प्रार्थना एक ऐसी स्तुति है जो अपने इष्ट के प्रति बिना किसी देरी के बिना किसी के सहारे तत्क्षण परमात्मा के पास पहुच जाती है – गौरव कृष्ण गोस्वामी

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नोएडा:PNI News : भव्य जग जननी दरबार धर्मार्थ समित द्वारा परम श्रद्धेय जल वाले गुरु जी के सानिध्य में श्री शिव शक्ति महायज्ञ एवं श्री मद भागवत कथा ज्ञान यज्ञ एवं सोभाग्यशाली कन्याओ के सामूहिक विवाह का आयोजन नॉएडा स्टेडियम, सेक्टर – 21, नॉएडा में आयोजित कार्यक्रम के तीसरे दिन भागवत कथा के भागवताचार्य श्रद्धेय श्री गौरव कृष्ण गोस्वामी जी ने बताया
प्रार्थना एक ऐसी स्तुति है जो अपने इष्ट के प्रति बिना किसी देरी के बिना किसी के सहारे तत्क्षण परमात्मा के पास पहुच जाती है| उन्होंने बाते की संसार में किसी वस्तु को एक स्थान से दुसरे स्थान पर भेजने के लिए एक पोस्टमैन की आवश्यकता पड़ती है लेकिन हृदय से समर्पित की गयी प्रार्थना एक ऐसी अभिव्यक्ति है जो बिना किसी पोस्टमैन के तत्क्षण गंतव्य स्थान तक पहुच जाती है|
कथा क्रम में कपिल देव इति संवाद पर प्रकाश डालते हुए आचार्य श्री ने कहा की देवहुति जी ने पति कर्दम के वन की और चले जाने पर पुत्र कपिल के पास आई और प्रार्थना करते हुए बोली हे प्रभू हमें संसार के बंधन से मुक्त होने का मार्ग प्रदान करे |
माँ देवहुति की प्रार्थना को भगवान् कपिल ने तत्क्षण ही स्वीकार किया और ऐसा उपदेश प्रदान किया कि देवहुति जी संसार सागर से मुक्त होकर सिद्धिरा नाम की नदी के रूप में परणित होकर मुक्त हो गई |
आगे सती चरित्र की उपारूपान आचार्य श्री ने विस्तार से श्रोताओ को श्रवण कराया जिससे कथा प्रांगण का वातावरण शिवमय हो गया |
परम भक्त ध्रुव चरित्र पर व्याख्यान देते हुए उन्होंने कहा की मात्र पांच वर्ष की अवस्था में ध्रुव को दर्शन देकर अखण्ड राज्य प्रदान करते हुए उनके लिए ध्रुव लोक का निर्माण कर दिया|
आचार्य श्री ने बताया कि प्रभु के दर्शन के लिए व्यक्ति को सत्संग सेवा सुमिरन में हमेशा लीन रहना चाहिए और अपने को मानव बनाने का प्रयतन करो तुम यदि इसमें सफल हो गये तो तुम्हे इस कार्य में सफलता निश्चित रूप से प्राप्त होगी | कुसंगति की अपेक्षा अकेले रहना सबसे उत्तम कार्य है|
कल की कथा में विशेष महोत्सव के रूप में श्री कृष्ण जन्म (नंदोत्सव) विशेष धूमधाम से मनाया जायेगा| आप सभी प्रभु कथा प्रेमी सपरिवार सादर आमंत्रित है | कथा का समय प्रतिदिन की भाति सायं 4 बजे से 8 बजे तक रखा गया है |
नोट :- 13 जून को होने वाले सोभाग्यशाली कन्याओ के विवाह में कन्याओ को आशीर्वाद देने के लिए सभी सपरिवार अवश्य पधारे|

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