहार के सुबोध ठाकुर पिछले कई वर्षों से नगवा में रहते हैं और रामनगर में किताब की दुकान चलाते हैं। उन्होंने बड़ी बेटी निवेदिता की शादी दस साल पहले नरोत्तमपुर निवासी रामधनी सिंह उर्फ कल्लू सिंह के बड़े बेटे शैलेंद्र के साथ की थी। शादी के छह साल बाद शैलेंद्र व निवेदिता में अनबन हो गई। फिर शैलेंद्र भिलाई में रहने लगा। वह एक खाद कंपनी में रीजनल मैनेजर है। पिछले महीने दो जुलाई को टैगोर टाउन स्थित घर पर रीना की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। पति डाक्टर आलोक सिंह ने सीढ़ी से गिरने को मौत का कारण बताया था। सीसीटीवी फुटेज से पता चला कि रीना छत से गिरी हैं। इसके बाद पति आलोक अौर सास-ससुर के खिलाफ हत्या का केस दर्ज हुआ। रीना के पिता ने आलोक के जीजा आईएएस अधिकारी एमपी सिंह पर भी धमकाने का आरोप लगाया। मुकदमा दर्ज होने के बाद सभी ससुराली फरार हो गए। कोर्ट से कुर्की की कार्रवाई शुरू हुई तो आलोक ने 23 दिन बाद सरेंडर कर दिया। पुलिस को अभी तक फोरेंसिक रिपोर्ट अौर मौके पर मिले सुसाइड नोट की राइटिंग की रिपोर्ट तक नहीं मिली है। इससे केस अनसुलझा पड़ा है। बेटी तो न्याय दिलाने के लिए रीना की बहन संध्या अौर पिता लगाता अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं।

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