पाकिस्तान से आई आवाज़ “सारे जहां से अच्‍छा हिंदोस्‍तां हमारा”

0

नई दिल्ली:PNI News : एक ओर ज‍हां पाकिस्‍तानी सरकार और सेना भारत के खिलाफ लगातार साजिश रच रहे हैं, वहीं दूसरी ओर वहीं के नेता भारत की तारीफों मे कशिदे पढ़ रहे हैं। ऐसे ही एक नेता पाकिस्‍तानी मुत्‍ताहिदा कौमी मूवमेंट (एमक्‍यूएम) के संस्‍थापक अल्‍ताफ हुसैन हैं। उन्‍होंने शनिवार को लंदन में भारत की तारीफ में ‘सारे जहां से अच्‍छा, हिंदोस्‍तां हमारा’ गाया। इस दौरान उन्‍होंने पाकिस्‍तान के झूठ की पोल भी खोली।
पाकिस्‍तानी नेता अल्‍ताफ हुसैन ने कहा कि जम्‍मू और कश्‍मीर से अनुच्‍छेद 370 हटाना भारत का आंतरिक मामला है। पाकिस्‍तान को भारत के आंतरिक मामले में दखल नहीं देना चाहिए। उन्‍होंने कहा कि पाकिस्तानी सेना और पाकिस्तान सरकार पर भरोसा नहीं किया जाना चाहिए। पाकिस्तान सरकार और वहां की सेना 72 साल से कश्मीर के मुद्दे पर उन लोगों को धोखा दे रही है। कश्मीर में अत्याचा’र का राग अलापने वाले पाकिस्तान के झूठ की कलई उसके यहां के राजनीतिक दल ही खोल रहे हैं। मुत्ताहिदा कौमी मूवमेंट (एमक्यूएम) की केंद्रीय समन्वय समिति का कहना है कि पाकिस्तान खुद कराची और सिंध प्रांत के अन्य शहरों में जु’ल्म ढा रहा है। यहां के हालात जम्मू-कश्मीर की स्थिति की उसके दावों की तुलना में कहीं ज्यादा भया’वह हैं।

केंद्रीय समन्वय समिति के उप समन्वयक कासिम अली रजा और समिति के सदस्य मुस्तफा अजीजबादी, मंजूर अहमद और अरशद हुसैन ने कहा कि पाकिस्तान की संस्थाएं देश में बलूचों, मुहाजिरों, पश्तूनों, सिंधी और अन्य दबे कुचले लोगों के उत्पीड़न और यातना का आरोप लगा रहे हैं। यह अत्याचार बड़े पैमाने पर किया जा रहा है। ये जुल्म कराची और अन्य शहरों में पाकिस्तान की राक्षसी सेना और अर्धसैनिक बलों द्वारा किया जा रहा है।

रजा ने कहा कि पाकिस्तान की ‘दुष्ट’ सेना ने अपरा’धियों के खिलाफ कारवाई के नाम पर हजारों निर्दोष मुहाजिरों को मौत के घाट उतार दिया और सैकड़ों का उनके घरों से अपहरण कर लिया जिनका अभी तक पता नहीं लग सका है। पाकिस्तान की कोई भी सरकारी संस्थान मुहाजिरों और अन्य लोगों की आवाज को सुनने को तैयार नहीं है।
एमक्यूएम मुहाजिरों के नरशंहार, अन्याय और अत्याचार के खिलाफ दुनिया के लोकतंत्रों से भी मदद मांग सकता है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि पाक के अत्याचार से परेशान लोग एक मंच के तले संयुक्त स्वतंत्रता आंदोलन भी छेड़ सकते हैं।जम्मू और कश्मीर की स्थिति से चिंतित है लेकिन हकीकत यह है कि पाकिस्तानी सेना कराची और अन्य शहरों में अत्याचार कर रही है। ऐसे में आखिर वह किस मुंह से कश्मीर में अत्याचार के लिए भारत पर आरो’प लगा सकता है? अरशद ने कहा कि खुद को बहादुर कहने वाली पाकिस्तानी सेना कश्मीर के मुद्दे पर हो-हल्ला मचा रही है लेकिन खुद पाकिस्तान में मुहाजिर, बलूच, पश्तून और अन्य दबे कु’चले लोगों को सता रही है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here